डॉ. सोनी आनंद वरिष्ठ प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और उन्हें निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने MBBS और DGO की पढ़ाई की है। वे इनफर्टिलिटी के उपचार और हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी अर्थात् जोखिम वाली गर्भावस्था की देखभाल में विशेषज्ञ हैं। फिलहाल वे दिल्ली में अपना क्लिनिक चलाती हैं, जहां वे गर्भावस्था और महिलाओं संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए व्यापक चिकित्सा देखभाल प्रदान करती हैं।
THIP Media से बातचीत में डॉ. सोनी आनंद ने मरीजों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के महत्व के बारे में बताया। आगे पढ़ें…
मरीजों के द्वारा की जाने वाली आम गलतियां क्या हैं?
मरीजों के द्वारा की जाने वाली आम गलतियों में से एक है अपने लक्षणों को ऐसी घटनाओं से जोड़ना, जिनका उनसे कोई संबंध नहीं होता है। कई बार वे पर्याप्त जानकारी के बिना ही किसी बीमारी या समस्या का कारण भी मान लेते हैं। इसके अलावा, मरीज अक्सर यह ठीक से याद नहीं रख पाते कि उनके लक्षण कितने समय से हैं या उनके मासिक धर्म चक्र संबंधी आवश्यक जानकारी क्या है। इससे डॉक्टर के लिए उनकी स्थिति का सही आकलन करना मुश्किल हो सकता है।
स्वास्थ्य साक्षरता क्या है? यह महत्वपूर्ण क्यों है?
यह जानना जरूरी है कि स्वास्थ्य के लिए क्या अच्छा है और क्या नुकसानदायक। इसमें स्वस्थ आहार लेना, अपनी क्षमता और फिटनेस के स्तर के अनुसार व्यायाम करना और सही वजन बनाए रखना शामिल है। अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है, तो इलाज में देरी करने या खुद से दवा लेने से बचें। इसके बजाय डॉक्टर से सलाह लें और उचित इलाज करवाएं।
सिर्फ अपनी इच्छा से बार-बार लैब टेस्ट करवाना अक्सर अनावश्यक खर्च हो सकता है। केवल जांच पर ध्यान देने के बजाय, अपने डॉक्टर से उन बचाव के उपायों के बारे में पूछें, जो स्वस्थ रहने में मदद कर सकते हैं। नियमित जांच स्वास्थ्य को बनाए रखने का केवल एक हिस्सा है। यह व्यक्तिगत स्वास्थ्य जरूरतों और डॉक्टर की सलाह के आधार पर होनी चाहिए।
यदि किसी मरीज को अपने स्वास्थ्य स्थिति की बुनियादी जानकारी हो, तो यह समग्र उपचार प्रक्रिया के लिए कितना सहायक है?
जब किसी मरीज को अपनी स्वास्थ्य समस्या की बुनियादी जानकारी होती है, तब डॉक्टर के लिए पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया आसान हो जाती है और इसमें कम समय लगता है। जो व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को महत्व देता है, वह डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज पूरा करने और आगे की देखभाल के लिए नियमित रूप से संपर्क में रहने की अधिक संभावना रखता है। ऐसे मरीज से बात करना वास्तव में राहत की चीज़ होती है, जो अपनी स्वास्थ्य समस्या को समझता है और अपने इलाज व देखभाल में सक्रिय रूप से भाग लेता है।
चिकित्सा गलत जानकारी उपचार प्रक्रियाओं को कितना प्रभावित कर सकती है?
चिकित्सा गलत जानकारी अक्सर समय पर बीमारी की पहचान और सही इलाज में देरी कर देती है, जिसका मरीज की सेहत पर सीधा असर पड़ सकता है। इसके कारण मरीज का वह कीमती समय बर्बाद हो जाता है, जिसमें उन्हें सही इलाज मिल सकता था और वे जल्दी ठीक हो सकते थे। यह इलाज करने वाले डॉक्टरों के लिए भी काफी परेशानी वाला होता है क्योंकि सही चिकित्सा देने से पहले उन्हें मरीज की गलतफहमियों को दूर करना और उसका भरोसा दोबारा कायम करना पड़ता है।
आपके मरीजों के सबसे आम मिथक क्या हैं?
मेरी स्त्री रोग और प्रसूति चिकित्सा की प्रैक्टिस में एक आम गलतफहमी यह देखने को मिलती है कि गंभीर आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से जूझ रहे कुछ मरीज नस के जरिए दिए जाने वाले आयरन के उपचार से इंकार कर देते हैं। उनका मानना होता है कि चुकंदर और अनार जैसे खाद्य पदार्थ खाने से ही गंभीर एनीमिया ठीक हो जाएगा। स्वस्थ आहार जरूरी है, लेकिन गंभीर एनीमिया में चिकित्सकीय इलाज की जरूरत पड़ सकती है और सही समय पर इलाज न मिलने से गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
अन्य चिंता सर्जरी को लेकर डर है। कुछ मरीज जरूरी होने के बावजूद सुझाई गई सर्जरी से बचने की हर संभव कोशिश करते हैं। प्रसव के दौरान भी ऐसा देखने को मिलता है, जब गर्भवती महिलाएं मां और बच्चे की सुरक्षा के लिए डॉक्टर द्वारा सलाह दिए जाने के बावजूद सी-सेक्शन करवाने से मना कर सकती हैं। गर्भवती महिलाएं अक्सर अपने इलाज की तुलना उन दोस्तों से भी करती हैं, जो गर्भवती हैं और किसी दूसरे स्त्री रोग विशेषज्ञ से इलाज करा रही हैं। हर गर्भावस्था अलग होती है और सभी के लिए एक जैसा इलाज सही नहीं हो सकता।
गर्भावस्था के दौरान देखभाल मरीज की उम्र, पहले कितनी बार गर्भधारण हुआ है, जोखिम के कारणों, बच्चे की स्थिति, पिछली गर्भावस्था में हुई जटिलताओं या स्वास्थ्य समस्याओं और मां के संपूर्ण स्वास्थ्य जैसे कई कारकों के आधार पर तय की जानी चाहिए। इसलिए, अपने इलाज की तुलना किसी दूसरे व्यक्ति से करने के बजाय अपने डॉक्टर पर भरोसा करें और अपनी गर्भावस्था के लिए दी गई सलाह का पालन करें।
ऑनलाइन स्वास्थ्य गलत जानकारी से दूर रहने के लिए मरीजों को आपकी सबसे आम सलाह क्या है?
मैं मरीजों को सबसे आम सलाह यही देती हूं कि इंटरनेट पर बहुत ज्यादा सर्च न करें। अपनी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या के बारे में बुनियादी जानकारी जरूर पढ़ें, लेकिन ऑनलाइन मिली किसी भी जानकारी के आधार पर खुद अपनी बीमारी का पता लगाने या इलाज करने की कोशिश न करें। साथ ही, किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लिए बिना इंटरनेट पर बताए घरेलू नुस्खों या किसी भी इन्फ्लुएंसर की सलाह को न अपनाएं।
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