डॉ. फिरदौस शेख मुंबई के ज्योति क्लिनिक में मधुमेह और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य की अनुभवी विशेषज्ञ हैं। उन्हें 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने MBBS किया है और RCP UK तथा एमोरी स्कूल ऑफ मेडिसिन, अमेरिका से मधुमेह में डिप्लोमा प्राप्त किया है। साथ ही उन्हें ISCM और डायबिटीज़ इंडिया से फेलोशिप भी मिली है।
उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स में शोध प्रकाशित किए हैं और फुटप्रिंट्स ऑफ वेलनेस पुस्तक की लेखिका हैं।
THIP मीडिया के साथ बातचीत में डॉ. फिरदौस शेख बताती है कि चिकित्सा गलत जानकारी से उपचार में देरी होती है।
मरीजों के द्वारा की जाने वाली आम गलतियां क्या हैं?
मरीजों के द्वारा की जाने वाली आम गलतियां विभिन्न प्रकार की होती हैं। उदाहरण के लिए, अपनी परेशानी को ठीक से न बताना और लक्षणों के बारे में स्पष्ट जानकारी न देना। इसके अलावा, वे अपनी पुरानी बीमारी या चल रही दवाइयों के बारे में बताना भूल जाते हैं, जो सही उपचार के लिए आवश्यक होता है। कुछ लोग अपने लक्षणों की गंभीरता या बार-बार होने की बात कम करके बताते हैं, जिससे डॉक्टर को सही समझ बनाने में कठिनाई होती है। कई मरीज यह भी नहीं बताते हैं कि लक्षण कब शुरू हुए या किस वजह से बढ़ते या कम होते हैं। याद रखें कि अच्छा उपचार के लिए डॉक्टर को सारी जानकारी देना महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य साक्षरता क्या है? यह महत्वपूर्ण क्यों है?
स्वास्थ्य साक्षरता का अर्थ है कि मरीज स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी को समझ सके और उसके आधार पर सही निर्णय ले सके। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे मरीज डॉक्टर की सलाह को समझकर सही तरीके से उपचार प्रक्रिया का पालन कर पाता है। स्वास्थ्य साक्षरता से गलतियों और जटिलताओं का जोखिम कम होता है और व्यक्ति अपनी सेहत की ज़िम्मेदारी खुद ले पाता है। यह डॉक्टर और मरीज के बीच बेहतर संवाद बनाने में भी मदद करती है, जिससे इलाज अधिक प्रभावी होता है।
यदि किसी मरीज को अपने स्वास्थ्य स्थिति की बुनियादी जानकारी हो, तो यह समग्र उपचार प्रक्रिया के लिए कितना सहायक है?
यदि किसी मरीज को अपने स्वास्थ्य स्थिति की बुनियादी जानकारी हो, तो यह समग्र उपचार प्रक्रिया के लिए बहुत सहायक होता है। ऐसा मरीज आवश्यक लक्षणों को समय पर पहचानकर डॉक्टर से सलाह लेता है और उपचार प्रक्रिया का सही तरीके से पालन करता है। वह अपनी बीमारी को समझकर सही फैसले ले पाता है और डॉक्टर से बेहतर तरीके से बात कर पाता है। समय पर चेतावनी संकेत पहचानने से जटिलताओं से बचाव होता है और चिंता भी कम होती है। इससे अच्छे स्वास्थ्य परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
चिकित्सा गलत जानकारी उपचार प्रक्रियाओं को कितना प्रभावित कर सकती है?
चिकित्सा गलत जानकारी जानकारी उपचार प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है। इससे लोग सही समय पर डॉक्टर के पास नहीं जाते और बीमारी बढ़ सकती है। कई बार लोग सही इलाज छोड़कर गलत या बेअसर तरीकों को अपनाते हैं, जिससे उनकी सेहत बिगड़ सकती है। इस जानकारी के कारण लोग खुद से दवा लेने लगते हैं या गलत मात्रा में दवा लेते हैं, जिससे दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इससे इलाज के प्रति डर भी बढ़ता है और मरीज डॉक्टर की सलाह मानने में हिचकिचाता है। समय के साथ डॉक्टरों पर भरोसा कम हो सकता है और उपचार में देरी या जटिलताएँ बढ़ सकती हैं, जिससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
आपके मरीजों के सबसे आम मिथक क्या हैं?
एक मधुमेह विशेषज्ञ के रूप में मैं अक्सर देखती हूँ कि मरीज मधुमेह से जुड़ी गलत धारणाओं पर विश्वास कर लेते हैं। कई लोग सोचते हैं कि मधुमेह होने पर कार्बोहाइड्रेट बिल्कुल नहीं खाना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं है। कुछ लोग मानते हैं कि टाइप 2 मधुमेह, टाइप 1 जितनी गंभीर नहीं होती, जबकि दोनों में सही देखभाल आवश्यक है। कुछ मरीज सोचते हैं कि इंसुलिन शुरू करना उपचार की असफलता है, जबकि कई लोगों के लिए यह आवश्यक कदम होता है। अन्य मिथक यह है कि केवल मोटे लोगों को ही मधुमेह होता है, जबकि यह समस्या आनुवंशिक और अन्य जोखिम कारकों की वजह से हो सकती है। कई लोग मानते हैं कि प्राकृतिक मिठास का शुगर पर असर नहीं होता है, जो गलत है। पैरों की देखभाल को भी अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, जबकि यह शुरू से ही आवश्यक है। कुछ मरीज सोचते हैं कि उन्हें हमेशा पता चल जाएगा कि शुगर बढ़ी या घटी है, जबकि ऐसा हर बार संभव नहीं होता है। एक गलतफहमी यह भी है कि इंसुलिन से जटिलताएँ होती हैं, जबकि मुख्य कारण अनियंत्रित मधुमेह है। इसके अलावा, कुछ लोग मानते हैं कि वजन कम करने से टाइप 2 मधुमेह पूरी तरह ठीक हो जाती है, जबकि इसे नियंत्रित किया जा सकता है, पूरी तरह खत्म नहीं है। कुछ लोग दवाइयों को बीमारी से अधिक नुकसानदायक समझते हैं, जिससे वे आवश्यक उपचार से बचते हैं।
ऑनलाइन स्वास्थ्य गलत जानकारी से दूर रहने के लिए मरीजों को आपकी सबसे आम सलाह क्या है?
मैं मरीजों को सलाह देती हूँ कि स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी हमेशा भरोसेमंद स्रोतों से ही लें, जैसे बड़े मेडिकल संस्थान या मान्यता प्राप्त संस्थाएँ। किसी भी जानकारी को मानने से पहले उसे एक से अधिक विश्वसनीय स्रोतों से जांच लें। जादुई इलाज या ऐसे दावों से सावधान रहें क्योंकि वे समग्र स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऑनलाइन मिली किसी भी स्वास्थ्य जानकारी पर विश्वास करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। साथ ही, उन वेबसाइटों से सावधान रहें जो बड़े दावे करते हुए अपने उत्पाद बेचती हैं।
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