आज के दौर में, जब तकनीक उद्योगों को बदल रही है और लोगों के जीवन में बड़े बदलाव ला रही है, डॉ. सतीश कुमार रेड्डी सी दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों—फंक्शनल हेल्थ और शिक्षा—में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उनका उद्देश्य कौशल की कमी को दूर करना और ऐसे स्वस्थ व जागरूक समाज का निर्माण करना है, जहां लोगों को बेहतर जानकारी और अवसर मिल सकें। उन्हें अमेरिका के स्टार्टअप्स में काम करने वाले भारतीय मूल के टॉप 20 सीईओ में शामिल किया गया है और दुनिया के टॉप 100 ग्लोबल एडटेक लीडर्स में भी जगह मिली है। इसके अलावा, वे भारत के 2024 के 10 सबसे प्रभावशाली सीएसओ और 2024 के टॉप 10 चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर्स में भी शामिल हैं। प्रोडक्ट, तकनीक और बिजनेस को साथ लेकर काम करते हुए वे हेल्थटेक और एडटेक के क्षेत्र को आगे बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल दौर में नेतृत्व की एक नई मिसाल भी कायम कर रहे हैं। पेश है THIP Media के साथ उनकी बातचीत का एक अंश:
स्वास्थ्य का अर्थ क्या है?
मेरे लिए स्वास्थ्य एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के बीच संतुलन हो। अन्य शब्दों में, स्वास्थ का अर्थ है अच्छा महसूस करना, जिंदगी का आनंद लेना और बिना किसी रुकावट के अपनी पसंद के काम कर पाना। स्वास्थ्य खुद को दिया जाने वाला सबसे अच्छा उपहार है और दूसरों को भी स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करता है।
आप अभी कौन-सी किताब पढ़ रहे हैं? आपके पेशेवर जीवन पर किस किताब का सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है?
मैं इस समय Casey Means की किताब Good Energy पढ़ रहा हूं। यह किताब बताती है कि परेशान करने वाले लक्षणों और गंभीर बीमारियों से बचते हुए बेहतर जीवन कैसे जिया जा सकता है। हमारी कोशिकाओं को सही तरीके से ऊर्जा मिलना जरूरी है, ताकि वे अच्छी ऊर्जा बना सकें। यही ऊर्जा हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के हर पहलू को प्रभावित करती है।
Mark Hyman की Young Forever किताब का भी मेरे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन पर काफी प्रभाव पड़ा है। यह किताब हमें अपने शरीर, स्वास्थ्य और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को नए नजरिए से समझने के लिए प्रेरित करती है। साथ ही, सही खान-पान, जीवनशैली और आधुनिक स्वास्थ्य उपायों के जरिए स्वस्थ और लंबा जीवन जीने के तरीकों पर जोर देती है।
क्या स्वास्थ्य को लेकर आपकी सोच ने कभी आपके कार्यस्थल की रणनीतियों और अभियानों को प्रभावित किया है?
बिल्कुल। मैं स्वास्थ्य को एक समग्र नजरिए से देखता हूं, जिसमें बीमारी से बचाव और व्यक्ति की जरूरत के अनुसार देखभाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी सोच ने मुझे ऐसे प्रोडक्ट और रणनीतियां बनाने के लिए प्रेरित किया है, जो लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हैं और लंबे समय तक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हैं। मैंने ऐसे अभियानों को बढ़ावा दिया है, जिनमें मेटाबॉलिक हेल्थ, तनाव को नियंत्रित करने और व्यक्ति के अनुसार सही पोषण के महत्व पर ध्यान दिया जाता है। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति का स्वास्थ्य सफर अलग होता है और तकनीक लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार बेहतर समाधान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हमारा ध्यान केवल तुरंत समाधान देने के बजाय लंबे समय तक अच्छे स्वास्थ्य पर रहता है। इसी सोच के कारण हम ऐसे यूजर एक्सपीरियंस और प्रोडक्ट तैयार करते हैं, जो अच्छी और टिकाऊ आदतें बनाने, लोगों की भागीदारी बढ़ाने और लगातार बेहतर परिणाम पाने में मदद करें।
अपने व्यस्त काम के साथ आप अपनी सेहत और निजी जिंदगी के बीच संतुलन कैसे बनाए रखते हैं?
काम और निजी स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए निरंतरता और आत्म-अनुशासन जरूरी है। मैंने अपने लिए तीन शब्दों का एक दैनिक मंत्र बनाया है—प्राथमिकता तय करना, निगरानी रखना और सुधार करना। मैं अपने जरूरी कामों को प्राथमिकता देता हूं, दिन की योजना बनाता हूं और अपनी टीम को जिम्मेदारियां सौंपकर उन्हें काम करने की स्वतंत्रता देता हूं। इससे समय और काम को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलती है। आप जो भी करते हैं, उसका रिकॉर्ड रखना जरूरी है, ताकि आंकड़ों के आधार पर उसमें सुधार किया जा सके। तकनीक में मेरी विशेष रुचि होने के कारण मैं IoT डिवाइस और वियरेबल्स की मदद से अपनी शारीरिक स्थिति, खान-पान, गतिविधि, नींद और तनाव पर नजर रखता हूं। यह मेरी निजी दिनचर्या का हिस्सा है और मेरे काम के साथ भी जुड़ा हुआ है। स्वास्थ्य से जुड़े इन रोजाना के पहलुओं में सुधार करने से समग्र स्वास्थ्य और जीवनशैली को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है।
क्या आप हमें अपने सामान्य दिन की थोड़ी झलक दे सकते हैं?
मेरा सामान्य दिन रणनीति बनाने, टीम मीटिंग्स और आंतरिक व बाहरी लोगों के साथ काम करने के बीच गुजरता है। सुबह मैं जरूरी आंकड़ों और प्रगति की समीक्षा करता हूं। इसके बाद टीम, ग्राहकों और नेतृत्व टीम के साथ मीटिंग्स होती हैं, जिनमें महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं। दोपहर का समय गहराई से काम करने, प्रोडक्ट की समीक्षा और आगे की योजना बनाने के लिए होता है। लंच के दौरान अक्सर नेटवर्किंग का मौका भी मिलता है। शाम को मैं अगले दिन की योजना बनाकर दिन खत्म करता हूं।
क्या आपकी कोई ऐसी मॉर्निंग रूटीन है, जिसे आप नियमित रूप से अपनाते हैं?
मेरी सुबह की दिनचर्या पूरे दिन को संतुलित रखने की नींव है। मैं दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार और करीब 45 मिनट की कठिन एक्सरसाइज से करता हूं। इसके बाद गर्म और ठंडे पानी से स्नान करता हूं। इसके बाद पौष्टिक नाश्ता करता हूं, जो स्वस्थ और टिकाऊ खान-पान की उस सोच को दर्शाता है, जिसे हम अपने प्रोडक्ट्स के जरिए बढ़ावा देते हैं। मैं रोज अपने लक्ष्यों की समीक्षा करता हूं, ताकि मेरे काम हमारी सोच और उद्देश्य के अनुरूप रहें। यह दिनचर्या मुझे काम में अपना सर्वश्रेष्ठ देने और उन मूल्यों को अपनी जिंदगी में अपनाने में मदद करती है, जिनकी हम बात करते हैं।
1 से 5 के पैमाने पर, इस समय आप खुद को कितना स्वस्थ मानते हैं?
मैं अपनी सेहत को 5 में से 4 अंक दूंगा। नियमित एक्सरसाइज, अच्छी नींद और सही खान-पान की वजह से ज्यादातर दिनों में मैं खुद को मजबूत और ऊर्जावान महसूस करता हूं। हालांकि, अगले छह महीनों में मेरा लक्ष्य 4.5 तक पहुंचना है और इसके लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
अक्सर कहा जाता है कि किसी कंपनी की सोच उसके लीडर की सोच को दर्शाती है। क्या स्वास्थ्य को लेकर आपकी सोच ने काम की दिशा को भी प्रभावित किया है?
बिल्कुल। स्वास्थ्य को लेकर मेरी सोच ने काम की दिशा को काफी प्रभावित किया है। मेरे लिए स्वास्थ्य का अर्थ सिर्फ बीमारी न होना नहीं है, बल्कि इसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का संतुलन भी शामिल है। काम के स्तर पर इसका अर्थ ऐसे प्रोडक्ट बनाना है, जो लोगों को उनकी सेहत के बारे में उपयोगी जानकारी दें, उन्हें बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करें और तकनीक के जरिए स्वास्थ्य की जांच को ज्यादा आसान और सुलभ बनाएं। हमारा उद्देश्य सिर्फ बीमारी के लक्षणों का इलाज करना नहीं, बल्कि उनकी असली वजह को समझना भी है। यही सोच मेरे अपने स्वास्थ्य को संतुलित रखने के नजरिए में भी दिखाई देती है। इस सोच ने हमारे यूजर एक्सपीरियंस, स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों को समझने और लोगों के लिए समाधान तैयार करने के तरीके को प्रभावित किया है। हमारा लक्ष्य लोगों को ज्यादा स्वस्थ और बेहतर जीवन जीने में मदद करना है।
वर्क-लाइफ बैलेंस का आपका मंत्र क्या है?
आज की दुनिया में काम और निजी जिंदगी के बीच की सीमाएं अक्सर धुंधली हो जाती हैं। मैंने ‘सोच-समझकर नेतृत्व करने’ की सोच अपनाई है। इसका अर्थ है कि काम में सिर्फ घंटों की संख्या के बजाय उसके प्रभाव पर ध्यान देना, टीम को जिम्मेदारियां सौंपना और उन्हें सशक्त बनाना। इससे मुझे खुद के विकास, स्वास्थ्य और परिवार के लिए भी समय मिल पाता है, जो लंबे समय तक सफलता के लिए आवश्यक हैं।
क्विक शॉट्स
आपकी सोशल मीडिया रूटीन कैसी है?
मैं सोशल मीडिया से दूर रहता हूं, सिर्फ LinkedIn प्रयोग करता हूं।
जॉगिंग, वॉकिंग, योग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग?
वॉकिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग।
सुबह की एक्सरसाइज या शाम की?
सुबह की एक्सरसाइज।
दिन की शुरुआत नारियल पानी या हेल्दी स्मूदी से?
नींबू के साथ नारियल पानी या चुकंदर का जूस।
भरपूर नाश्ता या सिर्फ कॉफी?
प्रोटीन से भरपूर नाश्ता और फिल्टर कॉफी।
फिलहाल किस हेल्थ ट्रेंड में आपकी सबसे ज्यादा दिलचस्पी है?
जरूरी सप्लीमेंट्स और उनकी सही मात्रा के बारे में पता लगाना।
मनोरंजन का साधन—टीवी, OTT या किताबें?
किताबें पढ़ना और OTT।
आपकी लीडरशिप स्टाइल को एक शब्द में कैसे बताएंगे?
डेमोक्रेटिक लीडरशिप। “सशक्त बनाना ही क्षमता और सफलता के बीच का पुल है।”
आपके स्वास्थ्य लक्ष्य क्या हैं?
स्वस्थ रहना और ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करना।
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