डॉ अलमास फातमा, MBBS, फैमिली मेडिसिन में डिप्लोमा (RCGP, UK व AHERF), डिजिटल हेल्थ में PG (IIMR और ADHS) को 9 सालों का अनुभव है। इनकी विशेषज्ञता पारिवारिक चिकित्सा, प्राथमिक और निवारक देखभाल और मधुमेह विज्ञान में है। THIP Media के साथ बातचीत में डॉ अलमास फातमा ने बताया कि गलत स्वास्थ्य दावे सेहत के लिए किस प्रकार नुकसानदायक हो सकते हैं।
मरीजों के द्वारा की जाने वाली आम गलतियां क्या हैं?
मरीज स्वास्थ्य संबंधी संपूर्ण जानकारी न देने की गलती करते हैं। उदाहरण के लिए, वे ‘मैं ठीक महसूस नहीं कर रहा हूं’ या ‘मैं थका हुआ हूं’ संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी उदाहरण के लिए अवधि, कारण इत्यादि नहीं देते हैं। इसके अलावा वे जीवनशैली में किए गए परिवर्तनों, आहार, तनाव कारक या संक्रमण के संभावित जोखिमों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी को नज़रअदाज़ कर देते हैं।
कई मरीज इंटरनेट से प्राप्त जानकारी पर अधिक विश्वास करते हैं। इसके अलावा कुछ लोग शर्म, डर या अत्यधिक चिंतित न दिखने के कारण अपने लक्षणों की व्याख्या नहीं करते हैं। इसके परिणामस्वरूप उनकी सेहत बिगड़ जाती है।
प्रभावी संचार में बाधाओं में भाषा अंतर, सांस्कृतिक विविधताएं और निम्न स्वास्थ्य साक्षरता स्तर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, यौन या पेशाब संबंधी समस्याओं से पीड़ित बात करने से झिझकते हैं।
स्वास्थ्य साक्षरता क्या है? यह महत्वपूर्ण क्यों है?
स्वास्थ्य साक्षरता का अर्थ किसी व्यक्ति द्वारा स्वास्थ्य जानकारी को समझना और उसका पालन करना है। इसमें जटिल चिकित्सा अवधारणाओं को समझना, स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली से गुजरना और स्वास्थ्य के महत्व को समझना शामिल हैं। स्वास्थ्य साक्षरता सही निर्णय लेने और रोगी देखभाल के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसा रोगी अपने लक्षणों को अधिक स्पष्ट रूप से बता सकते हैं, प्रासंगिक प्रश्न पूछ सकता है और चिकित्सक द्वारा दी गई जानकारी को समझ सकते हैं।
मरीज को उसके स्वास्थ्य की बुनियादी जानकारी होना उसके समग्र उपचार प्रणाली के लिए कितना सहायक है?
मरीज को उसके स्वास्थ्य की बुनियादी जानकारी होना उसके समग्र उपचार प्रणाली के लिए काफी सहायक है। ऐसा मरीज अपने लक्षणों, चिंताओं और प्रश्नों को अधिक स्पष्ट रूप से व्यक्त कर सकते हैं। इससे उपचार प्रणाली बेहतर तरीके से करने में सहायता मिलती है। इसके अलावा ऐसा मरीज स्वास्थ्य संबंधी सही निर्णय ले सकता है। वह विभिन्न उपचार विकल्पों के लाभों और दुष्प्रभावों पर विचार कर सकते हैं, जिससे उसकी ठीक होने की संभावना बढ़ सकती है।
चिकित्सीय गलत सूचना उपचार प्रक्रियाओं को किस प्रकार प्रभावित कर सकती है?
चिकित्सीय गलत सूचना उपचार प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए इसकी वजह से निदान और उपचार में देरी, उपचार योजनाओं का पालन न करना, अप्रमाणित उपचारों को प्राथमिकता देना, डॉक्टर-रोगी के बीच संदेह उत्पन्न होना व अन्य जोखिमों की संभावना के बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
आपके मरीजों के सबसे आम मिथक क्या हैं?
मरीज विभिन्न प्रकार के मिथक के शिकार होते हैं। उदाहरण के लिए वे ऐसा मानते हैं कि टीके ऑटिज़्म का कारण बनते हैं, प्राकृतिक उपचार हमेशा सुरक्षित और प्रभावी होते हैं, एंटीबायोटिक्स सभी संक्रमणों को ठीक करते हैं, डिटॉक्स आहार और स्वच्छता स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, उंगलियां चटकाने से गठिया होता है, कैंसर का अर्थ मौत है।
ऑनलाइन स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाओं से कैसे बचा जा सकता है?
स्रोत सत्यापित करें। सरकारी स्वास्थ्य वेबसाइटों, प्रसिद्ध चिकित्सा संस्थानों और सहकर्मी-समीक्षित पत्रिकाओं जैसे प्रतिष्ठित स्रोतों का प्रयोग करें। यह सुनिश्चित करें कि वह जानकारी केवल चिकित्सक द्वारा ही प्रदान की गई हो। सोशल मीडिया पर मौजूद दावों पर आंख-मूंदकर विश्वास न करें क्योंकि ये स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at factcheck@thip.in. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.


