डॉ प्रकृति मल्होत्रा, MBBS/MD (DVL) वर्तमान में Indian Association of Dermatologists, Venereologists और Leprologists, National Residents Committee 2023 के लिए पूर्वी क्षेत्र समन्वयक के रूप में कार्य कर रही हैं। इनके पास चार वर्षों से अधिक का अनुभव है और वर्तमान में ये MGM मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, जमशेदपुर, झारखंड में त्वचाविज्ञान, वेनेरोलॉजी और कुष्ठ रोग विभाग में एक वरिष्ठ रेजिडेंट के रूप में कार्यरत हैं। THIP Media के साथ की गई एक बातचीत में डॉ. प्रकृति मल्होत्रा ने बताया कि मरीजों के लिए स्वास्थ्य साक्षरता कितनी आवश्यक है:
मरीजों के द्वारा की जाने वाली आम गलतियां क्या हैं?
मैंने मरीजों द्वारा की जाने वाली विभिन्न प्रकार की गलतियों का अनुभव किया है, जो वे अपनी त्वचा के संदर्भ में करते हैं:
- वर्तमान की बीमारियों की पर्याप्त जानकारी न देना:- मरीज यह जानकारी छिपाते हैं कि क्या उन्हें वर्तमान में कोई बीमारी है। इसके अतिरिक्त उन्हें दवाओं की जानकारी न होने के साथ-साथ उनके द्वारा अपनाए गए उपचार या नुस्खों के बारे में भी नहीं पता होता है। इसके अलावा डॉक्टर से बात करते समय वे उन सभी दवाओं की भी जानकारी नहीं देते हैं, जिनका सेवन वे वर्तमान में कर रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से सप्लीमेंट और OTC दवाएं शामिल होती हैं। एक त्वचा विशेषज्ञ के रूप में हम विभिन्न मरीजों से मिलते हैं और हम उन्हें ऐसी दवाई लिखते हैं, जिन्हें वे रक्तचाप, मधुमेह इत्यादि की दवाइयों के साथ ले सकते हैं। इसलिए, हमारे लिए यह जानना आवश्यक होता है कि मरीज वर्तमान में कौन-सी दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, उन्होंने यह दवाई लेना कब शुरू किया और उन्हें त्वचा संबंधी समस्या कब से है।
- पहले कराए गए उपचार की जानकारी न देना:- मरीज जिस त्वचा की समस्या के लिए इलाज कराना चाहते हैं, वे उससे संबंधित पहले कराए गए उपचार की जानकारी नहीं देते हैं। उदाहरण के लिए: जब उन्हें त्वचा के लाल, पतली, खुलजी और दब्बे जैसी समस्याएँ होती हैं तब वे केवल चेहरे पर स्टेरॉयड क्रीम (potent steroid creams) लगाते थे। वे इस जानकारी को त्वचा विशेषज्ञ से साझा नहीं करते हैं।
- इंटरनेट पर मौजूद जानकारी से प्रेरित होना:- कुछ मरीज अपनी त्वचा की बीमारी के लक्षणों की पहचान सही तरीके से नहीं कर पाते हैं क्योंकि वे इंटरनेट पर मौजूद जानकारी या इलाज के तरीके पर अधिक विश्वास करते हैं।
- प्रत्येक समस्या को एलर्जी से जोड़कर देखना: अधिकांश मरीज त्वचा संबंधी अधिकांश समस्याओं को एलर्जी से जोड़कर देखते हैं तो वहीं दूसरी ओर कुछ मरीज वर्तमान में मौजूद किसी एलर्जी की जानकारी नहीं देते हैं।
- अलग-अलग तरह की दवाओं का सेवन करना:- कुछ मरीज अलग-अलग तरह की दवाइयों का सेवन करने के बाद डॉक्टर से मिलते हैं। इससे उनके घाव समेत त्वचा की अन्य समस्याएँ बढ़ चुकी होती हैं और डॉक्टर को उसकी पहचान करने में भी दिक्कत होती है।
- मानसिक स्वास्थ्य कारकों पर चर्चा न करना:- ऐसे भी मरीज होते हैं, जो त्वचा की समस्या के लिए मानसिक स्वास्थ्य कारकों पर चर्चा करने से कतराते हैं। वास्तव में विभिन्न मनोवैज्ञानिक कारकों जैसे तनाव, चिंता इत्यादि की वजह से सोरायसिस (psoriasis) और पित्ती (urticaria) जैसी त्वचा संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
स्वास्थ्य साक्षरता क्या है? यह महत्वपूर्ण क्यों है?
स्वास्थ्य साक्षरता का अर्थ किसी व्यक्ति द्वारा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करने, समझने और उसे अपनी दिनचर्या में अपनाने की क्षमता से है ताकि उसका समग्र स्वास्थ्य में सुधार हो सके। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य देखभाल (healthcare) में विभिन्न कारक नीति निर्माताओं से लेकर डॉक्टर, चिकित्सा सहायक (paramedics) और रोगी इत्यादि शामिल हैं। स्वास्थ्य साक्षरता से डॉक्टर-रोगी संबंध को मजबूत करने और स्वास्थ्य-संबंधी बेहतर परिणाम प्राप्त करने में सहायता मिलती है। इसके अलावा इससे देखभाल प्रक्रिया बेहतर और त्वचा संबंधी समस्या को प्रबंधित करने में सहायता मिलती है। मैं अपने OPD में नियमित रूप से इसका अभ्यास करता हूं, जहां मुझे अपने मरीजों को उसकी स्थिति, उनकी बीमारी की प्रकृति, उपचार के विकल्प और प्रत्येक उपचार विकल्प के जोखिम इत्यादि को समझाने के लिए केवल 10 मिनट का समय लगता है। ऐसा अधिक समय तक करने से काफी लाभ मिलता है। मरीज ने डॉक्टरों पर जो भरोसा जताया है, वह काफी विशेष है, इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें इतना सक्षम बनाए कि वे अपने स्वास्थ्य संबंधी सही निर्णय ले सकें।
मरीज को उसके स्वास्थ्य की बुनियादी जानकारी होना उसके समग्र उपचार प्रणाली के लिए कितना सहायक है?
डॉक्टर के रूप में, हम स्वाभाविक रूप से अपने मरीजों के स्वास्थ्य की परवाह करते हैं। जब मरीजों को अपने रोग और उपचार के महत्व की जानकारी होती है, तो यह समग्र उपचार प्रणाली के लिए सहायक होता है। त्वचाविज्ञान में, जहां पुरानी बीमारियाँ होना सामान्य चीज़ है, ऐसे में अपने स्वास्थ्य की बुनियादी जानकारी से अवगत मरीज गंभीर स्थितियों के शुरूआती लक्षणों को पहचानने, समय पर चिकित्सीय सहायता लेने और उपचार योजनाओं का पालन करने में सक्षम होता है। उनके इस दृष्टिकोण से स्वास्थ्य संबंधी बेहतर परिणाम प्राप्त और संभावित जोखिम कम होते हैं।
चिकित्सीय गलत सूचना उपचार प्रक्रियाओं को किस प्रकार प्रभावित कर सकती है?
सोशल मीडिया पर कई लोग त्वचा विशेषज्ञ होने का दावा करते हैं, वे गलत सूचना फैलाते हुए लोगों को गुमराह करते हैं। उनसे प्रेरित होकर लोग अनुपयुक्त पदार्थों का इस्तेमाल अपनी त्वचा पर करते हैं जिनकी वजह से उनकी त्वचा में जलन हो सकती है। इस प्रकार उनकी स्थिति बिगड़ सकती है, जिससे त्वचा विशेषज्ञों के लिए उपचार करना जटिल हो सकता है।
आपके मरीजों के सबसे आम मिथक क्या हैं?
मरीजों के मन में काफी सारे मिथकों या गलतधारणा होती हैं: पहला, यह धारणा कि फेयरनेस क्रीम त्वचा के रंग को हल्का कर सकती हैं, जिससे अक्सर स्टेरॉयड (potent steroid) युक्त उत्पादों का दुरुपयोग होता है,जो संभावित जोखिमों का कारण बन सकता है। वे अन्य लोगों से प्रशंसा प्राप्त करने के लिए स्वस्थ, साफ त्वचा की बजाय गोरे रंग को प्राथमिकता देते हैं। दूसरा वे ऐसा सोचते हैं कि कुछ पुरानी समस्याओं के इलाज के लिए ज़िदगी भर दवा खाने की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त जैसे ही उन्हें थोड़ा आराम महसूस होता है वैसे ही वे दवाई लेना बंद कर देते हैं। यह उनके लिए जोखिम भरा हो सकता है इसलिए ऐसी स्थिति में उचित प्रबंधन के लिए विशेषज्ञों से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। तीसरा, वे ऐसा भी सोचते हैं कि किसी भी डॉक्टर से परामर्श लेने से पहले उनकी credentials को सत्यापित करना महत्वपूर्ण है। अंत में, मरीज अक्सर यह मान लेते हैं कि डॉक्टर के मना करने के बावजूद भी स्टेरॉयड क्रीम (steroid creams) का इस्तेमाल करने से वे जल्दी ठीक हो सकते हैं। इसका उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में बेहतर यही है कि त्वचा विशेषज्ञ के दिशानिर्देशों का पालन किया जाए ताकि त्वचा संबंधी जोखिम की संभावना को कम किया जा सके।
ऑनलाइन स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाओं से कैसे बचा जा सकता है?
मैं अपने मरीजों को यही सलाह देती हूँ कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्रत्येक जानकारी पर आँख-बंदकर विश्वास न करें। इसके बजाय अपने डॉक्टरों पर थोड़ा भरोसा रखें, हमने आपकी सेवा करने के लिए कड़ी मेहनत की है और हम हमेशा आपके लिए अच्छा ही सोचते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि त्वचा संबंधी किसी भी समस्या के इलाज हेतु हमेशा किसी विशेषज्ञ से सलाह लें।
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