डॉ. अंकिता शर्मा ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली से MBBS और MD (Pathology) की पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने वहीं, BLK-Max सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, करोल बाग और कई प्रसिद्ध लैब और मेडिकल कॉलेजों में काम किया है। 10 साल के अनुभव के साथ, वे अब ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज, एटा में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।
THIP मीडिया के साथ बातचीत में, डॉ. अंकिता शर्मा बताती हैं कि स्वास्थ्य साक्षरता न होने की वजह से लोगों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
मरीजों के द्वारा की जाने वाली आम गलतियां क्या हैं?
जब मरीज डॉक्टर से बात कर रहे हों, तब उनके परिवार वाले या साथी ज्यादा बात करते हैं। इससे डॉक्टर सीधे मरीज के लक्षण नहीं समझ पाते हैं। मरीज जब खुद से अपनी समस्या बताते हैं, तब डॉक्टर सही इलाज कर सकते हैं। हालांकि, परिवार वालों के द्वारा दी जाने वाली जानकारी सहायक होती है लेकिन मरीज का मुख्य रूप से बात करना आवश्यक है।
स्वास्थ्य साक्षरता क्या है? यह महत्वपूर्ण क्यों है?
स्वास्थ्य साक्षरता सिर्फ जानकारी या कौशल तक सीमित नहीं है। इसमें अच्छे आदतें और सही तरीके से बात करना भी शामिल है। स्वास्थ्य साक्षर होने का अर्थ है स्वास्थ्य जानकारी को समझना, सही निर्णय लेना और डॉक्टर व नर्स से अच्छी तरह से बात करना।
यदि किसी मरीज को अपनी स्वास्थ्य स्थिति की बुनियादी जानकारी हो, तो यह समग्र उपचार प्रक्रिया के लिए कितना सहायक है?
यदि किसी मरीज को अपनी स्वास्थ्य स्थिति की बुनियादी जानकारी हो, तो यह समग्र उपचार प्रक्रिया के लिए बहुत सहायक है। वे अपनी समस्या सही तरीके से बता सकते हैं, जिससे डॉक्टर मरीज की स्थिति को अच्छी से समझना और सही इलाज कर सकता है।
चिकित्सा गलत जानकारी उपचार प्रक्रियाओं को कितना प्रभावित कर सकती है?
चिकित्सा गलत जानकारी उपचार प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती है। इसकी वजह से मरीज सही इलाज लेने में देर कर सकते हैं, गलत दवा या तरीके अपना सकते हैं या डॉक्टर की सलाह को अस्वीकार कर सकता है। इससे उपचार प्रक्रिया कम असरदार या कभी-कभी नुकसानदायक भी हो सकती है।
आपके मरीजों के सबसे आम मिथक क्या हैं?
मरीजों के मन में विभिन्न प्रकार के मिथक हो सकते हैं, जिनकी वजह से वह अयोग्य चिकित्सकों पर विश्वास करते हैं। ऐसा करना जानलेवा हो सकता है क्योंकि वे गलत या असुरक्षित इलाज करा सकते हैं। इससे स्थिति बिगड़ सकती है और सही इलाज मिलने में देरी हो सकती है।
ऑनलाइन स्वास्थ्य गलत जानकारी से दूर रहने के लिए मरीजों को आपकी सबसे आम सलाह क्या है?
मैं अपने मरीजों को अक्सर यही सलाह देती हूँ कि अपने लक्षणों को इंटरनेट पर सर्च न करें। इससे उलझन या चिंता हो सकती है। इसलिए, किसी भी प्रकार की शंका को डॉक्टर से दूर करना आवश्यक है।
Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.


