सारांश
फेसबुक पर जारी एक पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि तेजप्रताप यादव बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारण सदमे में हैं और इसी वजह से अस्पताल में भर्ती हैं। जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा बिल्कुल गलत है।

दावा
फेसबुक पर जारी एक पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि तेजप्रताप यादव बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारण सदमे में हैं और इसी वजह से अस्पताल में भर्ती हैं।

तथ्य जाँच
तेजप्रताप यादव कौन हैं?
तेज प्रताप यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बड़े बेटे हैं और राज्य की राजनीति में एक चर्चित चेहरा हैं। वे पहले नीतीश सरकार में नवंबर 2015 से जुलाई 2017 तक पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री रह चुके हैं।
साल 2025 में उन्हें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने साल 2025 में अपनी नई पार्टी ‘जन शक्ति जनता दल (JJD)’ बनाई। तेज प्रताप अपनी निजी जिंदगी, सोशल मीडिया एक्टिविटी और विवादों के कारण भी चर्चा में रहे हैं, जिनमें उनकी शादी, रिश्तों को लेकर बयान और परिवार से अलगाव शामिल है।
साल 2025, नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में वे महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे थे, जिसमें वे 14 नवंबर को घोषित चुनावी परिणाम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह से हार गए।
क्या तेजप्रताप यादव चुनाव में मिली हार के कारण अस्पताल में भर्ती हैं?
नहीं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में तेजप्रताप यादव ऑक्सीजन मास्क लगाए अस्पताल के बेड पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव हारने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा लेकिन ये दावा बिल्कुल गलत है।
ये तस्वीर साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान भी वायरल हुई थी और उस वक्त भी हमने इस तस्वीर का तथ्य जाँच किया था।
सााल 2024 में विभिन्न न्यूज वेबसाइट्स पर तेजप्रताप के अस्पताल में भर्ती होने की तस्वीर वायरल हुई थी। न्यूज वेबसाइट्स के अनुसार सीने में दर्द होने के कारण लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप को 15 मार्च, 2024 को पटना के राजेंद्र नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से ही उनके ऑक्सीजन मास्क पहने हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी हुई थीं।
अपने तथ्य जाँच के लिए हमने साल 2024 की न्यूज रिपोर्ट में इस्तेमाल तस्वीर की तुलना हाल में वायरल हो रही तस्वीर से की, तब हमें दोनों में कोई अंतर नहीं मिला इसलिए कहा जा सकता है कि पुरानी तस्वीर को ही 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।
साथ ही हमने तेजप्रताप यादव के X प्रोफाइल (पहले ट्विटर) को भी खंगाला ताकि उनसे जुड़ी कोई जरूरी खबर हो, तो हमें पता चले। इस दौरान हमें उनके अस्पताल में भर्ती होने संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिले। साथ ही उनके फेसबुक अकाउंट पर भी अस्पताल में भर्ती होने संबंधित कोई पोस्ट नहीं हैं।
दावाकर्ता की प्रोफाइल से हमें क्या मिला?
दावाकर्ता ने तेजप्रताप यादव संबंधित पोस्ट को 14 नवंबर 2025 को अपने फेसबुक अकाउंट के जरिए पोस्ट किया है, जिस पर 13 लाइक्स हैं और एक शेयर है। ये प्रोफाइल Arvind Yadav (समाजसेवी अरबिंद यादव) की है, जिसने पहले भी चुनाव संबंधित काफी पोस्ट्स साझा किए हैं। इस दावाकर्ता के 5.2K फॉलोवर्स हैं और स्वयं दावाकर्ता 407 लोगों को फॉलो कर रहा है।
चुंकि ये अकाउंट वेरिफाइड है इसलिए दावाकर्ता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे केवल सही खबरें ही पोस्ट करें, जो तथ्यात्मक हो।
क्यों इस तरह की अफवाहें उड़ाई जाती हैं?
देखा जाए, तो इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं। जैसे-
- विवादित व्यक्तित्व होना – तेजप्रताप यादव अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं इसलिए उनके बारे में गलत या सनसनीखेज़ खबरें आसानी से चर्चा में आ जाती हैं।
- सोशल मीडिया की भूमिका – आजकल सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की गई जानकारी तेजी से फैलती है। लोग बिना सोचे-समझे शेयर कर देते हैं, जिससे झूठी खबरें वायरल हो जाती हैं।
- छवि खराब करने का प्रयास – कुछ विरोधी गुट या लोग जानबूझकर झूठी बातें फैलाते हैं ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचे। “बीमार पड़ना” या “अस्पताल में भर्ती होना” जैसी अफवाहें किसी भी सार्वजनिक शख्सियत को कमजोर दिखाने के लिए अक्सर इस्तेमाल होती हैं।
- क्लिकबेट और ट्रेंडिंग कंटेंट – कई बार कुछ ऑनलाइन पेज या चैनल केवल व्यूज़ और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए सनसनीखेज़ शीर्षक डाल देते हैं, जिससे अफवाहें और तेज़ी से फैलती हैं।
अतः कहा जा सकता है दावाकर्ता द्वारा किया गया दावा गलत है। साथ ही अगर आपको कोई भी दावा संदिग्ध लगता है, तो गलत सूचना को फैलने से रोकने के लिए इसकी रिपोर्ट करें। आप हमें [email protected] पर मेल कर सकते हैं अथवा हमारी WhatsApp हेल्पलाइन नंबर +91 85078 85079 पर भी संदेश/message भेज सकते हैं।
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