सारांश
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि घुटने पर ‘आक’ के पत्ते लपेटने से जोड़ों के दर्द का इलाज या उसे ठीक किया जा सकता है। जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा बिल्कुल गलत है।

दावा
फेसबुक पर जारी एक वीडियो पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि घुटने पर ‘आक’ के पत्ते लपेटने से जोड़ों के दर्द का इलाज या उसे ठीक किया जा सकता है।

तथ्य जाँच
क्या आक के पत्तों में सूजन कम करने वाले तत्व होते हैं?
हां, लेकिन किसी प्रमाणित क्लिनिकल तरीके से नहीं। आक के पौधे (कैलोट्रोपिस प्रोसेरा या कैलोट्रोपिस जाइगेंटिया) में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जिन्होंने प्रयोगशाला और जानवरों पर किए गए अध्ययनों में सूजन-रोधी (anti-inflammatory) प्रभाव दिखाया है। इन अध्ययनों से संकेत मिलता है कि पौधे का लेटेक्स सूजन से जुड़े कुछ खास रास्तों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, प्रयोगशाला में मिले नतीजे इंसानों के लिए सुरक्षित और प्रभावी इलाज का प्रमाण नहीं माने जा सकते।
ऐसा कोई भी अच्छी गुणवत्ता वाला ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल नहीं है, जो यह दिखाता हो कि घुटने पर सिर्फ कच्ची पत्तियां लपेटने से आर्थराइटिस का दर्द कम होता है या जोड़ों से संबंधित कोई भी समस्या ठीक हो जाती है। जो चीज़ टेस्ट ट्यूब में असर दिखाती है, वह ज़रूरी नहीं कि इंसानी त्वचा पर भी उसी तरह काम करे। खासकर, घर पर तैयार की गए घरेलू नुस्खे।
क्या घुटने के चारों ओर पत्तियां लपेटने से अस्थायी आराम मिल सकता है?
हां। कुछ लोगों को सच में कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है लेकिन इसकी वजह दवा नहीं, बल्कि शारीरिक क्रिया हो सकती है। जब पत्तियों को गर्म करके जोड़ों पर लपेटा जाता है, तो तीन चीज़ें होती हैं:
- गर्मी से खून का बहाव बेहतर होता है और कसी हुई मांसपेशियां ढीली होती हैं।
- लपेटने से हल्का दबाव पड़ता है, जिससे सूजन का एहसास कम हो सकता है।
- इस प्रक्रिया से ‘प्लेसबो असर’ भी हो सकता है, जिसमें व्यक्ति का विश्वास यह तय करता है कि उसे दर्द कैसा महसूस हो रहा है।
दर्द पूरी तरह से शारीरिक नहीं होता। इसे दिमाग समझने की कोशिश करता है। अगर किसी को राहत की उम्मीद होती है, तो दिमाग कुछ समय के लिए दर्द महसूस करने की स्थिति को कम कर सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि इससे जोड़ों का दर्द ठीक हो रहा है।

डॉ. अनुराग शर्मा, MS (हड्डी रोग विशेषज्ञ) बताते हैं, “ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि जोड़ों पर पत्तियां लपेटने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। इन तरीकों का और हड्डियों से जुड़ी उन समस्याओं के इलाज के बीच कोई साबित संबंध नहीं है, जिनकी वजह से पैरों या घुटनों में दर्द हो सकता है।
क्या यह घुटने के दर्द के अंतर्निहित कारण को ठीक करता है?
नहीं। वयस्कों में घुटने का अधिकांश दर्द ऑस्टियोआर्थराइटिस, लिगामेंट में खिंचाव, टेंडन में सूजन, शरीर के अधिक वजन के कारण तनाव या पिछली चोट के कारण होता है। इन समस्याओं में उपास्थि का घिसना, जोड़ों की परत में सूजन या यांत्रिक असंतुलन शामिल होता है।
पत्ते की पट्टी घुटने के आसपास की मांसपेशियों को मज़बूत नहीं करती, कार्टिलेज को ठीक नहीं करती और ना ही जोड़ों को सही करती है। ज़्यादा से ज़्यादा, यह कुछ समय के लिए तकलीफ़ को छिपा सकती है। सबसे खराब स्थिति में, इससे त्वचा में जलन हो सकती है और सही इलाज शुरू करने में देरी हो सकती है।

डॉ. स्मित दवे कंसल्टेंट अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ अहमदाबाद बताते हैं, घुटने का ऑस्टियोआर्थराइटिस दरअसल जोड़ के भीतर मौजूद कार्टिलेज के धीरे-धीरे घिसने की स्थिति है, जो ज़्यादातर बढ़ती उम्र से जुड़ी होती है। इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी कितनी बढ़ चुकी है। अधिक गंभीर मामलों में, खासकर तीसरे और चौथे चरण के ऑस्टियोआर्थराइटिस में घुटना प्रत्यारोपण (टोटल नी रिप्लेसमेंट) ही अक्सर सबसे प्रभावी और लंबे समय तक लाभ देने वाला उपचार होता है।
डॉ. दवे आगे बताते हैं कि पत्तियों का लेप या इस तरह के घरेलू नुस्खे ना तो जोड़ों के दर्द का इलाज कर सकते हैं और ना ही आर्थराइटिस को पूरी तरह समाप्त कर सकते हैं। ज्यादा से ज्यादा इनसे कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन ये जोड़ों को हुए वास्तविक नुकसान को ठीक नहीं करते। इस तरह के सोशल मीडिया पर होने वाले दावों से सर्तक रहना चाहिए, जिनमें कहा जाता है कि घुटने के दर्द को बिना सही मेडिकल जांच और इलाज के हमेशा के लिए ठीक किया जा सकता है।
घुटने के दर्द के लिए ज़्यादा सुरक्षित और सबूतों पर आधारित विकल्प क्या हैं?
प्रभावी उपचार के कई विकल्प उपलब्ध हैं। चिकित्सा अनुसंधान लगातार निम्नलिखित उपायों का समर्थन करता है-
- क्वाड्रिसेप्स और कूल्हे की मांसपेशियों को मज़बूत करने के लिए नियमित व्यायाम
- अधिक वजन होने पर संतुलित तरीके से वजन कम करना
- फिजियोथेरेपिस्ट की देखरेख में कराए जाने वाले व्यायाम
- सुरक्षित तरीके से गर्म या ठंडी सिकाई करना
- आवश्यकता पड़ने पर त्वचा पर लगाने वाले सूजन-रोधी जैल का उपयोग
- चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उचित जूते और घुटने के सपोर्ट का इस्तेमाल
ये सभी उपाय सूजन, जोड़ों पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार और मांसपेशियों की कमजोरी जैसी उन समस्याओं पर काम करते हैं, जो घुटने के दर्द के वास्तविक कारण होते हैं।
कब लेनी चाहिए चिकित्सीय सलाह?
अगर दर्द बहुत ज़्यादा हो या लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें। यदि अचानक सूजन आ जाए, घुटने पर वजन ना डाल पा रहे हों, बुखार हो, लाली दिखाई दे, घुटना जाम हो जाए या घर पर देखभाल करने के बावजूद दर्द कुछ हफ्तों से ज़्यादा समय तक बना रहे, तो बिना देर किए जांच करवानी चाहिए।
घुटने पर आक के पत्ते लपेटना एक पारंपरिक तरीका है लेकिन किसी परंपरा का होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि वह वैज्ञानिक रूप से प्रभावी भी है। ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि इससे जोड़ों के दर्द का इलाज होता है। यदि इससे कुछ राहत मिलती भी है, तो वह संभवतः थोड़े समय के लिए होती है और उसका कारण गर्माहट या दबाव हो सकता है, ना कि पौधे के रासायनिक गुण। इसके अलावा, आक के पत्तों से त्वचा में जलन होने का खतरा भी रहता है।
अगर आपको घुटने में दर्द है, तो ऐसे तरीकों पर ध्यान दें जिन्हें विज्ञान का समर्थन प्राप्त हो। आपके जोड़ों को वायरल नुस्खों से कहीं बेहतर देखभाल की ज़रूरत है।
Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at factcheck@thip.in. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

