तथ्य जाँचः क्या चाय के साथ रस्क का सेवन मधुमेह बढ़ा सकता है?

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क्या रस्क बिस्किट और चाय डायबिटीज के लिए हानिकारक है?
कुछ हद तक। रस्क में चीनी की मात्रा होती है, जो मधुमेह रोगियों के लिए हानिकारक हो सकती है। हालांकि चाय और रस्क दोनों ही आमतौर पर लोगों के बीच मनोरंजन के रूप में और दिनचर्या में एक हिस्से के रूप में उपयोग होते हैं। शोध बताते हैं कि चुंकि गेंहू में ग्लूटेन नामक प्रोटीन होता है, जो मधुमेह रोगियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है इसलिए चाय के साथ रस्क का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।

सारांश

एक वेबसाट द्वारा प्रकाशित वेब स्टोरी में दावा किया जा रहा है कि चाय के साथ रस्क बिस्किट खाने के कई नुकसान हो सकते हैं। जैसे- ये मधुमेह के लक्षणों को बढ़ा सकती है। जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच किया तब पाया कि दावा आधा सत्य है। 

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दावा 

एक वेबसाट द्वारा प्रकाशित वेब स्टोरी में दावा किया जा रहा है कि चाय के साथ रस्क बिस्किट खाने के कई नुकसान हो सकते हैं। जैसे- ये मधुमेह के लक्षणों को बढ़ा सकती है।

पोस्ट का स्क्रीनशॉट नीचे मौजूद है।

चाय के साथ रस्क का सेवन मधुमेह बढ़ा सकता है

तथ्य जाँच 

मधुमेह क्या है और क्यों होता है? 

मधुमेह Type 1 में पेनक्रियाज पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का निर्माण नहीं कर पाती या इंसुलिन का सही मात्रा में उपयोग नहीं कर पाती, जिससे शरीर में ग्लुकोज की मात्रा बढ़ती है। वहीं टाइप -2 डायबिटिज (Diabetes Insipidus) में रक्त में ग्लुकोज का स्तर सामान्य होता है लेकिन किडनी मूत्र को कंसनट्रेट नहीं कर पाती, जिस कारण बार-बार प्यास लगती है और टॉयलेट जाने की इच्छा होती है। हालांकि टाइप-2 डायबिटिज दुर्लभ है, जो दुनिया भर में 25,000 लोगों में से लगभग 1 को प्रभावित करता है। डायबिटीज कई कारणों से हो सकता है, जिसमें जीवन शैली के साथ-साथ आनुवांशिक कारण भी प्रमुख है।

Center For Disease Control and Prevention (CDC) द्वारा प्रकाशित Diabetes Symptoms के अनुसार बार-बार प्यास लगना, हमेशा थकान महसूस करना, आंखों की रौशनी कम होना या धुंधला दिखाई पड़ना, अचानक वजन का कम होना, त्वचा का रुखा हो जाना, शरीर के घावों को जल्द ना सुखना आदि मधुमेह के लक्षणों में शामिल हैं। 

CDC वेबसाइट के अनुसर सामान्य खाने से पहले रक्त शर्करा का स्तर 99 मिलीग्राम/डेसीलीटर या उससे कम माना जाता है, जबकि 100-125 मिलीग्राम/डेसीलीटर की रीडिंग मधुमेहपूर्व अवस्था का सुझाव देती है, और 126 मिलीग्राम/डेसीलीटर या उससे अधिक का स्तर आमतौर पर मधुमेह का संकेत देता है। ग्लूकोज सहनशीलता परीक्षण के दौरान, ग्लूकोज युक्त तरल का सेवन करने से पहले और बाद में रक्त शर्करा के स्तर को मापा जाता है। 2 घंटे के बाद 140 मिलीग्राम/डेसीलीटर या उससे कम का रक्त शर्करा स्तर सामान्य माना जाता है, जबकि 140 और 199 मिलीग्राम/डेसीलीटर के बीच की रीडिंग मधुमेहपूर्व अवस्था का संकेत देती है, और 200 मिलीग्राम/डेसीलीटर या उससे अधिक का स्तर मधुमेह का सुझाव देता है।

क्या चाय के साथ रस्क खाना चाहिए? 

चाय के साथ रस्क का सेवन आमतौर पर हानिकारक नहीं होता है। चाय और रस्क दोनों ही आमतौर पर लोगों के बीच मनोरंजन के रूप में और दिनचर्या में एक हिस्से के रूप में उपयोग होते हैं। हालांकि, चाय के साथ रस्क का सेवन मधुमेह रोगियों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

ऐसा कोई वैज्ञानिक शोध नहीं है, जो चाय और रस्क बिस्किट के एक साथ सेवन से मधुमेह पर होने वाले प्रभावों को दर्शाता हो। लेकिन रस्क बिस्किट में आमतौर पर आटा या मैदा होता है और आटा में ग्लूटेन की मात्रा होती है। ग्लूटेन में कई उच्च कार्ब खाद्य पदार्थ पाए जाते हैं और मधुमेह से ग्रसित लोगों को ना केवल क्राबोहाइड्रेटयुक्त बल्कि चीनीयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी कम करना चाहिए। 

इसके अलावा मधुमेह वाले लोगों को अपने चीनी का सेवन सीमित करना चाहिए। इससे मधुमेह वाले लोगों में रक्त शर्करा का स्वस्थ स्तर बना रहता है। चीनी जल्दी से पच जाती है और रक्त शर्करा के स्तर को तेजी से बढ़ा सकती है। चीनी का सेवन उनके से रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे हाइपरग्लाइसीमिया और हृदय रोग तथा तंत्रिका क्षति (nerve damage) जैसी दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

रस्क और ग्लुटेन में क्या है संबंध?

Type 1 diabetes mellitus and gluten induced disorders शोध पत्र के अनुसार ग्लूटेन एक प्रकार का प्रोटीन है, जो गेहूं, राई और जौ में पाया जाता है। ग्लूटेन के कारण ही आटे में लचीलापन आता है। इसका उपयोग रोटी, पास्ता या imitation meats खाद्य उत्पादों के बनाने में किया जाता है। विशेष रूप से storage proteins (prolamins), gliadin (wheat), secalin (rye) and hordein (barley) का आंतों की कोशिकाओं पर विषाक्त प्रभाव पड़ता है, जिन्हें ग्लूटेन से संक्रमण की समस्या होती है। 

How Gluten Intake is Linked to Type 1 Diabetes के अनुसार ग्लूटेन का सेवन टाइप 1 डायबिटिज से जुड़ा हुआ है इसलिए यदि आपको टाइप 1 डायबिटिज है, तो ग्लूटेन-मुक्त होना फायदेमंद हो सकता है। चूंकि ग्लूटेन वाले कई खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा मतलब ग्लुकोज के स्तर को बढ़ाते हैं इसलिए ग्लूटेन के सेवन को कम करने से टाइप 1 डायबिटिज को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी। हालांकि अब बाज़ार में कई तरह के उत्पाद मौजूद हैं, जो ग्लुटेन मुक्त होते हैं। साथ ही अब कई ऐसे उत्पाद भी आ गए हैं, जो शुगर फ्री होते हैं। साथ ही अगर आपका मधुमेह स्तर नियंत्रित है, आप स्वस्थ दिनचर्या का पालन कर रहे हैं और नियमित तौर पर चिकित्सक से परामर्श ले रहे हैं एवं दवाईयां खा रहे हैं, तो आप सीमित मात्रा में चाय के साथ रस्क खा सकते हैं। और यदि ऐसा नहीं है, तो रस्क के साथ दूध वाली चाय से बचना बेहतर होगा।

Diabetologist

पटना स्थित डायबिटीज एंड ओबिसिटी केयर सेंटर के संस्थापक डायबेटोलोजिस्ट डॉ. सुभाष कुमार बताते हैं कि मधुमेह को लेकर तीन बातें मरीज को ध्यान में रखनी चाहिए। पहला – कुछ चीजें हैं जो शुगर का स्तर 140 से कम होने पर खाई जा सकती हैं। जैसे- सीमित मात्रा में आलू, फल आदि। दूसरी वे चीजें हैं, जिन्हें मधुमेह में नहीं खा सकते इसलिए मरीजों को किसी भी तरह की भ्रामक बातों से दूर रहना चाहिए। इसके अलावा मधुमेह से ग्रसित लोग बिना चीनी की चाय का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा रस्क बिस्किट या अन्य कोई भी बिस्किट जो आटे व चीनी के सम्मिश्रण से बना हो उससे परहेज करना चाहिए। 

Dietitian

आहार और पोषण विशेषज्ञ डॉ. काजल गुप्ता कहती हैं कि डायबिटीज को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता बल्कि उसे संतुलित आहार व एक नियमित दिनचर्या द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। 

चाय के भी अनेक प्रकार हो सकते हैं, जैसे – लेमन टी, ग्रीन टी या दूध वाली चाय, इत्यादि लेकिन अगर उनमें चीनी की मात्रा है, तब उसका सेवन डायबिटीज से ग्रसित लोगों को चिकित्सकों की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। वहीं रस्क बिस्किट में ग्लूटेन के साथ-साथ चीनी की मात्रा भी होती है, जिसका सेवन मधुमेह रोगियों के लिए सही नहीं हो सकता है।

अतः उपरोक्त शोध पत्रों एवं चिकित्सकों के बयान के आधार पर कहा जा सकता है कि यह दावा आधा सत्य है। यदि आपका मधुमेह स्तर नियंत्रित है, आप नियमित रूप से चिकित्सक की सलाह पर चल रहे हैं और दवाइयाँ ले रहे हैं, तो आप सीमित मात्रा में चाय के साथ रस्क खा सकते हैं।

मधुमेह को लेकर कई भ्रामक बातें सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, जिनका हमने पहले भी तथ्य जाँच किया है। ऐसे में जरुरी है कि किसी भी तरह के नुस्खे को अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से संपर्क करें एवं अपनी दिनचर्या का बेहतर तरीके से पालन करें।

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Saumya Jyotsna
Saumya Jyotsna
A winner of Laadli Media Award for Gender Sensitivity in 2020 & 2021, Saumya is a prolific writer. She is known for raising grass root issues through her articles. A post graduate in Mass Communication and receiver of SATB Fellowship, she handles the Hindi features section at THIP Media.

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क्या रस्क बिस्किट और चाय डायबिटीज के लिए हानिकारक है?
कुछ हद तक। रस्क में चीनी की मात्रा होती है, जो मधुमेह रोगियों के लिए हानिकारक हो सकती है। हालांकि चाय और रस्क दोनों ही आमतौर पर लोगों के बीच मनोरंजन के रूप में और दिनचर्या में एक हिस्से के रूप में उपयोग होते हैं। शोध बताते हैं कि चुंकि गेंहू में ग्लूटेन नामक प्रोटीन होता है, जो मधुमेह रोगियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है इसलिए चाय के साथ रस्क का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।

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क्या रस्क बिस्किट और चाय डायबिटीज के लिए हानिकारक है?
कुछ हद तक। रस्क में चीनी की मात्रा होती है, जो मधुमेह रोगियों के लिए हानिकारक हो सकती है। हालांकि चाय और रस्क दोनों ही आमतौर पर लोगों के बीच मनोरंजन के रूप में और दिनचर्या में एक हिस्से के रूप में उपयोग होते हैं। शोध बताते हैं कि चुंकि गेंहू में ग्लूटेन नामक प्रोटीन होता है, जो मधुमेह रोगियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है इसलिए चाय के साथ रस्क का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।

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कुछ हद तक। रस्क में चीनी की मात्रा होती है, जो मधुमेह रोगियों के लिए हानिकारक हो सकती है। हालांकि चाय और रस्क दोनों ही आमतौर पर लोगों के बीच मनोरंजन के रूप में और दिनचर्या में एक हिस्से के रूप में उपयोग होते हैं। शोध बताते हैं कि चुंकि गेंहू में ग्लूटेन नामक प्रोटीन होता है, जो मधुमेह रोगियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है इसलिए चाय के साथ रस्क का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।

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कुछ हद तक। रस्क में चीनी की मात्रा होती है, जो मधुमेह रोगियों के लिए हानिकारक हो सकती है। हालांकि चाय और रस्क दोनों ही आमतौर पर लोगों के बीच मनोरंजन के रूप में और दिनचर्या में एक हिस्से के रूप में उपयोग होते हैं। शोध बताते हैं कि चुंकि गेंहू में ग्लूटेन नामक प्रोटीन होता है, जो मधुमेह रोगियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है इसलिए चाय के साथ रस्क का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।

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कुछ हद तक। रस्क में चीनी की मात्रा होती है, जो मधुमेह रोगियों के लिए हानिकारक हो सकती है। हालांकि चाय और रस्क दोनों ही आमतौर पर लोगों के बीच मनोरंजन के रूप में और दिनचर्या में एक हिस्से के रूप में उपयोग होते हैं। शोध बताते हैं कि चुंकि गेंहू में ग्लूटेन नामक प्रोटीन होता है, जो मधुमेह रोगियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है इसलिए चाय के साथ रस्क का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।

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