सारांश
सोशल मीडिआ पर जारी वीडियो पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि फलों में हिन्दूओं को नपुंसक बनाने के लिए इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा बिल्कुल गलत है।

दावा
X (पहले ट्विटर) पर जारी वीडियो पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि फलों में हिन्दूओं को नपुंसक बनाने के लिए इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
तथ्य जाँच
सेब पर दिखाई देने वाले काले छेद क्या हैं?
सेब पर काले धब्बे दिखाई देने के अनेक कारण हो सकते हैं। जैसे- ब्लैक रॉट और फ्रॉगआई लीफ स्पॉट सेब और क्रैबएप्पल की एक बड़ी और नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी है। फल सड़ने को ब्लैक रॉट कहते हैं और पत्ती पर इसे फ्रॉगआई लीफ स्पॉट कहते हैं।
इसके अलावा ब्लिस्टर स्पॉट सेब के फल में होने वाली एक बैक्टीरियल बीमारी है, जो स्यूडोमोनास सिरिंज पीवी. पैपुलन्स (Pseudomonas syringae pv. papulans) की वजह से होती है।
सेब का कीड़ा (Apple Maggot) फल मक्खियों (Tephritidae – टेफ्रिटिडे) के परिवार से संबंधित है, जो कई तरह के फलों को नुकसान पहुंचा सकता है।
सेब उगाने से लेकर बाजार तक पहुंचाने के दौरान फलों में किस प्रकार के कीटनाशक डाले जाते हैं?
सेब की खेती के दौरान कीटों से बचाने के लिए कीटनाशकों (pesticides) का छिड़काव किया जाता है, जो दुनिया भर में एक सामान्य कृषि प्रक्रिया है। इसके अलावा, ट्रांसपोर्ट के समय सेबों को खराब होने से बचाने के लिए कभी-कभी वैक्स कोटिंग की जाती है, जिससे सेब चमकदार दिखते हैं। इन प्रक्रियाओं को इंजेक्शन कहना गलत है क्योंकि इनमें सुई चुभोकर केमिकल डालने की प्रक्रिया नहीं होती है।
क्या सेब में इंजेक्ट किए गए रसायन इंसानों की प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकते हैं?
इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि सेब में इंजेक्ट किए गए रसायन इंसानों को नपुंसक बना सकते हैं। हालांकि सेब में डाले जाने वाले रसायन इंसानों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं लेकिन यह सोचना कि सेब में ऐसी चीज़ें इंजेक्ट की जा रही हैं, जो पुरूषों को नपुंसक बनाती हैं, असलियत पर आधारित नहीं है।

इस विषय पर आहार विशेषज्ञ गरिमा देववर्मन बताती हैं, “शोध बताते हैं कि सेब या किसी भी फल या सब्जी में मौजूद बाहरी रसायन इंसानों के स्वास्थ्य पर असर डालते हैं क्योंकि इसे कृत्रिम तरीके से डाला जाता है। कई बार फलों को लंबे समय तक ताज़ा दिखाने के लिए उस पर वैक्स की परत चढ़ाई जाती है। इसके अलावा फलों या सब्जियों को लंबा दिखाने के लिए भी उसमें ऑक्सीटॉक्सिन नामक हार्मोन डाला जाता है, जिसका इंसानों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अगर लंबे समय तक रसायन वाले फलों या सब्जियों का सेवन किया जाए, तो ये स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। हालांकि ये कहना गलत है कि सेब में जो रसायन डाले जा रहे हैं, उनका मकसद लोगों को नपुंसक बनाना है।”
क्या आजकल फलों में हिन्दूओं को नपुंसक बनाने के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं?
नहीं। X (पहले ट्विटर) पर जारी वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि सेब में हिन्दूओं को नपुंसक बनाने के लिए इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं और इसे जिहादी बताया जा रहा है। इस वीडियो में बताया जा रहा है कि ये हिन्दूओं को मारने की साजिश है।
जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच करने के लिए गुगल लेंस के जरिए सर्च किया, तब हमें कई और वीडियो मिले जो बिल्कुल इसी तरह थे लेकिन उनमें आवाज़ नहीं थी।
साथ ही, अब तक किसी भी सरकारी एजेंसी, वैज्ञानिक संस्था या विश्वसनीय शोध में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है, जो यह साबित करे कि सेबों को किसी खास धर्म के लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए इंजेक्ट किया जा रहा है। यह दावा तथ्य पर नहीं बल्कि अफवाहों और डर पर आधारित है। साथ ही प्रजनन क्षमता कई कारणों पर निर्भर करती है। ऐसे में इसे केवल एक फल से जोड़ना सही नहीं है। साथ ही अगर कोई भी रसायन ज्यादा मात्रा में डाला जाएगा, तो सेब या फल के सड़ने की संभावना बढ़ जाएगी और वो लंबे समय तक रखा नहीं जा सकेगा।
यह दावा ना सिर्फ डर फैलाने वाला है बल्कि एक पूरे समुदाय को निशाना बनाने वाला भी है लेकिन जब हम तथ्यों और वैज्ञानिक जानकारी की रोशनी में इसकी जांच करते हैं, तो हकीकत बिल्कुल अलग नजर आती है।
दावाकर्ता की प्रोफाइल से हमें क्या मिला?
दावाकर्ता की प्रोफाइल का नाम SUSHIL SHARMA है। इन्होंने पहले भी काफी धर्म संबंधित पोस्ट्स की हैं। इनके 534 फॉलोवर्स हैं और 507 लोगों को दावाकर्ता द्वारा फॉलो किया जा रहा है। कई बार लोग धार्मिक पोस्ट्स केवल इसलिए करते हैं क्योंकि उनका मकसद समाज में अस्थिरता फैलाना होता है। कई बार धर्म संबंधित पोस्ट्स जल्दी वायरल हो जाते हैं, जिससे सोशल मीडिया प्रोफाइल को आमदनी हो जाती है लेकिन ये सब भ्रामक जानकारी फैलाने का तरीका है, जिस पर विश्वास नहीं करना चाहिए और हमेशा तथ्यात्मक और आधिकारिक बयान पर ही भरोसा करें।
सुरक्षित और असली सेब की पहचान कैसे की जाए?
सेब या कोई भी बाहरी फल या सब्जी का सेवन करने से पहले ये भी जानना जरूरी है कि क्या वाकई वो सही है या नहीं? इसके लिए आहार विशेषज्ञ गरिमा देववर्मन निम्नलिखित बातों पर गौर करने की सलाह देती हैं-
- सेब खाने से पहले अच्छे से धोएं
- गुनगुने पानी में फल या सब्जियों को 10-15 मिनट के लिए भिगो दें
- चमकदार बाहरी सतह होने पर छीलकर भी खा सकते हैं
- भरोसेमंद विक्रेता से ही फल खरीदें
अतः कहा जा सकता है दावाकर्ता द्वारा किया गया दावा गलत है। साथ ही अगर आपको कोई भी दावा संदिग्ध लगता है, तो गलत सूचना को फैलने से रोकने के लिए इसकी रिपोर्ट करें। आप हमें factcheck@thip.in पर मेल कर सकते हैं अथवा हमारी WhatsApp हेल्पलाइन नंबर +91 85078 85079 पर भी संदेश/message भेज सकते हैं।
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