सारांश
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि बवासीर, फिस्टुला और फिशर को आयुर्वेदिक इलाज के जरिए बिना सर्जरी के 100% तक ठीक किया जा सकता है। जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा गलत है।

दावा
फेसबुक पर जारी एक वीडियो पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि बवासीर, फिस्टुला और फिशर को आयुर्वेदिक के जरिए बिना सर्जरी के 100% तक ठीक किया जा सकता है।

तथ्य जाँच
बवासीर क्या है?
बवासीर को hemorrhoids भी कहा जाता है, जिसमें गुदा और मलाशय की रक्त वाहिकाओं में सूजन हो जाती है। ये आंतरिक हो सकते हैं, मलाशय के अंदर स्थित हो सकते हैं या गुदा से बाहर भी निकल सकते हैं। हालांकि बवासीर की समस्या काफी आम होती है। यह वयस्कों को उनके जीवन में किसी न किसी समय प्रभावित करता ही है।
शोध के अनुसार बवासीर के सबसे आम लक्षणों में मल त्याग के दौरान दर्द रहित रक्तस्राव, गुदा के आसपास खुजली और जलन और गुदा के पास सूजन या गांठ शामिल हैं। बवासीर होने के कारणों में मल त्याग के दौरान तनाव, पुरानी कब्ज, दस्त, गर्भावस्था, मोटापा और उम्र बढ़ना भी शामिल हैं, जो बवासीर के विकास में योगदान कर सकते हैं। हालांकि स्थिति की गंभीरता के आधार पर, बवासीर के लिए कई प्रकार के उपचार विकल्प उपलब्ध हैं।
फिस्टुला क्या है?
एनल फिस्टुला एक असामान्य मार्ग है जो गुदा के अंदर से बाहर की त्वचा तक विकसित होता है। एक छोटा रास्ता है। यह आमतौर पर गुदा के आसपास बनता है। यह तब बनता है, जब गुदा की छोटी ग्रंथियां बंद हो जाती हैं और उनमें संक्रमण हो जाता है। इससे पहले गांठ जैसी सूजन बनती है, जो धीरे-धीरे फिस्टुला में बदल सकती है। अगर समय पर डॉक्टर से इलाज ना करवाया जाए तो संक्रमण बढ़ सकता है और लगातार परेशानी हो सकती है।
फिशर क्या है?
शोध बताते हैं फिशर गुदा में एक छोटा सा कट होता है, जिससे मल त्यागते वक्त दर्द होता है। यह आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन अगर यह ठीक नहीं होता है, तो चिकित्सीय सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
क्या बवासीर, फिस्टुला और फिशर को आर्युवेदिक के जरिए बिना सर्जरी के 100% तक ठीक किया जा सकता है?
हमेशा नहीं। बेशक इसके आर्युवेदिक इलाज हो सकते हैं लेकिन जब समस्या अपने गंभीर स्तर पर हो और चिकित्सक सर्जरी की सलाह दें, तो सर्जरी कराना बेहतर उपाय होता है।

इस विषय पर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, डॉ शरद मल्होत्रा बताते हैं, “बवासीर, फिस्टुला और फिशर के इलाज के लिए केवल एक ही उपाय पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। कब्ज से बचने के लिए सहायक आहार में साबुत अनाज, फलियां, छिलके वाले फल और फाइबर शामिल होना चाहिए। प्रसंस्कृत वसा और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन से बचना चाहिए क्योंकि वे आंतों की गतिशीलता को कम करते हैं और कब्ज को बढ़ाते हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि बवासीर, फिस्टुला और फिशर के उपचार में फाइबर युक्त आहार या मल को नरम करने वाली दवाएं शामिल करना, कब्ज पैदा करने वाली अन्य दवाओं या भोजन से परहेज, गुदा नलिका की नसों में दबाव कम करने के लिए दवाएं, एंडोस्कोपी निर्देशित इंजेक्शन थेरेपी या बैंडिंग और सर्जरी शामिल हैं।

वहीं इस विषय पर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की एमडी स्कॉलर डॉ. अनुसुइया गोहिल बताती हैं, “आयुर्वेद सिर्फ जड़ी-बूटियों या घरेलू नुस्खों तक सीमित नहीं है। यह एक चिकित्सीय तकनीक है, जिसमें मरीज के शरीर के प्रकार और बीमारी को समझकर जाँच और इलाज किया जाता है। आयुर्वेद में इलाज के लिए पंचकर्म, सही भोजन, जीवनशैली में बदलाव और जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।”
दावाकर्ता की प्रोफाइल से हमें क्या मिला?
दावाकर्ता की प्रोफाइल का नाम Swasth Rakshak है। साथ ही दावाकर्ता द्वारा ये वीडियो 10 दिसंबर 2025 को जारी किया गया है, जिसमें अब तक 6K लाइक्स, 618 कमेंट्स और कुल 494K लोगों ने देखा है। साथ ही जब हमने स्वास्थ्य रक्षक के नाम को गुगल सर्च किया, तब हमें दावाकर्ता द्वारा दिखाए गए लोगो जैसा कुछ नहीं मिला लेकिन स्वास्थ्य रक्षक के नाम से एक दूसरी वेबसाइट मिली जिसका दावाकर्ता से कोई सम्बन्ध नहीं है ।
इसके साथ ही जब हमने वीडियो में दी गई तस्वीर को AI चेक करने वाले टूल SightEngine के जरिए चेक किया, तब हमें वीडियो में दी गई तस्वीर AI निर्मित मिली-

अतः उपरोक्त तथ्यों एवं चिकित्सक के आधार पर कहा जा सकता है कि ये दावा गलत है। हमने पहले भी इस तरह के दावों की पड़ताल की है। जैसे- क्या बाबा रामदेव ने बवासीर के अचूक इलाज का खुलासा किया है? और क्या घरेलू इलाज से बवासीर को 15 दिन में ठीक किया जा सकता है?
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