क्या माहवारी से पहले ठंडी, खट्टी व बासी चीजें खाना बंंद कर देना चाहिए?

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Last Updated on अप्रैल 25, 2023 by Neelam Singh

सारांश 

एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि माहवारी शुरु होने से चार-पांच दिन पहले से ठंडी, खट्टी एवं बासी चीजें खाना बंंद कर दें। इन चीजों से शरीर में कमजोरी आती है और दर्द भी अधिक होता है। जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा गलत है।

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दावा 

एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि माहवारी शुरु होने से चार-पांच दिन पहले से ठंडी, खट्टी एवं बासी चीजें खाना बंंद कर दें। इन चीजों से शरीर में कमजोरी आती है और दर्द भी अधिक होता है।

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तथ्य जाँच 

माहवारी क्यों होती है?

Menstrual Cycle: Basic Biology के अनुसार माहवारी एक सामान्य जैविक प्रकिया है। जब एक लड़की किशोरावस्था (10-16 वर्ष) की आयु में प्रवेश करती है, तब उसे माहवारी आनी शुरू हो जाती है। महिलाओं के शरीर में हार्मोस में होने वाले बदलावों की वज़ह से गर्भाशय से नियमित तौर पर खून और अंदरुनी हिस्से से स्राव होना ही मासिकधर्म (अथवा माहवारी) कहलाता है। माहवारी की अवधि तीन-पांच दिनों की रहती है और इसका चक्र 21-35 दिनों का होता है। हालांकि हर महिला के लिए ये शारीरिक, मानसिक एवं प्राकृतिक बदलावों के कारण ये अवधि अलग-अलग हो सकती है।

अगर निषेचण की प्रक्रिया हो जाती है और गर्भाधारण हो जाता है, तब माहवारी रुक जाती है लेकिन बच्चे के जन्म के बाद दोबारा मासिक धर्म का चक्र शुरु हो जाता है। Menopause is a natural stage of aging: a qualitative study बताती है कि अधिकतर महिलाओं की प्राकृतिक रज्‍जोनिवृत्ति 45-55 वर्ष की आयु में हो जाती है। इस आयु में माहवारी आना हमेशा के लिए बंद हो जाती है।

माहवारी के दौरान दर्द क्यों होता है?

Using Foods Against Menstrual Pain बताते हैं माहवारी के दौरान शरीर हार्मोन का उत्पादन करता है, जिससे गर्भाशय में संकुचन होता है और गर्भाशय की आंतरिक परत एवं रक्त को बाहर निकलने में मदद मिलती है। यही संकुचन मेंस्ट्रुअल क्रैम्प के तौर पर महसूस होती है। सामान्य पेट दर्द के अलावा इसमें कई बार पैर एवं पीठ दर्द भी हो सकता है। 

हालांकि कई अन्य स्वास्थ्य स्थितियां हो सकती हैं, जो दर्द का कारण बनती हैं। यह हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है। प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस), एंडोमेट्रियोसिस, गर्भाशय में फाइब्रॉएड के कारण भी माहवारी के दौरान असहनीय पीड़ा हो सकती है।

क्या माहवारी के दर्द और आहार का कोई सम्बन्ध है?

Using Foods Against Menstrual Pain के अनुसार माहवारी के दौरान होने वाले दर्द और आहार का संबंध है। Pre-menstrual Syndrome and Diet के अनुसार माहवारी के पहले और माहवारी के दौरान हार्मोनल बदलाव को नियंत्रित करने में आहार की भूमिका होती है लेकिन इस विषय पर और शोध की आवश्कता है।

Influence of menstrual factors and dietary habits on menstrual pain in adolescence age अधय्यन के अनुसार माहवारी के दौरान होने वाले दर्द की तीव्रता माहवारी के दिनों पर भी निर्भर करती है। जैसे- किसी महिला को पहले दिन ज्यादा दर्द का अनुभव हो सकता है। Major dietary patterns in relation to menstrual pain: a nested case control study के अनुसार अत्याधिक मीठा, नमकीन, चाय, कॉफी, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन माहवारी के दर्द को बढ़ा सकता है लेकिन अभी इस विषय पर और शोध की आवश्यकता है क्योंकि ठंडे, खट्टे या बासी भोजन के बारे में शोध कुछ नहीं बताते। 

क्या नींबू और संतरे जैसे खट्टे फल माहवारी के दर्द को बढ़ा सकते हैं?

नहीं, यह साबित करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि नींबू या किसी खट्टे खाद्य पदार्थ का महिलाओं के मासिक धर्म पर किसी प्रकार का प्रभाव पड़ता है। साथ ही खट्टे फलों में सोडियम की मात्रा ज्यादा नहीं होती है, जैसा कि कई पोस्ट्स में दावा किया गया है, जो माहवारी के दौरान इन्हें न खाने की सलाह दी जाती है। बल्कि खट्टे फलों में वसा की मात्रा बेहद कम होती है।

उदाहरण के लिए फरवरी 2008 में जर्नल ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में प्रकाशित एक शोध के अनुसार वसा का कम सेवन करने और शाकाहारी भोजन करने वाली महिलाओं को माहवारी के दौरान कम दर्द का अनुभव होता है। साथ ही उनमें पीएमएस यानी की माहवारी के पहले होने वाला दर्द की तीव्रता भी कम देखी जाती है।

डॉ. ईशा चैनानी, एमएस (स्त्री रोग विशेषज्ञ) बताती हैं, “इस दावे का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि ठंडे, खट्टे या बासी भोजन माहवारी के दौरान होने वाले दर्द का कारण बनते हैं। खट्टे फलों में उच्च स्तर का विटामिन सी होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट है। विटामिन सी शरीर में आयरन के अवशोषण में भी मदद करता है। इसके अलावा किसी भी प्रकार के फल में फाइबर होता है, जो माहवारी के दौरान होने वाली पाचन संबंधी समस्याओं के लिए अच्छा होता है। 

क्लीनिकल न्यूट्रीशनिस्ट मेघा खट्टर बताती हैं, “माहवारी एक जैविक प्रक्रिया है। यदि हीमोग्लोबिन का स्तर कम है, तो आपको रक्त के नुकसान की भरपाई के लिए आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए माहवारी के दौरान खट्टे फलों का सेवन बढ़ाना चाहिए।”

अतः उपरोक्त दावों और चिकित्सकों के बयान के आधार पर कहा जा सकता है कि यह दावा गलत है। साथ ही भविष्य में शोध के अनुसार इस विषय में बदलाव की संभावना है लेकिन फिलहाल यह दावा गलत है।

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Saumya Jyotsna
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An award-winning journalist, Saumya brings out stories about grassroot level developments in the public health sector.

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