सुनीता विलियम्स जैसे अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष उड़ानों के दौरान माइक्रोग्रैविटी स्थितियों में शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों से गुजरते हैं। जब वे अंतरिक्ष में अत्यधिक समय बिताने के बाद पृथ्वी पर लौटते हैं, तो उन्हें गुरुत्वाकर्षण के साथ पुनः सामंजस्य बैठाने, मांसपेशी की ताकत को प्राप्त करने, और अपने संतुलन तथा समन्वय को सुधारने के लिए पुनर्वास की आवश्यकता होती है। यह लेख अंतरिक्ष यात्रा के मानव शरीर पर प्रभाव, अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा पृथ्वी पर लौटने के बाद अनुभव की जाने वाली शारीरिक समस्याओं और पुनर्वास के लिए आवश्यक चिकित्सा सहायता पर विचार करता है।
अंतरिक्ष यात्रा का मानव शरीर पर प्रभाव
अंतरिक्ष यात्रा के दौरान, गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण विभिन्न शारीरिक परिवर्तन होते हैं, जो अंतरिक्ष यात्री के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इनमें से कुछ सामान्य प्रभाव इस प्रकार हैं:
- मांसपेशी शोष (Muscle atrophy): अतंरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण अंतरिक्ष यात्रियों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, विशेषकर पीठ और पैरों में, क्योंकि वहां इनका प्रयोग नहीं होता है। NASA के अनुसार अंतरिक्ष में जाने के दो सप्ताह के भीतर अंतरिक्ष यात्री अपनी मांसपेशी द्रव्यमान को खो सकते हैं।
- हड्डियों के घनत्व का कम होना: मानव शरीर की वजन सहन करने वाली हड्डियां माइक्रोग्रैविटी के दौरान हर महीने 1-2% घनत्व खो देती हैं, जिससे फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है।
- तरल पुनर्वितरण (Fluid redistribution): अंतरिक्ष में तरल पुनर्वितरण सिर की ओर होता है, जिससे चेहरे की सूजन, बंद नाक और बढ़ा हुआ इंट्राक्रैनियल दबाव (ICP) जैसी समस्याएं हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप दृष्टि प्रभावित हो सकती है।
- संतुलन और समन्वय की समस्याएं: गुरुत्वाकर्षण न होने से अंतरिक्ष यात्रियों का संतुलन प्रणाली (vestibular system) प्रभावित होता है। इसके परिणामस्वरूप दिशाहीनता, चक्कर आना, और पृथ्वी पर खड़ा होने या चलने में कठिनाई हो सकती है।
- हृदय प्रणाली में परिवर्तन: माइक्रोग्रैविटी में हृदय को उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती, जिससे हृदय की कार्यक्षमता कम हो जाती है। पृथ्वी पर लौटने पर अंतरिक्ष यात्री रक्तचाप में अनियमितता के कारण ऑर्थोस्टैटिक असहिष्णुता (सीधे खड़े होने में परेशानी होना) का अनुभव कर सकते हैं।
सुनीता विलियम्स, जिन्होंने कई मिशनों में 300 से अधिक दिन अंतरिक्ष में बिताए, को पृथ्वी पर लौटने के बाद इन प्रभावों का अनुभव हो सकता है। इसी कारण उन्हें पुनर्वास की आवश्यकता होती है।
पुनर्वास (rehabilitation) की आवश्यकता के कारण

फिजियोथेरेपिस्ट प्राची भरवानी, सुमनदीप विद्यापीठ, वडोदरा बताती हैं, “अंतरिक्ष उड़ानों के बाद पुनर्वास की आवश्यकता होती है क्योंकि शरीर को पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण के साथ पुनः सामंजस्य बैठाने के लिए समय चाहिए।” प्राची के अनुसार पृथ्वी पर लौटने पर पुर्नवास (rehabilitation) की आवश्यकता के निम्नलिखित कारण हैं:
- मांसपेशी और हड्डियों को ठीक करना: चूंकि, अंतरिक्ष में मांसपेशियों और हड्डियों का प्रयोग कम (degenerate) हो जाता है इसलिए अंतरिक्ष यात्री शक्ति प्रशिक्षण और शारीरिक थेरेपी या योग का पालन करते हैं ताकि मांसपेशी द्रव्यमान को फिर से प्राप्त किया जा सके और हड्डियों की समस्याओं उदाहरण के लिए ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर से बचा जा सके।
- तंत्रिका तंत्र संबंधी विकार (Neurological adaptation): कान के आंतरिक भाग और मस्तिष्क को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुकूल फिर से समायोजित करना होता है। पुनर्वास के बिना, अंतरिक्ष यात्री संतुलन, चक्कर आने और समन्वय में समस्याओं का अनुभव कर सकते हैं। यह उनकी चलने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
- हृदय संबंधी समायोजन (Cardiovascular readjustment): हृदय और रक्त परिसंचरण को गुरुत्वाकर्षण के तहत सामान्य स्थिति में लौटने के लिए पुनर्वास आवश्यक है। पुनर्वास अंतरिक्ष यात्रियों को धीरे-धीरे सामान्य रक्तचाप और हृदय की कार्यप्रणाली में लौटने में मदद करता है।
- दृष्टि और संज्ञानात्मक अनुकूलन: कुछ अंतरिक्ष यात्री मिशन के बाद दृष्टि और संज्ञानात्मक बदलावों का सामना करते हैं, जो द्रव परिवर्तन (fluid shifts) और लंबे समय तक अकेले रहने के कारण होते हैं। इन प्रभावों को निगरानी और उपचार के द्वारा कम किया जा सकता है।
अंतरिक्ष यात्रियों के ठीक होने के लिए आवश्यक चिकित्सा सहायता
नासा और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियां अंतरिक्ष से लौटने के बाद सुनीता विलियम्स जैसे अंतरिक्ष यात्री की सहायता के लिए संरचित पुनर्वास कार्यक्रम प्रदान करती हैं, जिसमें शामिल हैं:
थेरेपी और शक्ति प्रशिक्षण (Strength Training)
प्रतिरोध प्रशिक्षण (Resistance training) और भार वहन करने वाले व्यायाम (weight-bearing exercises) मांसपेशी ताकत को पुनः बहाल करते हैं। इसके अलावा, संतुलन और समन्वय व्यायमों का प्रयोग वेस्टिबुलर सिस्टम को ठीक करने के लिए किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, हाइड्रोथेरेपी (water exercises) कमजोर जोड़ों और मांसपेशियों पर तनाव को कम करने में कारगर हो सकते हैं।
हड्डी घनत्व और हृदय प्रणाली की निगरानी
हड्डी घनत्व स्कैन (DEXA स्कैन) कमजोर हड्डियों का पता लगाते हैं और कैल्शियम तथा विटामिन D सप्लीमेंट की आवश्यकता का पता लगाते हैं। इसके अलावा कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस टेस्ट हृदय की दर और रक्तचाप ट्रैक किया जाता है और व्यक्तिगत सहनशक्ति प्रशिक्षण के माध्यम से परिसंचरण को फिर से स्थापित किया जाता है।
तंत्रिका और मानसिक संबंधी समर्थन
वेस्टिबुलर थेरेपी चक्कर और संतुलन की समस्याओं को ठीक करती है। इसके अलावा, संज्ञानात्मक परीक्षण (cognitive testing) अंतरिक्ष यात्रा से उत्पन्न संज्ञानात्मक हानि (cognitive impairment) की निगरानी करते हैं। इसके अलावा मनोचिकित्सक अंतरिक्ष यात्रियों को लंबे समय तक मिशनों के बाद पृथ्वी के अनुकूल बनने में सहायता करते हैं।
निष्कर्ष
लंबी अंतरिक्ष उड़ान के बाद पृथ्वी पर लौटना सुनीता विलियम्स जैसे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक गंभीर चुनौती है। मांसपेशियों, हड्डियों, संतुलन और हृदय प्रणाली पर माइक्रोग्रैविटी के प्रभाव के कारण विशेष पुनर्वास की आवश्यकता होती है। अनुशासित चिकित्सा देखभाल के तहत, अंतरिक्ष यात्री अपनी शारीरिक शक्ति, समन्वय और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर करते हैं।
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