आमतौर पर मासिक धर्म को ‘केवल लड़कियों’ से जोड़कर ही देखा जाता है, जिस पर खुलकर बात नहीं की जाती है। अधिकांश लोग इस बात को समझ नहीं पाते हैं कि मासिक धर्म की शिक्षा लड़कियों के साथ-साथ लड़कों के लिए भी महत्वपूर्ण है। मासिक धर्म संबंधित सामाजिक त्रुटियों को तोड़कर बेहतर समझ, सहानुभूति और लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सकता है। जब लड़कों को मासिक धर्म की शिक्षा दी जाती है, तब वे ऐसे पुरुष बनते हैं जो महिलाओं की स्थिति को समझ सकते हैं और इस नाजुक दौर में उनका साथ दे सकते हैं।
लड़कों को मासिक धर्म की जानकारी क्यों होनी चाहिए?

डॉ. शशांक जैन, MBBS, MD (पीडियाट्रिक्स) बताते हैं, “मासिक धर्म संबंधी सामाजिक त्रुटियों का मुख्य कारण अज्ञानता है। इन मिथकों को तोड़ने और जागरूकता को बढ़ाने के लिए बातचीत करना महत्वपूर्ण है।” मासिक धर्म की सही जानकारी न होने की स्थिति में लड़कों के मन में गलतधारणाएं जन्म ले सकती हैं जिसकी वजह से वे लड़कियों को परेशान कर सकते हैं। अत: शिक्षा के माध्यम से इस स्थिति को बदला जा सकता है। लड़कों को मासिक धर्म की जानकारी होने से निम्नलिखित परिवर्तन हो सकते हैं:
- सहानुभूति को बढ़ावा देनाः जब लड़कों को यह जानकारी दी जाती है कि मासिक धर्म क्या है और यह लड़कियों को शारीरिक और भावनात्मक रूप से कैसे प्रभावित करता है, तब लड़कों के मन में सहानुभूति विकसित होती है। सहानुभूति स्कूलों, कार्यस्थलों और घरों में बेहतर वातावरण का निर्माण कर सकती है।
- लैंगिक समानताः मासिक धर्म की शिक्षा एक सामान्य पाठ नहीं है अपितु समानता का माध्यम है। अगर हम एक ऐसे समाज का निर्माण करना चाहते हैं जिसमें सभी लोगों (लड़का और लड़की) के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए तो लड़कों को उन समस्याओं की जानकारी देना आवश्यक है, जिनका सामना लड़कियों को करना पड़ता है।
- बहनों, दोस्तों और जीवनसाथी के लिए बेहतर समर्थनः शिक्षित लड़के ऐसे पुरुष बनते हैं जो अपनी बहनों, दोस्तों, जीवनसाथी और बेटियों का समर्थन कर सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप एक आदर्श समाज का निर्माण किया जा सकता है।
परिवार और स्कूल लड़कों को मासिक धर्म की जानकारी देने में कैसे योगदान कर सकते हैं?
स्कूलों को अपने पाठ्यक्रम में मासिक धर्म को शामिल करना चाहिए ताकि इसकी शिक्षा लड़कियों समेत लड़को को भी मिल सके। इसके अलावा लड़कों को मासिक धर्म चक्र की संपूर्ण जानकारी देनी चाहिए उदाहरण के लिए, यह क्यों होता है और इसका महिला के शरीर पर क्या असर पड़ता है।
- घर पर चर्चा को बढ़ावा देनाः माता-पिता को बिना किसी शर्म या गोपनीयता के मासिक धर्म पर चर्चा करनी चाहिए। इस प्रकार, लड़कों को मासिक धर्म के प्रति सहज बनाया जा सकता है।
- सकारात्मक भाषा का प्रयोग करेंः इस विषय को नज़रअदाज़ करने के बजाय शिक्षकों और परिवार वालों को मासिक धर्म का उल्लेख करते समय सही, सकारात्मक भाषा का प्रयोग करने की आवश्यकता है ताकि बच्चों को इसकी सही जानकारी मिल सके।
- पुरूष सदस्यों को शामिल करेंः जब बड़े भाई, पिता या पुरुष शिक्षक मासिक धर्म पर सकारात्मक तरीके से बात करते हैं, तब इसका गहरा असर युवा लड़कों पर पड़ता है।
लड़कों को मासिक धर्म की जानकारी देने के कुछ कारगर तरीके क्या हैं?
लड़कों को यह जानकारी देनी चाहिए कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक जैविक घटना है न कि कोई बीमारी या ‘गंदी’ चीज़। इसके अतिरिक्त लड़कों को यह भी जानकारी देनी चाहिए कि मासिक धर्म क्यों होते हैं और इनकी महत्वता क्या है। ऐसा निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है:
- मिथकों को दूर करना: लड़कों के मन में मासिक धर्म संबंधी मिथक होते हैं। इन मिथकों को दूर करना महत्वपूर्ण है ताकि उन्हें सही जानकारी मिल सके। उदाहरण के लिए, उन्हें यह बताना कि मासिक धर्म का खून किसी चोट के बाद निकले वाले खून से अलग होता है।
- मासिक धर्म के उत्पादों की जानकारी देना: लड़कों को मासिक धर्म के विभिन्न उत्पादों उदाहरण के लिए पैड, टैम्पन और मेंस्ट्रुअल कप की जानकारी देने की आवश्यकता है। लड़कों को यह जानकारी देना कि ये उत्पाद कैसे काम करते हैं लाभकारी हो सकता है क्योंकि इससे संभावित त्रुटियों को दूर किया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने में वे भी लड़की की सहायता कर सकते हैं।
- सहायक व्यवहार के लिए प्रोत्साहित करेंः लड़कों को यह भी जानकारी देनी चाहिए जब उनकी किसी महिला मित्र या सहपाठी को मासिक धर्म में सहायता की आवश्यकता होती है तो उन्हें क्या करना चाहिए। उदाहरण के लिए, किसी तरह का मज़ाक न करना।
- मासिक धर्म संबंधी असमानता (Menstrual Equity) को दूर करना: लड़कों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और उत्पादों की कमी और मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों तक पहुंच क्यों महत्वपूर्ण है जैसे विषयोंं की जानकारी देनी चाहिए। इससे लड़कों के मन में मासिक धर्म संबंधी दृष्टिकोण को बदला जा सकता है।
निष्कर्ष
मासिक धर्म महिलाओं के जीवन की एक अभिन्न प्रक्रिया है, जिस पर शर्म करने की आवश्यकता नहीं है। लड़को को मासिक धर्म की शिक्षा देना एक समावेशी, दयालु और न्यायपूर्ण समाज बनाने की दिशा में एक कदम है। इस प्रकार उन्हें महिलाओं की स्थिति से अवगत कराया जा सकता है।
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