किसी भी माता-पिता के लिए नवजात शिशु की त्वचा को छिलते देखना काफी तकलीफदेह हो सकता है। लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है — यह एक सामान्य स्थिति है, जो समय बाद स्वयं ठीक हो जाती है। बच्चे की त्वचा का छिलना इस बात का संकेत है कि उनकी त्वचा बाहर की दुनिया के माहौल में खुद को ढाल रही है। इसे किसी समस्या की तरह नहीं देखना चाहिए — बस उनकी त्वचा को साफ, नर्म और मॉइस्चराइज़ रखें। इस लेख में हमने विस्तार से चर्चा की है।
नवजात शिशु की त्वचा के छिलने पर कब चिंता करनी चाहिए?

नवजात बच्चे की त्वचा का छिलना और होंठों का फटना आमतौर पर कोई बड़ी बात नहीं होती। ज्यादातर बच्चों की त्वचा जन्म के कुछ दिन बाद खुद-ब-खुद छिलने लगती है। इसके बावजूद एक माता-पिता के लिए ऐसा देखकर थोड़ा परेशान होना बिल्कुल सामान्य है। डॉ. उन्मेश उपाध्याय, अहमदाबाद बाल चिकित्सा संघ के अध्यक्ष (2023-24), संस्थापक और वरिष्ठ सलाहकार बाल रोग विशेषज्ञ, विस्मय चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, अहमदाबाद, गुजरात, निम्नलिखित बिंदुओं का उल्लेख करते हैं जब आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए
- यदि छिलना गंभीर है या इसमें दरारें या खुले घाव हैं
- यदि लाल धब्बे, मवाद (pus) या संक्रमण के लक्षण नज़र आते हैं
- यदि आपका शिशु चिड़चिड़ा लगता है या उसे बुखार है
- यदि त्वचा का छिलना तेजी से फैलता है या कुछ हफ्तों बाद भी कम नहीं होता है
त्वचा के छिलने पर शिशु को डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

कुछ दुर्लभ त्वचा स्थितियाँ, जैसे एक्जिमा, इक्थियोसिस, या एलर्जी, समान लक्षण पैदा कर सकती हैं। इसलिए, भले ही ज्यादातर छिलना स्वस्थ त्वचा के नवीनीकरण का संकेत हो, अपनी मानसिक शांति के लिए डॉक्टर से जांच करवाना ठीक है। डॉ. एकांश शेखर, त्वचा विशेषज्ञ, कॉस्मेटोलॉजिस्ट, ट्राइकोलॉजिस्ट, और सौंदर्य चिकित्सा सलाहकार, शिशुओं में त्वचा के छिलने के कुछ सामान्य कारणों और प्रबंधन का उल्लेख करते हैं:
1. सूखी त्वचा (Xerosis)
अगर हवा बहुत सूखी हो, साबुन बहुत तेज़ हो या बच्चे को बार-बार नहलाया जाए, तो उसकी त्वचा की नमी खत्म हो सकती है और त्वचा छिलने लगती है। नहाने के बाद हल्के और बिना खुशबू वाले मॉइस्चराइज़र लगाएं। कमरे में ह्यूमिडिफ़ायर चलाएं, विशेषकर ठंडे या सूखे मौसम में।
2. एक्जिमा (Atopic Dermatitis)
यह एक लगातार रहने वाली त्वचा की समस्या है जिसमें लालपन, सूखापन और खुजली हो सकती है।
क्रीम लगाएं (जैसे स्टेरॉइड वाली), त्वचा को नम रखें और तेज़ साबुन या एलर्जी वाली चीजों से बचें। डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
3. त्वचा का संक्रमण (Skin Infections)
बैक्टीरिया या फंगल इंफेक्शन की वजह से भी त्वचा छिल सकती है। सही इलाज और दवाओं (एंटीबायोटिक या एंटीफंगल) के लिए डॉक्टर से मिलें।
4. धूप से जलना (Sunburn)
अगर बच्चा सीधे सूरज की रोशनी में ज़्यादा देर रहता है, तो उसकी त्वचा जल सकती है और छिलने लगती है। बच्चे को तेज़ धूप से बचाएं, टोपी और ढीले कपड़े पहनाएं। 6 महीने से अधिक उम्र के बच्चों के लिए हल्का सनस्क्रीन इस्तेमाल करें। ठंडी पट्टी या क्रीम से जलन को शांत करें।
5. कुछ विशिष्ट त्वचा की बीमारियाँ (जैसे Ichthyosis)
कुछ विशेष त्वचा की समस्याएं भी त्वचा के छिलने का कारण हो सकती हैं। सही इलाज के लिए बाल रोग विशेषज्ञ या त्वचा विशेषज्ञ से मिलें। डॉक्टर मॉइस्चराइज़र, क्रीम या दवाएं दे सकते हैं।
डॉ. शेखर अंत में बताते हैं “ये सामान्य सुझाव हैं, लेकिन हर बच्चे की त्वचा अलग होती है। अगर कोई भी समस्या बार-बार हो रही हो या बढ़ रही हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।”
छिलती हुई त्वचा में बच्चे की देखभाल कैसे करें?

डॉ. शशांक जैन, बाल चिकित्सा ICU विशेषज्ञ, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बताते हैं “जन्म के पहले 2 से 3 हफ्तों में बच्चों की त्वचा का छिलना सामान्य है। यह तब तक ठीक है जब तक बच्चा ठीक से दूध पी रहा हो, बुखार न हो और कोई दाने न हों। लेकिन अगर आपको कोई चिंता हो, तो डॉक्टर से मिलना अच्छा रहेगा।”महंगे उत्पादों की आवश्यकता नहीं है — बस प्यार और देखभाल काफी है। यहाँ कुछ आसान उपाय दिए गए हैं:
- बच्चे को दिन में सिर्फ एक बार नहलाएं और वह भी हल्के गुनगुने पानी से।
- तेज़ गंध वाला साबुन न इस्तेमाल करें — सिर्फ बिना खुशबू वाला, हल्का बेबी साबुन और वो भी सिर्फ गंदे हिस्सों पर।
- तौलिये से हल्के से थपथपा कर सुखाएं, रगड़ें नहीं।
- त्वचा हल्की नम हो तभी बेबी मॉइस्चराइज़र लगाएं इससे नमी लॉक हो जाती है।
- नरम कॉटन के कपड़े पहनाएं, ताकि त्वचा को कोई जलन न हो।
- तीखे वाइप्स, पाउडर या खुशबू वाले उत्पादों से बचें — ये सूखी त्वचा को और खराब कर सकते हैं।
- सूखी त्वचा को खुद से न हटाएं — ये समय के साथ खुद ही निकल जाएगी।
अगर आप दूविधा में हैं कि कौन-सी क्रीम या तेल बच्चे के लिए सुरक्षित है, तो अपने बाल रोग विशेषज्ञ (pediatrician) से सलाह लें। वे आपके बच्चे की त्वचा के अनुसार सही सुझाव देंगे।
क्या मौसम या घर का माहौल बच्चे की त्वचा को प्रभावित कर सकता है?
हाँ, मौसम और घर का वातावरण बच्चे की त्वचा पर असर डाल सकते हैं — इससे त्वचा ज़्यादा सूखी और छिलने वाली हो सकती है। भारत में, विशेषकर सर्दियों में या जब पंखा या एसी लगातार चलता है, तो हवा बहुत सूखी हो जाती है। इससे बच्चे की त्वचा और ज़्यादा सूख सकती है।
क्या करें:
- कमरे में ह्यूमिडिफ़ायर लगाएं, विशेषकर ठंडे और सूखे मौसम में।
- बच्चे को सीधे पंखे या एसी की हवा से बचाएं।
- बहुत गर्म पानी से न नहलाएं — हल्का गुनगुना पानी ही काफी है।
- कॉटन (सूत) के कपड़े और चादरें इस्तेमाल करें — ये त्वचा को आराम देते हैं।
आपके बच्चे की त्वचा अभी दुनिया के माहौल के अनुसार खुद को ढाल रही है। गर्भ में, वह एमनियोटिक फ्लूइड में था और उसकी त्वचा को एक लेयर (vernix) ने ढक रखा था। जन्म के बाद, उसकी त्वचा को नई हवा और मौसम के साथ तालमेल बैठाने में कुछ हफ्ते लगते हैं — इसलिए पहले महीने में त्वचा का छिलना आम बात है।
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