बुखार के बाद चक्कर आना सामान्य है। कई लोग, भले ही उनका तापमान सामान्य हो जाए, कमजोरी, चक्कर या असंतुलन महसूस करते हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है, तो हम इसे आपके लिए आसान भाषा में समझाते हैं।
क्या बुखार की वजह से रक्तचाप कम हो सकता है? क्या इससे चक्कर आ सकते हैं?

डॉ. सुनील खत्रपाल, MBBS, MHA, निदेशक, AHPI (एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया), दिल्ली बताते हैं कि ” हां, बिलकुल, ऐसा हो सकता है। जब आपको बुखार होता है, तब आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इससे आपकी रक्त वाहिकाएं (blood vessels) फैल जाती हैं। साथ ही, पसीना आने या पानी कम पीने से शरीर में पानी की कमी (dehydration) हो सकती है। ये सब मिलकर रक्तचाप को कम कर सकते हैं। निम्न रक्तचाप की वजह से बुखार के बाद चक्कर आ सकते हैं।”

इसे ऐसे समझिए: जब बुखार के दौरान शरीर ठंडा होने की कोशिश करता है, तब खून का बहाव पहले जैसा तेज़ नहीं रहता। डॉ. अलमास फातमा, MBBS, डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन, PG इन डिजिटल हेल्थ बताती हैं कि “इससे चक्कर आ सकते हैं, विशेषकर जब आप अचानक खड़े होते हैं या तेजी से हिलते हैं। अगर आपको अक्सर चक्कर आते हैं, तो बिस्तर से उठने से पहले कुछ सेकंड के लिए उसके किनारे पर बैठना अच्छा होता है। बार-बार चक्कर आना ह्रदय संबंधी रोग का संकेत भी हो सकता है, इसलिए जरूरी जांच करवाना आवश्यक है।”
यह बुखार के बाद चक्कर आने का एक मुख्य कारण है, जिसे कई लोग अनुभव करते हैं लेकिन पूरी तरह समझ नहीं पाते हैं।
क्या दवाइयां चक्कर आने की वजह हो सकती हैं?
हाँ, और ज़्यादातर लोग इसे समझ नहीं पाते हैं। बुखार के दौरान ली जाने वाली कुछ दवाइयाँ—जैसे एंटीबायोटिक्स, एंटीहिस्टामिन्स या आम दवाएँ जैसे पैरासिटामोल और आइबुप्रोफेन— से चक्कर या अत्यधिक नींद आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
अगर आप ये दवाइयाँ कुछ दिनों से ले रहे हैं, तो बुखार के बाद जो चक्कर आ रहे हैं, वो सिर्फ बुखार की वजह से नहीं, दवाओं की वजह से भी हो सकते हैं। अगर आपको ऐसा लगे कि सब कुछ घूम रहा है, बहुत नींद आ रही है या उलझन हो रही है, तो डॉक्टर से बात करें। वो दवा की मात्रा बदल सकते हैं या दूसरी दवा दे सकते हैं।
इसके अलावा, बुखार के दौरान ब्लड शुगर ऊपर-नीचे हो सकता है। अगर आप ठीक से खाना नहीं खा रहे हैं, तो शुगर कम हो सकती है, जो चक्कर की एक और वजह है—विशेषकर अगर आप मधुमेह या रक्तचाप की दवा ले रहे हैं।
बुखार के बाद चक्कर आने पर कब सावधान होना चाहिए?
आमतौर पर बुखार के बाद चक्कर कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। लेकिन कभी-कभी यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण हों तो इन्हें नजरअंदाज न करें:
- चक्कर के साथ सीने में दर्द या तेज़ दिल की धड़कन
- धुंधली नजर या चलने में दिक्कत
- बेहोशी या बेहोश होने जैसा महसूस होना
- बुखार वापस आना साथ में उल्टी या गर्दन का सख्त होना
- सुनने में दिक्कत या कानों में आवाज़ आना
ये लक्षण कान का संक्रमण, बहुत ज्यादा पानी की कमी या कभी-कभी मस्तिष्क संबंधी गंभीर समस्याओं जैसे वायरल मेनिन्जाइटिस का संकेत हो सकते हैं। कुछ मामलों में डेंगू, चिकनगुनिया या COVID-19 जैसे वायरल बुखार के बाद रक्तचाप जल्दी बदल सकता है, जिससे चक्कर आ सकते हैं।
अगर बुखार ठीक होने के बाद 3-4 दिन से ज्यादा समय तक चक्कर आते रहें, तो डॉक्टर से मिलना चाहिए।
बुखार के बाद चक्कर आना डरावना लग सकता है, लेकिन आमतौर पर यह गंभीर नहीं होता है। आपका शरीर ठीक हो रहा होता है और उसे आराम की ज़रूरत होती है। खूब पानी पिएं, पौष्टिक खाने खाएं और आराम करें। इसके बावजूद भी सुधार न होने की स्थिति में डॉक्टर से मिलना चाहिए।
Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

