गर्भावस्था के दौरान शरीर में विभिन्न प्रकार के परिवर्तन होते हैं और त्वचा भी इससे प्रभावित होती है। हार्मोन और बढ़ते पेट की वजह से त्वचा सूखी या संवेदनशील हो सकती है। कई गर्भवती महिलाओं के मन में यह प्रश्न आता है कि ‘गर्भावस्था के दौरान कौन से मॉइस्चराइज़र सुरक्षित हैं।’ इस लेख में हमने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की है।
गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित मॉइस्चराइज़र चुनते समय किन सामग्रियों का ध्यान रखना चाहिए?
गर्भावस्था के ऐसा मॉइस्चराइज़र चुनना चाहिए जो हल्का और असरदार हो। त्वचा विशेषज्ञ बताते हैं कि उन सामग्रियों का ध्यान रखना चाहिए जो त्वचा की सुरक्षा करें। उदाहरण के लिए, सेरामाइड्स, हायलूरॉनिक एसिड और नायसिनामाइड। ये त्वचा की रक्षा करते हैं, उसे रिपेयर करने में मदद करते हैं और त्वचा को मुलायम बनाते हैं।

डॉ. गुरमन सिंह भसीन, डायरेक्टर और चीफ डर्मेटोलॉजिस्ट, स्किनक्लैरिटी क्लिनिक, नागपुर बताते हैं, “गर्भावस्था में त्वचा को हाइड्रेट और सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है। ऐसे मॉइस्चराइज़र का प्रयोग करें जिनमें सुरक्षित और हल्की सामग्रियां हों। उदाहरण के लिए, शिया बटर, कोकोआ बटर, ग्लिसरीन, हायलूरॉनिक एसिड और सेरामाइड्स, जो त्वचा को मुलायम और लचीला बनाए रखते हैं। हल्के प्राकृतिक तेल जैसे नारियल या बादाम का तेल कम मात्रा में सूखापन कम करने में मदद कर सकते हैं।”
डॉ. भसीन आगे बताते हैं, “रिटिनॉइड्स, तेज़ सैलिसिलिक एसिड और कुछ आवश्यक तेल से बचें क्योंकि ये त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं या गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित नहीं हो सकते हैं। इसके बजाय, बिना खुशबू वाले, कोमल और त्वचा विशेषज्ञ द्वारा सुझाव गए उत्पादों का चयन करें ताकि त्वचा स्वस्थ, आरामदायक और अच्छी तरह से पोषित बनी रहे।”

डॉ. सौम्या, कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट, ESIC मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, पटना, बिहार बताती है, “ गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित और कोमल स्किनकेयर चुनना महत्वपूर्ण है। हार्मोनल बदलावों की वजह से त्वचा ज़्यादा संवेदनशील हो सकती है, जिससे सूखापन, मुंहासे या काले धब्बे जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कम सक्रिय तत्व वाले सरल उत्पादों का प्रयोग करने से त्वचा में जलन का खतरा कम होता है और त्वचा स्वस्थ रहती है।”
गर्भावस्था के दौरान मॉइस्चराइज़र चुनते समय किन चीज़ों से बचना चाहिए?
गर्भावस्था के दौरान मॉइश्चराइज़र चुनते समय कुछ चीज़ों से बचना चाहिए। रिटिनॉल या अन्य रिटिनॉइड्स, मजबूत सैलिसिलिक एसिड, हाइड्रोक्विनोन, संदेहास्पद केमिकल सनस्क्रीन और अन्य आवश्यक तेल।
कई सूचियोंं से पता चलता है कि गर्भावस्था के दौरान किन मॉइश्चराइज़र से बचना चाहिए, लेकिन अक्सर यह नहीं बताया जाता कि क्यों। मुख्य कारण स्पष्ट है: कुछ सामग्री, जैसे रिटिनॉल, गर्भवती महिला के रक्त में प्रवेश कर सकती हैं और बच्चे को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए इनसे बचना आवश्यक है। अगर कोई गर्भवती महिला भारत के गर्म या उमस वाले क्षेत्रों में रहती है, तो उन्हें बहुत भारी विंटर क्रीम का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि ये छिद्र बंद कर सकती हैं और संवेदनशील त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। हल्की और कोमल क्रीम का ही प्रयोग करना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित मॉइस्चराइज़र का प्रयोग करके त्वचा की देखभाल कैसे की जा सकती है?
गर्भावस्था के दौरान त्वचा की देखभाल निम्नलिखित तरीकों से की जा सकती है:
- हल्के, नॉन-फोमिंग क्लेंज़र का प्रयोग करें।
- रोजाना, सुबह और रात, खुशबू रहित और कोमल क्रीम चुनें।
- अगर किसी गर्भवती महिला को अपनी त्वचा पर धब्बे या रंगत के बदलाव नज़र आ रहे हैं, तो उसे सनस्क्रीन जरूर लगानी चाहिए। मॉइश्चराइज़र लगाने के समय धीरे-धीरे काम लें: इसे चेहरे और शरीर पर हल्के थपथपाकर लगाएँ और बढ़ते पेट और स्तनों पर हल्की मालिश करें। इससे त्वचा आरामदायक और लचीली रहती है। गर्भावस्था में अधिकांश महिलाओं की त्वचा खुजली या तंग महसूस करती है, इसलिए सुरक्षित और शांत करने वाली क्रीम का प्रयोग करना महत्वपूर्ण है।
- रात में अपनी त्वचा को और नर्म बनाने के लिए हल्के प्राकृतिक तेल (जैसे सूरजमुखी या जोजोबा) का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन केवल डॉक्टर की सलाह से। त्वचा की देखभाल को सरल और नियमित रखें। गर्भावस्था में त्वचा को चाहिए आराम, नमी और सुरक्षा, भारी एंटी-एजिंग उत्पाद नहीं।
गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित मॉइश्चराइज़र चुनना किसी विलासिता की बात नहीं है, बल्कि गर्भवती महिला और उसके बच्चे की अच्छी देखभाल करना है। त्वचा अभी बहुत मेहनत कर रही है ताकि उन दोनों (गर्भवती महिला और उसके बच्चे) को सुरक्षित रख सके। कोमल उत्पाद चुनें, नुकसानदायक सामग्री से बचें और त्वचा की देखभाल बनाए रखें। इससे त्वचा आरामदायक और स्वस्थ रहती है। ध्यान दें: नमी, त्वचा की सुरक्षा और सरलता महत्वपूर्ण हैं, भारी फॉर्मूले नहीं। हमेशा लेबल पढ़ें, अगर त्वचा में जलन या परेशानी हो तो ध्यान दें और संदेह होने पर डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ के पास जाए। सही देखभाल से त्वचा मजबूत, शांत और दमकती रह सकती है।
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