अगर मोतियाबिंद की वजह से दृष्टि धुंधली होती है तो इससे परेशानी हो सकती है। लेकिन मोतियाबिंद की सर्जरी को ज़्यादा देर तक टालना नुकसानदायक हो सकता है — और कभी-कभी ये नुकसान स्थायी हो सकता है। मोतियाबिंद रोज़मर्रा की ज़िंदगी, घर और काम दोनों को प्रभावित कर सकता है। मोतियाबिंद सर्जरी देरी करने से मानसिक तनाव भी हो सकता है। इसलिए समय पर इलाज कराना जरूरी है।
क्या मोतियाबिंद की सर्जरी में देरी करने से दृष्टि खराब हो सकती है?

डॉ. आदित्य सेठी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, अरुणोदय डेजर्ट आई हॉस्पिटल, गुरुग्राम, हरियाणा बताते हैं, “मोतियाबिंद अपने आप ठीक नहीं होता है। यह धीरे-धीरे और बिगड़ जाता है। इससे दृष्टि धुंधली होती जाती है और रंग फीके या पीलापन लिए लग सकते हैं। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। अगर आप ज़्यादा इंतज़ार करते हैं, तो मोतियाबिंद “बढ़” जाता है, जिससे सर्जरी करना मुश्किल हो सकता है। डॉक्टर को उसे हटाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है, जिससे आंख के अंदर नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है।”
जितनी कठिन सर्जरी होती है, उतना ठीक होने में ज़्यादा समय लगती है। इसलिए भले ही अभी आपको इंतज़ार करना ठीक लगे, आपकी आंखों की हालत धीरे-धीरे बिगड़ती रहती है, जो आपको तुरंत महसूस नहीं होती है। और जब आप बाद में सर्जरी के लिए तैयार होते हैं, तब तक आपकी नज़र को ठीक करना मुश्किल हो जाता है।
मोतियाबिंद की सर्जरी में देरी से क्या समस्याएं हो सकती हैं?
आप सोच सकते हैं, “अभी तो ज्यादा बुरा नहीं है, मैं संभाल लूंगा।” लेकिन मोतियाबिंद सिर्फ आपकी नज़र धुंधली नहीं करता — यह धीरे-धीरे रोज़मर्रा की ज़िंदगी मुश्किल बना देता है।
पढ़ना, विशेषकर मोबाइल या कंप्यूटर पर, मुश्किल हो जाता है। रात में गाड़ी चलाना घातक हो जाता है। इससे काम करने के लिए दूसरे लोगों की ज़्यादा मदद लेनी पड़ सकती है। दिन में भी आपके आसपास की चीजें धुंधली या धुंध जैसी लगने लगती हैं। ये बदलाव धीरे-धीरे होते हैं, लेकिन समय के साथ आत्मविश्वास, आज़ादी और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
अन्य जोखिम यह है कि दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, मोतियाबिंद वाले लोगों का गिरना या चोट लगना। इससे तनाव, अकेलापन और अवसाद जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं — विशेषकर अगर आप अभी काम कर रहे हैं या परिवार संभाल रहे हैं। इसलिए नेत्र विशेषज्ञ से मिलना जरूरी है। घर पर इलाज या तात्कालिक उपायों पर भरोसा न करें क्योंकि इनसे मोतियाबिंद का उपचार संभव नहीं है।
क्या मोतियाबिंद सर्जरी में देरी करने से कोई स्वास्थ्य जोखिम होते हैं?
हाँ, कुछ ऐसे जोखिम होते हैं जिनके बारे में ज़्यादा बात नहीं होती है। उदाहरण के लिए, आंख के अंदर बढ़ा हुआ दबाव। जब मोतियाबिंद बहुत पुराना हो जाता है, तब वह आंख के अंदर के तरल को रोक सकता है, जिससे लेंस-इंड्यूस्ड ग्लूकोमा हो सकता है। यह दर्दनाक और गंभीर बीमारी है और अगर समय पर इलाज न हो तो इससे स्थायी दृष्टि हानि हो सकती है।
आंख में इन्फ्लेमेशन या बार-बार सिर दर्द भी हो सकता है क्योंकि किसी भी चीज़ को देखने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। मोतियाबिंद के अधिक समय तक लाइलाज रहने से ये समस्याएं बढ़ सकती हैं।
एक और बात जो ज़्यादातर लोग नहीं जानते, वह यह है कि बहुत देरी करने से सर्जरी के विकल्प सीमित हो सकते हैं। मोतियाबिंद ऑपरेशन में विशेष प्रकार के लेंस लगाए जाते हैं जिससे दृष्टि ठीक होती है। लेकिन अगर मोतियाबिंद बहुत ज्यादा पुराना हो गया है, तो सर्जरी करना मुश्किल हो जाता है।
मोतियाबिंद सर्जरी में देरी करने से विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं, जिनकी जानकारी होना आवश्यक है।
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