LADA (Latent Autoimmune Diabetes in Adults) का निदान होना या इसे पहली बार सुनना भी काफी परेशान करने वाला हो सकता है — विशेषकर तब, जब आपकी उम्र 30 के आस-पास होती है और आप जीवन, काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहे होते हैं। अगर आप यह समझने में उलझन महसूस कर रहे हैं कि इसकी वजह क्या होती है या आप खुद इसके जोखिम में हैं या नहीं, तो आप अकेले नहीं हैं। इस लेख में LADA के जोखिम कारकों की जानकारी दी है ताकि आप इसका सही तरीके से प्रबंधन कर सकें।
क्या जीवनशैली की आदतें, जैसे वजन, धूम्रपान या खान-पान, LADA का खतरा बढ़ा सकती हैं?

डॉ. अनुपम डे, कंसल्टेंट मेडिसिन स्पेशलिस्ट और डायबिटोलॉजिस्ट, ट्यूलिप केयर हॉस्पिटल्स, कटक बताते हैं “ भले ही LADA, टाइप 1 मधुमेह से मिलती-जुलती हो लेकिन कई लोगों में इसके साथ टाइप 2 मधुमेह जैसी जीवनशैली संबंधी आदतें भी देखी जाती हैं।” नीचे कुछ ऐसी आदतें दी गई हैं जो LADA का खतरा बढ़ा सकती हैं:
- अधिक वजन होना: इससे शरीर को ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मुश्किल होती है और अगर आप पहले से जोखिम में हैं तो LADA का खतरा बढ़ सकता है।
- धूम्रपान: यह कई बीमारियों का कारण बनता है और LADA होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
- अनहेल्दी खानपान: ज़्यादा प्रोसेस्ड फूड, मीठे पेय और कम फाइबर वाला खाना LADA संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है।
- शारीरिक गतिविधि की कमी: बहुत ज़्यादा बैठना सीधे तौर पर LADA का कारण नहीं बनता है, लेकिन यह इंसुलिन के सही प्रयोग में बाधा डाल सकता है। इसका सीधा असर ब्लड शुगर पर पड़ सकता है।
जिसके बारे में अक्सर बात नहीं होती है- तनाव (Stress)। लगातार तनाव आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकता है और अगर आप पहले से जोखिम में हैं तो यह LADA के खतरे को बढ़ा सकता है। वैज्ञानिक अभी भी इस पर शोध कर रहे हैं।
क्या जीन या परिवार में मधुमेह का इतिहास होने से LADA का खतरा बढ़ता है?
डॉ. डे बताते हैं कि “जीन की इसमें मुख्य भूमिका होती है। अगर आपके माता-पिता, भाई-बहन या रिश्तेदारों को टाइप 1 या टाइप 2 मधुमेह है, तो आपको LADA होने का खतरा ज़्यादा है। कुछ विशिष्ट जीन (जैसे HLA जीन), जो ऑटोइम्यून बीमारियों से संबंधित होते हैं, वे LADA वाले लोगों में ज़्यादा पाए जाते हैं।”
इसीलिए जब डॉक्टर LADA का पता लगाते हैं, तब वे अक्सर आपसे परिवार के मेडिकल इतिहास के बारे में पूछते हैं। भले ही आप अपने जीन नहीं बदल सकते, लेकिन अगर डॉक्टर को आपके पारिवारिक इतिहास की जानकारी हो, तो वे पहले ही आपकी जांच और निगरानी कर सकते हैं।
कुछ लोग ये जीन बिना किसी लक्षण को महसूस करते हैं — और LADA के लक्षण तभी सामने आते हैं जब बीमारी बढ़ चुकी होती है। इसलिए अगर आपके परिवार में किसी को मधुमेह है और आपकी उम्र 30 के आसपास है और आपको बार-बार थकान, ज़्यादा प्यास लगना या बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं — तो डॉक्टर से ज़रूर बात करें।
क्या जिन लोगों को पहले से कोई ऑटोइम्यून बीमारी है, उन्हें LADA होने का खतरा अधिक होता है?
हाँ। यह एक बहुत ही ज़रूरी — लेकिन इसे अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। LADA एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अग्न्याशय की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला करती है। इसलिए अगर आपको पहले से कोई ऑटोइम्यून बीमारी है, जैसे:
- थायराइड की समस्या (जैसे हाशिमोटो या ग्रेव्स रोग),
- विटिलिगो (त्वचा पर सफेद दाग) या
- सीलिएक रोग (ग्लूटेन से एलर्जी),
तो आपको LADA होने का खतरा ज़्यादा हो सकता है।
कई बार डॉक्टर भी इस संबंध को पहचान नहीं पाते हैं। इसलिए अगर आपको पहले से कोई ऑटोइम्यून बीमारी है और आप बार-बार थकान, ज़्यादा प्यास लगना या बिना कारण वजन कम होने जैसे लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो यह LADA हो सकता है — सिर्फ टाइप 2 मधुमेह नहीं।
LADA धीरे-धीरे शुरू होता है, इसलिए शुरुआत में इसे टाइप 2 मधुमेह समझ लिया जाता है। लेकिन वजन, तनाव, जीवनशैली, जीन और अन्य ऑटोइम्यून बीमारियाँ इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
अगर आप इसे लेकर चिंतित हैं, तो आपको एंटीबॉडी टेस्ट या C-पेप्टाइड टेस्ट जैसे आसान टेस्ट करवाने चाहिए। इससे इसकी पहचान समय रहते हो सकती है जिससे इसका इलाज सही तरीके से किया जा सकता है।
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