चाय हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। अधिकांश लोगों के दिन की शुरूआत चाय के साथ होती है। कुछ लोगों को दूध वाली चाय पसंद होती है, तो कुछ ग्रीन टी पीते हैं। इसके बावजूद, चाय से संबंधित मिथक देखने को मिलते हैं, जिन पर लोग आंख-मूंदकर विश्वास कर लेते हैं। अत: इनकी वास्तविकता का जानना महत्वपूर्ण है।
मिथक 1ः सुबह की चाय पीना जहर के समान है

वास्तविकताः डॉ. स्वाति दवे, आहार विशेषज्ञ, PhD खाद्य और पोषण, पुणे बताती हैं, “सुबह की चाय को ‘जहर’ कहना गलत है। चाय में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हृदय के लिए अच्छे हैं और शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं। हालांकि, अगर आप चाय में बहुत ज्यादा चीनी या दूध डालते हैं, तो वह नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इससे कैलोरी बढ़ जाती है। इसके बावजूद अगर चाय को संतुलित तरीके से पिया जाए तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है।”
मिथक 2ः प्याज की चाय गर्भाशय को साफ करती है

वास्तविकताः डॉ. सुनीत कौर मल्होत्रा, एसोसिएट डायरेक्टर, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी, मैक्स हेल्थकेयर, नई दिल्ली बताती हैं, ” प्याज की चाय से अनियमित मासिक धर्म के ठीक होने के कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं हैं। अनियमित मासिक धर्म के विभिन्न कारण हो सकते हैं, जिसके प्रबंधन के लिए विभिन्न तरीकों को अपनाने की आवश्यकता होती है। अत: प्याज की चाय पर आश्रित रहना सही नहीं है।”
मिथक 3ः चाय पीने से ब्रेन स्ट्रोक से बचा जा सकता है

वास्तविकताः डॉ. श्रीनिवास मीनाक्षीसुंदरम (न्यूरोलॉजिस्ट, MGM हेल्थकेयर, चेन्नई) बताते हैं “ब्रेन स्ट्रोक के विभिन्न कारण हो सकते हैं। कुछ चाय, विशेषकर ग्रीन टी, में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो धमनियों में ब्लॉकेज (एथेरोस्क्लेरोसिस) का खतरा कम कर सकते हैं, जो स्ट्रोक का एक कारण है लेकिन चाय स्ट्रोक के अन्य कारणों से नहीं बचा सकती है। चाय का फायदा तभी होता है, जब आप उसे एक अच्छी जीवनशैली के साथ पीयें। जैसे- संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और रक्तचाप या मधुमेह जैसी बीमारियों पर नियंत्रित रखना।”
मिथक 4ः घर पर बनी हर्बल चाय 300 से ज़्यादा पेट की समस्याओं का इलाज करती है

वास्तविकताः डॉ. अल्मास फातमा, MBBS, डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन, PG इन डिजिटल हेल्थ, नवी मुंबई, महाराष्ट्र बताती हैं, “यह कहना सही नहीं है कि कोई एक हर्बल चाय 300 से ज्यादा पेट की समस्याओं को ठीक कर सकती है। हालांकि सौंफ़, तुलसी या लौंग जैसी चीज़ें हल्की गैस या अपच में थोड़ी राहत दे सकती हैं लेकिन इनका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। पेट की समस्याएं छोटी सूजन से लेकर अल्सर या इंफेक्शन जैसी गंभीर बीमारियों तक हो सकती हैं, जिनके लिए मेडिकल जांच और इलाज जरूरी होते हैं।”
मिथक 5ः अजमोद चाय (Parsley Tea) वास्तव में सूजन को कम करती है और रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देती है

वास्तविकताः डॉ. शालिन नागोरी, MBBS, MD, सिटी पैथोलॉजी, हलोल, गुजरात बताते हैं, “अजमोद हल्की सूजन कम करने में कुछ मदद कर सकता है लेकिन अगर सूजन किडनी की बीमारी या किसी और पुरानी बीमारी की वजह से है, तो यह चाय पीना नुकसानदायक हो सकता है। अगर इन्फ्लेमेशन या घाव की वजह से है, तो इसे पिया जा सकता है लेकिन किडनी जैसी गंभीर समस्याओं के लिए सिर्फ इसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए, बल्कि डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।”
निष्कर्ष
हर साल 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में चाय की खपत को बढ़ाना है। इस साल इसकी थीम “बेहतर जीवन के लिए चाय” है। इसके बावजूद, सोशल मीडिया पर चाय से संबंधित मिथक देखने को मिलते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
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