भारत में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डिब्बाबंद पानी और खनिज जल (mineral water) को ‘उच्च जोखिम’ वाले खाद्य श्रेणी के रूप में पुनर्वर्गीकृत किया है। यह नई श्रेणी, जो अभी अस्तित्व में आई है, इस श्रेणी के सभी केंद्रीय लाइसेंस धारकों के लिए वार्षिक तृतीय-पक्ष खाद्य सुरक्षा ऑडिट के लिए अनिवार्य है। यह निर्णय यह सुनिश्चित करने में सहायक है कि डिब्बाबंद पानी उच्चतम सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का पालन करता है। इसके अलावा, यह उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षा प्रदान करने और उपलब्ध उत्पादों में विश्वास को बढ़ाने का कार्य भी करता है।
इसके ‘reclassification’ का कारण क्या है?
FSSAI का निर्णय खाद्य सुरक्षा के मुद्दों को संबोधित करने और उपभोक्ता कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा है। यह reclassification खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियम, 2011 में संशोधन के बाद किया गया है, जिसमें कुछ खाद्य उत्पादों के लिए कुछ अनिवार्य BIS प्रमाणन (certification) आवश्यकताओं में छूट दी गई है। FSSAI इन विनियमों की समीक्षा करता है और डिब्बाबंद पानी तथा खनिज जल (mineral water) को ‘उच्च जोखिम वाले खाद्य पदार्थों’ के रूप में वर्गीकृत करता है। इसमें पानी की गुणवत्ता, सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण से संबंधित लंबे समय तक बनी रहने वाली समस्याओं का उल्लेख किया गया है।
डिब्बाबंद पानी लाखों भारतीयों के दैनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण और आवश्यक उत्पाद है। इसके बावजूद यह अक्सर सुरक्षा और गुणवत्ता के कारण चर्चा का विषय बना रहता है। FSSAI का नया वर्गीकरण डिब्बाबंद पानी के लिए एक स्पष्ट संदेश प्रदान करता हैः यह अब एक सामान्य उत्पाद नहीं है। यह एक उच्च जोखिम वाला खाद्य पदार्थ है जिसमें उपभोग की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियंत्रण और नियमित निगरानी की आवश्यकता है।
उपभोक्ताओं के लिए इसका अर्थ क्या है?
इस reclassification का उपभोक्ताओं को लाभ प्राप्त हुआ है क्योंकि यह डिब्बाबंद पानी उद्योग में सुरक्षा के कड़े मानकों और जवाबदेही को सुनिश्चित करता है। यहां बताया गया है कि नए नियम उपभोक्ताओं को कैसे प्रभावित कर सकते हैंः
उत्पादों की गुणवत्ता
इस reclassification का मुख्य परिणाम यह है कि डिब्बाबंद पानी निर्माता स्वच्छता और गुणवत्ता नियंत्रण के अधिक कड़े मानकों के अधीन हैं। तृतीय-पक्ष वार्षिक खाद्य सुरक्षा ऑडिग यह सुनिश्चित करने के लिए एक साधन प्रदान करता है कि सभी उत्पादन सुविधाओं में उचित सुरक्षा मानक हों। इस प्रकार के तीसरे पक्ष के वार्षिक ऑडिट में न केवल पानी की गुणवत्ता की जांच की जाती है, बल्कि संयंत्र की सफाई, पैकेजिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों का कोई पालन है अथवा नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। इन सभी को सुनिश्चित किया जाता है ताकि सभी लोगों को उच्च गुणवत्ता वाला डिब्बाबंद पानी मिल सके।
बेहतर सुरक्षा
नियमित लेखापरीक्षा से जल उत्पादन प्रक्रिया में संभावित सुरक्षा खतरों की पहचान करने में भी मदद मिल सकती है। डिब्बाबंद पानी, यदि दूषित या अनुचित तरीके से तैयार किया जाता है, तो इससे जलजनित बीमारियों सहित स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। इसके अलावा FSSAI का नया अधिदेश यह सुनिश्चित करता है कि दूषित पानी या पैकेजिंग प्रक्रिया से संबंधित जोखिम कम से कम हों। FSSAI यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि उपभोक्ताओं को अच्छी गुणवत्ता वाला पानी उपलब्ध कराया जाए।
उच्च पारदर्शिता और जवाबदेही
इस उद्योग को भी अधिक पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त वार्षिक रूप से नियमित तृतीय-पक्ष लेखा ऑडिग में निम्नलिखित बातों को सुनिश्चित किया जाता है: उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा से संबंधित समस्याओं की पहचान करना और उनका शीघ्र समाधान करना। इस प्रकार उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिलाया जाता है कि जो निर्माता खराब पानी का उत्पादन करते रहेंगे, उन पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
डिब्बाबंद पानी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
FSSAI के सख्त मानदंडों के बावजूद, उपभोक्ताओं को डिब्बाबंद पानी खरीदते समय सतर्क रहना चाहिए। यहां पर उन बातों की सूची दी गई है जिनका ध्यान प्रत्येक व्यक्ति को रखना चाहिए:
FSSAI लाइसेंस नंबर की जांच करना
किसी भी बोतलबंद पानी के लेबल पर सबसे पहले FSSAI लाइसेंस नंबर देखना चाहिए। लाइसेंस नंबर का अर्थ है कि उत्पाद FSSAI मानकों के मापदंड़ों को पूरा करता है। यदि किसी उत्पाद पर यह नंबर अनुपस्थित या स्पष्ट नहीं है तो उसका प्रयोग तुरंत बंद करना चाहिए या उसे खरीदने से बचना चाहिए।
पैकेजिंग और भंडारण की स्थितियां
संदूषित न होने के लिए पैकेजिंग और भंडारण उचित होने चाहिए। डिब्बाबंद पानी के लिए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बोतल या कंटेनर अच्छी स्थिति में हो। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की क्षति या रिसाव की भी जांच करनी चाहिए। इसे साफ, ठंडे और सूखे स्थानों में भी संग्रहीत किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन पानी की बोतलों को खरीदने से बचना चाहिए जिन्हें धूप या उच्च तापमान में रखा गया था क्योंकि वे जल्दी खराब हो सकती हैं।
समाप्ति तिथि (expiry date) का उल्लेख करना
यह एक बहुत ही बुनियादी बात लग सकती है, लेकिन डिब्बाबंद पानी को खरीदने से पहले उसकी समाप्ति तिथि की जांच करना आवश्यक है। किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह, डिब्बाबंद पीने की भी एक शेल्फ लाइफ होती है और उसकी समाप्ति तिथि के बाद उसका सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। अत: समाप्ति तारीख की जांच अवश्य करें।
निष्कर्ष
डिब्बाबंद पानी से संबंधित नियमों को मजबूत करना भारत में उपभोक्ता स्वास्थ्य और सुरक्षा को बढ़ाने में FSSAI का एक बड़ा कदम है। डिब्बाबंद पानी का ‘उच्च जोखिम वाले खाद्य श्रेणी’ के रूप में वर्गीकरण उपभोक्ताओं के लिए उच्च मानक है। उदाहरण के लिए, तीसरे पक्ष के ऑडिट के कारण गुणवत्ता नियंत्रण और उद्योग द्वारा नवाचार। इसका अर्थ है कि अब उपभोक्ता सतर्क रहेंगे और इन परिवर्तनों को जानते हुए सही निर्णय लेंगे। ऐसा करने से न केवल उत्पाद की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जा सकता है बल्कि विभिन्न ब्रांडों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप इस उद्योग को बेहतर बनाया जा सकता है। इन सभी सुरक्षा मापदंड़ों के लागू होने पर उच्च गुणवत्ता वाले डिब्बाबंद पानी की उम्मीद की जा सकती है।
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