हाल के वर्षों में, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे सबसे अधिक छात्र पीड़ित हैं क्योंकि उन्हें शैक्षिक, सामाजिक व पारिवारिक उम्मीद का सामना करना पड़ता है, जो उनके लिए मानसिक दबाव का काम करता है।
इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए इंजीनियर थारुन साई ने एक स्टार्टअप की शुरूआत की, जिसका नाम ‘फाइंडहोप’ है। यह हैदराबाद स्थित मानसिक स्वास्थ्य स्टार्टअप है, जो युवाओं को व्यक्तिगत संघर्षों और कठिनाइयों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार करता है। फाइंडहोप का मुख्य उद्देश्य- “मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे छात्रों की सहायता और मार्गदर्शन करना है।”
फाइंडहोप की शुरूआत कैसे हुई

फाइंडहोप की स्थापना करने की थारुन साई की यात्रा बेहद निजी है। IIT-JEE प्रवेश परीक्षा की तैयारी के दौरान थारुन को अत्यधिक दबाव और अकेलेपन का सामना करना पड़ा। चूंकि, यह परीक्षा देश की कठिन परीक्षाओं में से एक है इसलिए थारुन को भी बेहतर प्रदर्शन की चिंता थी। इसके साथ-साथ कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न हुए अकेलेपन ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर डाला। यह स्थिति तब और बदतर हो गई, जब उन्होंने अपने कॉलेज के कुछ साथियों को आत्महत्या करते देखा। इन दुखद घटनाओं ने थारुन को अंदर तक झकझोर दिया और उन्हें छात्रों के बीच मानसिक स्वास्थ्य संकट को दूर करने के लिए कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
थरुन ने 2020 में फाइंडहोप की स्थापना की, जो 18 से 24 वर्ष के युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करता है। इस फाइंडहोप का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र अपने संघर्षों में अकेला महसूस ना करे और उसे अपनी चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों और सहायता प्राप्त हो।
थरुन की निजी कहानी
अपने जैसे हज़ारों छात्रों की तरह ही थारुन ने भी प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक पढ़ाई की। जब वे नौवीं कक्षा में थे, तब उन्होंने एक कोचिंग क्लास जॉइन की और अगले चार साल तक अपनी ज़िंदगी को असाइनमेंट्स, घंटों पढ़ाई करने और बार-बार मॉक टेस्ट देने में लगा दिया। दुर्भाग्यवश तब भी वे IIT-JEE प्रवेश परीक्षा पास नहीं कर पाए, जो उनका एकमात्र सपना था और उनके सपने चकनाचूर हो गए।

थरुन बताते हैं, “जीवन की इन घटनाओं ने मुझे अवसाद की ओर धकेल दिया। सबसे मुश्किल यह था कि मैंने इसे कभी स्वीकार नहीं किया क्योंकि लोग क्या कहेंगे इसका डर मुझे सबसे अधिक था। इसके साथ ही मैं माता-पिता को भी परेशान नहीं करना चाहता था।”
अत: उन्होंने अपनी जान लेने का फैसला कर लिया और वे एक ऊंची इमारत पर चले गए लेकिन जैसे ही वे ऐसा करने वाला थे, उन्होंने देखा कि कोई और उसकी आंखों के सामने ही इमारत से कूद गया। इस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि अंदर ही अंदर घुटने वाले केवल वे ही नहीं थे बल्कि उनके जैसे कई लोग और भी थे जिन्हें सहायता की आवश्यकता है।
थारुन बताते हैं, “अंदर की सारी उथल-पुथल ने मुझे उन लोगों के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया जो अकेले मानसिक संघर्ष से जूझते हैं।” छह महीने की रिसर्च और विशेषज्ञों, मनोविज्ञान के छात्रों और आत्महत्या से बचे लोगों से बातचीत के बाद 20 वर्षीय थारुन ने हैदराबाद में मानसिक स्वास्थ्य स्टार्टअप फाइंडहोप की स्थापना की।
फाउंडहोप द्वारा दी जाने वाली सेवाएं

फाउंडहोप peer-to-peer support model पर काम करता है, जो छात्रों को मनोविज्ञान में मास्टर डिग्री प्राप्त करने वाले साथियों से जोड़ता है। ये सत्र निःशुल्क हैं और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सकों द्वारा देखरेख किए जाते हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि छात्र को लाभ मिल सके। यह दृष्टिकोण ना केवल ज़रूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करता है, बल्कि महत्वाकांक्षी मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों को मूल्यवान व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करता है।
फाइंडहोप की मुख्य विशेषताओं में से एक AI चैटबॉट ‘ख़ुशी’ है, जिसे तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ख़ुशी यूज़र से उनकी मानसिक स्थिति का आकलन करने के लिए कुछ सवाल पूछता है। उनके उत्तरों के आधार पर चैटबॉट तनाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए व्यक्तिगत रणनीतियां और सुझाव प्रदान करता है। यह उपकरण सुनिश्चित करता है कि छात्रों को किसी भी समय सहायता प्राप्त हो, जिससे संभावित जोखिमों को कम किया जा सके।
साथियों के सहयोग का महत्व
थरुन बताते हैं, “फाइंडहोप का अन्य गुण यह है कि इसमें साथियों के सहयोग पर जोर दिया जाता है। मनोविज्ञान में अध्ययन करने वाले छात्रों को साथियों से जोड़कर यह सहयोग की भावना को बढ़ावा देता है। साथियों के सहयोग से अलगाव और अकेलेपन की भावना कम होती है, जिससे अधिक-से-अधिक लोग मदद मांगने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। यह दृष्टिकोण समर्थकों को सशक्त भी बनाता है, उन्हें व्यावहारिक अनुभव और उद्देश्य की भावना प्रदान करता है।”
फाइंडहोप स्टार्टअप भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली कुछ मानसिक स्वास्थ्य पहलों में से एक है। यह मान्यता फाइंडहोप की सेवाओं के विस्तार और इसकी पेशकशों को बढ़ाने में सहायक रही है। सरकारी समर्थन ने भी प्लेटफॉर्म को विश्वसनीयता प्रदान की है, जिससे अधिक से अधिक छात्र बेझिझक सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं।
थरुन बताते हैं, “जब फाइंडहोप से जुड़े हुए लोग हमें यह बताते हैं कि वे अब बेहतर महसूस कर रहे हैं, तब हमें संतुष्टि होती है। यही बात हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। जब मैं अपनी यात्रा को देखता हूं और समझता हूं कि मैं कैसे उन छात्रों की मदद कर पाता हूं, जो उसी स्थिति से गुज़रे हैं, जिनसे मैं गुज़रा था, तो मुझे खुशी होती है।”
हमारे अन्य चेंजमेकर्स यहां पढ़े- दुर्लभ रोग से पीड़ित लोगों की सहायता कर रहे हैं प्रसन्ना शिरोल एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने का काम कर रहा है Pawga.
Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

