कैंसर एक खतरनाक बीमारी है, लेकिन अगर इसका समय पर पता चल जाए, तो इससे पीड़ित व्यक्ति को बचाना आसान हो जाता है। चूंकि, कुछ कैंसर ऐसे भी होते हैं जिनके लक्षण जल्दी या साफ नज़र नहीं आते हैं, इसलिए इलाज में देरी होती है और यह बीमारी गंभीर हो जाती है।
लोगों को कैंसर के बारे में जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। साथ ही, अब ऐसी तकनीकें भी आ चुकी हैं जो कैंसर का जल्दी पता लगाने में मदद करती हैं। डॉ. विधि भानुशाली की कहानी भी इसी तरह की है, जो इस दिशा में एक मिसाल पेश करती है।
निजी अनुभवों से मिली प्रेरणा

डॉ. विधि ने बचपन में ही अपने चाचा को मुंह के कैंसर के कारण खो दिया। वे तंबाकू का अत्यधिक सेवन नहीं करते थे। साथ ही उनके शरीर में कैंसर के कोई लक्षण भी नहीं थे लेकिन जब तक इस बीमारी का पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसके परिणामस्वरूप साल 2001 में डॉ. विधि के चाचा की मृत्यु हो गई। पढ़ाई के दौरान उन्हें समझ में आया कि मुंह के कैंसर के कुछ लक्षण समय रहते नज़र आते हैं, बस उन्हें पहचानना जरूरी होता है। उन्होंने सोचा कि अगर उनके परिवार में किसी को उन लक्षणों की जानकारी होती, तो शायद उनके चाचा की जान बचाई जा सकती थी।
डॉ. विधि को अपनी ज़िंदगी के कुछ और मुश्किल पल भी याद हैं, जिसमें वे चाहकर भी कुछ नहीं कर सकीं। बचपन में उन्हें बहुत दर्दनाक रूट कैनाल कराना पड़ा, जिस पर अगर समय पर ध्यान दिया जाता तो रोका जा सकता था। उनकी मां को भी दांतों की समस्या तब पता चली, जब हालात बहुत बिगड़ चुके थे। डॉ. विधि आगे बताती हैं कि “अगर हमें पहले से कुछ बातें पता होतीं, तो आज हालात कुछ और होते।”

विधि बताती हैं, “साल 2013 में डेंटल की पढ़ाई के दौरान मुझे एक बात समझ में आई कि लोगों को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करना जरूरी है। इसके अलावा भारत के उन हिस्सों तक भी पहुंचना जरूरी है, जहां तकनीक नहीं पहुंच सकी है और ना डॉक्टर उपलब्ध हैं।” इसी कारण उन्होंनें 2020 में scanO की स्थापना की। ये एक AI-संचालित प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे मुंह की बीमारियों की जांच करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह एक संपर्क रहित, दो मिनट की स्क्रीनिंग प्रदान करता है, जो तुरंत स्पष्टता प्रदान करता है। साथ ही इसमें जांच के दौरान दर्द नहीं होता है। ये सारी सुविधाएं एप पर मौजूद हैं, जहां लोग टेली और वीडियो कंस्लटेशन के जरिए डॉक्टर से जुड़ सकते हैं और अपनी समस्याएं बताकर सही सलाह ले सकते हैं।
जागरूकता और पहुंच के लिए scanO
scanO को इस सोच के साथ बनाया गया है कि किसी की जान न जाए। यह तकनीक बीमारी का जल्दी पता लगाने में मदद करती है ताकि सही समय पर इलाज शुरू हो सके।

यह सफर बहुत छोटा सा था – सिर्फ एक WhatsApp हेल्पलाइन और दांतों की फोटो से शुरू हुआ था। लेकिन आज scanO एक पूरा AI सिस्टम बन चुका है, जिस पर देशभर के क्लीनिक, सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम और डेंटल कॉलेज भरोसा करते हैं। इसका उद्देश्य है – मुंह के कैंसर की पहचान समय रहते करना ताकि इलाज में देर न हो।
डॉ. विधि सिर्फ तकनीक पर ही नहीं रुकीं। वे कस्बों, बस्तियों और स्कूलों में जाकर बच्चों को सही तरीके से मुंह धोने, ब्रश करने और मुंह की सफाई बनाए रखने की जानकारी देती हैं। इसके लिए वे कार्यशाला भी आयोजित करती हैं।
निष्कर्ष
डॉ. विधि अपने व्यक्तिगत अनुभवों से प्रेरित होकर मुंह की स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। उन्होंने न केवल तकनीक के माध्यम से, जैसे scanO प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए, बल्कि गांवों, बस्तियों और स्कूलों में जाकर भी लोगों को मुंह की सफाई, ब्रशिंग की सही विधि और मौखिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में शिक्षित किया है।
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