आज के आधुनिक युग में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विकार देखने को मिलते हैं। इनमें तनाव और अकेलापन शामिल हैं। इसके बावजूद राहत की बात यह है कि कई लोग व संस्थान इन्हें कम करने का प्रयास कर रहे हैं।
ऐसे में Pawga (Pet Yoga India) नाम की अनोखी पहल लोगों के जीवन में खुशी, सुकून और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। इसके माध्यम से योग के लाभों और पालतू जानवरों के प्रति प्रेम को बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया जाता है। Pawga सिर्फ एक फिटनेस ट्रेंड नहीं है बल्कि एक ऐसी पहल है, जिसमें पालतू जानवरों को अपनाने और पशु देखभाल को बढ़ावा देने का काम किया जाता है।
तनाव कम करने का तरीका
दिसंबर 2020 में तीन दोस्तों- सुभाश्री माधवन, सिंधुजा कृष्णकुमार और स्वाति रेणुगोपाल ने भारत में पालतू जानवरों को गोद लेने की प्रक्रिया को नया रूप देने के लिए Pawga की नींव रखी थी, जो चेन्नई और बेंगलुरु में योग सत्र आयोजित करता है। इसमें पालतू जानवर भी शामिल होते हैं। इन सत्रों में लोग स्थानीय आश्रयों से पालतू जानवरों के साथ समय बिता कर तनाव कम कर सकते हैं। घर के एक छोटे से स्थान से शुरू की गई पहल अब विस्तृत रूप ले चुकी है।

Pawga की संस्थापक सुभाश्री बताती हैं, “हम पालतू जानवरों से बहुत प्यार करते हैं और अक्सर पशु आश्रयों में स्वयंसेवक के तौर पर काम करते हैं। हमने कई आवारा जानवर देखे हैं, जिन्हें कोई अच्छा घर नहीं मिलता है। इस वजह से हमने इनकी सहायता करने और उन्हें बेहतर जिंदगी देने का फैसला किया।”
उन्होंने आगे बताया, “हम लोगों ने आठ महीने की रिसर्च के बाद एक अनोखा आइडिया खोजा। हमने पाया कि कुछ देशों में लोग अपने पालतू जानवरों के साथ मस्ती के लिए योग करते हैं। हम चाहते थे कि इस आइडिया को भारत में भी अमल लाया जाए ताकि पालतू जानवरों के साथ-साथ इंसानों को भी लाभ प्राप्त हो सके। इस प्रकार Pawga (जो ‘paws’ और ‘yoga’ का मिश्रण है) का जन्म हुआ।”
जानवरों के साथ योग

Pawga के योग सत्र वाकई खास हैं। कल्पना कीजिए कि आप योग की “डाउनवर्ड डॉग” मुद्रा में हैं और बगल में एक प्यारा कुत्ता अपनी मासूम हरकतों से आपका दिल बहला रहा है। योग और जानवरों के साथ यह अनोखा जुड़ाव ना केवल तनाव और चिंता को कम करता है बल्कि आत्म-देखभाल का नया नजरिया भी विकसित करता है।
यह पहल सिर्फ योग तक सीमित नहीं है। Pawga पशु आश्रयों और NGO के साथ मिलकर इन पालतू जानवरों के लिए घर ढूंढ़ने में भी मदद करता है। प्रत्येक सत्र ना केवल तंदुरुस्ती का एहसास कराता है बल्कि एक सीख भी देता है कि हजारों जानवर ऐसे घर की तलाश में हैं, जहां उन्हें प्यार मिल सके। Pawga के साथ-साथ तंदुरुस्ती और दया दोनों को अपनाने का यह सफर और भी यादगार बन जाता है।
थेरेपी के तर्ज पर Pawga

सुभाश्री माधवन बताती है, “Pawga कई लोगों के लिए सिर्फ योग नहीं बल्कि एक थेरेपी बन गया है। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं या अकेलेपन से जूझ रहे लोग इन प्यारे जानवरों के साथ समय बिताकर अच्छा महसूस करते हैं। इस पहल ने साधारण योग को एक थेरेपी का रूप दे दिया है, जहां जानवर और इंसान मिलकर एक-दूसरे का सहारा बनते हैं। प्रत्येक योग सत्र में उन्हें यह एहसास होता है इस दुनिया में वे अकेले नहीं हैं बल्कि उनके पास एक साथी भी है।”

सिंधुजा के अनुसार उनका लक्ष्य योग सेशन तक ही सीमित नहीं है। Pawga अब तक 150 से ज्यादा पालतू जानवरों को गोद लेने में मदद कर चुका है, जिससे इन जानवरों को एक नया जीवन मिला है। यह संगठन जानवरों के साथ सही व्यवहार को लेकर जागरूकता फैलाता है और पालतू जानवर खरीदने के बजाय उन्हें गोद लेने की अपील करता है।
इसके अलावा, Pawga अपनी आय का कुछ हिस्सा पशु आश्रयों को भी दान करता है ताकि इन पालतू जानवरों की मदद की जा सके। यह पहल एक पुल की तरह काम करती है, जो शहरों में रहने वाले लोगों को उन जानवरों से मिलाती है, जिन्हें प्यार और देखभाल की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन लोगों की तलाश भी की जाती है, जिन्हें अपना अकेलापन दूर करने के लिए पालतू जानवरों की आवश्यकता है।
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