जैसे ही सर्दियां शुरू होती हैं, वैसे-वैसे लोगों की खाने की आदतें बदलने लगती हैं। वे अधिक तला-भुना और भारी खाना खाने लगते हैं, जैसे पराठे, पकौड़े और चाय-कॉफी। हालांकि, इस मौसम में ये चीज़ खाने में अच्छी लगती हैं लेकिन ये स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।
शोध से पता चलता है कि सर्दियों में पाचन संबंधित समस्याएं जैसे गैस, एसिडिटी, बदहजमी, GERD और कब्ज का खतरा बढ़ जाता है। इसका मुख्य सर्दी का मौसम और गलत खान-पान की आदतें होती हैं।
पाचन धीमा होने के कारण

गरिमा देव वर्मा, आहार विशेषज्ञ (Dietitian) और प्रमाणित डायबिटिक एजुकेटर (Certified Diabetic Educator), MSc फूड एंड न्यूट्रिशन, बताती हैं, “पाचन और जीवनशैली एक-दूसरे से संबंधित होती हैं। सर्दियों में लोग बहुत कम शारीरिक गतिविधियां करते हैं, कम पानी पीते हैं और भारी खाना ज़्यादा खाते हैं। इससे पाचन धीमा हो जाता है।”
गरिमा आगे बताती है “जब पाचन पहले से ही सुस्त होता है, तब अधिक फैट और रिफाइंड खाना पचाना मुश्किल हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप खाना ठीक से नहीं पचता और गैस व एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है।”
आहार जो नुकसानदायक साबित हो सकता है
पराठों में मक्खन या घी होता है और सर्दियों में इन्हें रोज़ खाया जाता है। हालांकि, ये पेट भरते हैं, लेकिन रोज़ खाने से पाचन पर अधिक दबाव पड़ता है। पकोड़े, समोसे और कचौरी जैसे तले हुए स्नैक्स भी पाचन को खराब करते हैं।
ऐसे आहार से पेट में अधिक एसिड और गैस बनती है, खाना देर से पचता है और एसिड रिफ्लक्स व सीने में जलन की समस्या बढ़ जाती है, विशेषकर रात के खाने के बाद।
गलत बैक्टीरिया का बढ़ना
सर्दियों में, विशेषकर क्रिसमस के आसपास, केक और अन्य बेकरी चीज़ों की बिक्री बढ़ जाती है। बिस्कुट, केक, पेस्ट्री, व्हाइट ब्रेड और मफिन हल्के लगते हैं, लेकिन ये आंतों के लिए नुकसानदायक होते हैं।
ये आमतौर पर मैदा, ज़्यादा चीनी और प्रिज़र्वेटिव से बने होते हैं और इनमें फाइबर नहीं होता है। इससे आंतों के अच्छे बैक्टीरिया कमज़ोर पड़ जाते हैं और गैस, सूजन व पेट भारी रहने की समस्या होने लगती है।
अगर इन्हें रोज़ खाया जाए, तो पाचन धीमा हो सकता है और एसिडिटी, सीने में जलन और IBS जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
चाय, कॉफ़ी और सर्दियों में कैफीन का जाल
सर्दियों में चाय और कॉफी पीने की आदत बढ़ जाती है, विशेषकर काम के दौरान। हालांकि, इसका सेवन कम मात्रा में करना सुरक्षित है, लेकिन अत्यधिक कैफीन से पेट फूलना और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
ज़्यादा चाय या कॉफी पीने से एसिडिटी, सीने में जलन (GERD), पेट फूलना और उल्टी जैसा महसूस हो सकता है। इससे शरीर ज़रूरी पोषक तत्व भी ठीक से नहीं सोख पाता है।
सर्दियों में लोग वैसे ही कम पानी पीते हैं। ऐसे में ज़्यादा कैफीन लेने से पेट की समस्याएं और बढ़ जाती हैं। GERD सिर्फ खाने-पीने से नहीं, बल्कि जीवनशैली की गलत आदतों जैसे भारी डिनर, देर रात जागना और खाने के बाद तुरंत लेटने से भी जुड़ा होता है।
सर्दियों की मुख्य समस्या: कब्ज
सर्दियों में कब्ज की समस्या आम है, लेकिन लोग इसे अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। इसके मुख्य कारण हैं कम मात्रा में पानी पीना, फाइबर वाला खाना कम लेना और कम चलना-फिरना।
फल और सलाद न खाने से आंतों को फाइबर नहीं मिलता, जिससे पेट ठीक से साफ नहीं होता है। इससे पेट फूलना, भारीपन और एसिडिटी बढ़ जाती है।
इसलिए सर्दियों में भी पर्याप्त पानी पीना, फाइबर लेना और हल्की शारीरिक गतिविधि करना आवश्यक है।
सर्दियों की अन्य समस्या: बदहजमी
पेट का स्वास्थ्य मूड, एनर्जी और इम्युनिटी को प्रभावित करता है। जब पेट ठीक नहीं रहता और बार-बार गैस या एसिडिटी होती है, तब शरीर- मस्तिष्क का संबंध प्रभावित होता है।
बदहजमी से थकान, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी और बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शोध के अनुसार, आंतों का संतुलन बिगड़ने से मूड संबंधित केमिकल्स भी प्रभावित होते हैं। इसलिए सर्दियों में पेट की समस्याओं के साथ कम एनर्जी और मूड खराब महसूस होना सामान्य है।
सर्दियों में स्वास्थ्य को बेहतर रखने के तरीके
सर्दियां शरीर को मज़बूत बनाने का समय होती हैं, न कि उसे भारी खाने से थकाने का। सही और संतुलित खाना चुनने से पाचन भी ठीक रहता है।
आहार विशेषज्ञों की सलाह:
- तले हुए स्नैक्स की जगह भुने या स्टीम्ड स्नैक्स लें
- पराठों के साथ सब्ज़ी, दही या दाल शामिल करें
- ओट्स, बाजरा, सूप और मौसमी सब्ज़ियां खाएं
- नियमित रूप से गर्म पानी या हर्बल चाय पिएं
- सीमित मात्रा में नेचुरल प्रोबायोटिक्स लें
- खाने के बाद थोड़ी देर टहलें, इससे पाचन बेहतर होता है
निष्कर्ष
सर्दियों में खान-पान और जीवनशैली में बदलाव के कारण गैस, एसिडिटी, कब्ज और बदहजमी जैसी पाचन समस्याएं हो जाती हैं। कम पानी पीना, कम शारीरिक गतिविधि और भारी या तला-भुना खाना इन समस्याओं को बढ़ाता है। सही भोजन, पर्याप्त पानी और हल्की एक्टिविटी अपनाकर सर्दियों में भी पाचन को स्वस्थ रखा जा सकता है।
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