PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) के साथ जीना कभी-कभी बहुत परेशान करने वाला हो सकता है। इसकी वजह से अनियमित मासिक धर्म, वजन बढ़ना और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। कई लोग डाइट या दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन एक ज़रूरी चीज़ को नज़रअंदाज़ कर देते हैं — व्यायाम। सही प्रकार का व्यायाम हार्मोन को संतुलित करने में मदद कर सकता है, मासिक धर्म को नियमित बना सकता है, पेट की चर्बी कम कर सकता है और ऊर्जा भी बढ़ा सकता है।
व्यायाम PCOS और हार्मोन असंतुलन में कैसे मदद करती है?

हकीम भारमल, मास्टर ट्रेनर और कॉन्टेस्ट प्रिपरेशन कोच, महाराष्ट्र बताते हैं, “व्यायाम सिर्फ कैलोरी नहीं जलाता, यह हार्मोन को भी संतुलित करता है। PCOS वाली महिलाओं में अक्सर इंसुलिन, एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। रोज़ाना हल्की-फुल्की कसरत करने से शरीर इंसुलिन को बेहतर तरीके से प्रयोग करता है, जिससे मीठा खाने की इच्छा और वजन बढ़ना कम हो सकता है। इसके साथ ही, व्यायाम तनाव वाले हार्मोन को भी घटाता है, जो PCOS की समस्या को बदतर कर सकते हैं।”
हकीम आगे बताते हैं, “हल्की कसरत जैसे पैदल चलना या योग करना भी मासिक धर्म को नियमित कर सकती है। इसीलिए डॉक्टर अक्सर दवाओं के साथ-साथ व्यायाम करने की भी सलाह देते हैं। यह हार्मोन को संतुलित करने का एक प्राकृतिक तरीका है। हालांकि, व्यायाम से तुरंत आराम नहीं मिलता है लेकिन यह लंबे समय तक सेहत और फर्टिलिटी को सुधारने में मदद करता है। चूंकि, PCOS जीवनशैली से संबंधित एक बीमारी है इसलिए अच्छी आदतें अपनाने से इसके लक्षणों में कमी हो सकती है।”
PCOS की वजह से होने वाली पेट की चर्बी और अनियमित मासिक धर्म से राहत पाने के लिए कौन से व्यायाम अच्छे हैं?
PCOS के लक्षणों को कम करने के लिए विभिन्न प्रकार के व्यायाम करना लाभदायक हो सकता है:
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (वजन उठाना): वेट्स या रेज़िस्टेंस बैंड्स से पेट की चर्बी कम होती है और मसल्स बढ़ते हैं। मसल्स ज्यादा कैलोरी जलाते हैं, चाहे आप आराम कर रहे हों।
- कार्डियो एक्सरसाइज़: तेज चलना, साइकिल चलाना या तैरना ह्रदय को स्वस्थ रखते हैं और इंसुलिन की समस्या को कम करते हैं। इससे हार्मोन संतुलित रहते हैं।
- योग और पिलाटेस: ये तनाव कम करते हैं और अंडाशय को सही तरीके से काम करने में मदद करते हैं, जिससे मासिक धर्म नियमित हो सकते हैं।
- हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT): जल्दी-जल्दी तेज व्यायाम और आराम करने से इंसुलिन की समस्या जल्दी ठीक होती है।
अगर आपको पेट के आस-पास वजन बढ़ने की समस्या है, तो ये व्यायाम लाभदायक हो सकता है। रोज़ाना 30 मिनट कसरत करने से 3 से 6 महीनों में बदलाव नज़र आ सकते हैं।
हार्मोन असंतुलन में कसरत को और असरदार बनाने के लिए रोज़ाना क्या करें?
कसरत तभी लाभकारी साबित होता है जब आप अपनी रोज़मर्रा की आदतों में भी थोड़ा ध्यान दें। इस स्थिति में निम्नलिखित उपायों को अपनाया जा सकता है:
- रोज़ करें, ज़ोर से नहीं: रोज़ाना 20-30 मिनट हल्के व्यायाम करना, हफ्ते में एक बार बहुत भारी कसरत करने से बेहतर है।
- साथ में अच्छा खाना खाएं: फल, सब्ज़ियाँ और साबुत अनाज जैसे फाइबर से भरपूर भोजन खाने से व्यायाम लाभदायक साबित हो सकता है।
- अच्छी नींद लें: कम नींद हार्मोन बिगाड़ सकती है। रोज़ाना 7-8 घंटे सोना जरूरी है ताकि व्यायाम का असर दिखे।
- पानी खूब पीएं: पानी पीने से मेटाबोलिज्म ठीक रहता है और पेट फूलना कम होता है।
- अपने शरीर की सुनें: अगर दर्द या थकान महसूस हो, तो ज़ोरदार व्यायाम छोड़कर स्ट्रेचिंग या योग करें, पूरी तरह छोड़ना सही नहीं।
इन छोटे बदलावों के साथ, हार्मोन असंतुलन के लिए की जाने वाले व्यायाम PCOS के लक्षणों को कम करने में और भी असरदार हो जाती है। समय के साथ इससे मासिक धर्म नियमित होते हैं, मूड बेहतर होता है, ऊर्जा बढ़ती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
PCOS का प्रबंधन करना आसान नहीं होता, विशेषकर जब हार्मोन और वजन दोनों का सामना करना पड़ता है। लेकिन सही व्यायाम आपको अपने शरीर पर कंट्रोल महसूस करवा सकती है। चाहे वह वेट ट्रेनिंग हो, योग हो या हर रोज़ पैदल चलना हो, लगातार करना ज़रूरी है। इससे अनियमित मासिक धर्म, पेट की चर्बी जैसी समस्याओं को कम किया जा सकता है।
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