गुनगुने पानी के विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी लाभ होते हैं। इनमें परिसंचरण में सुधार, पाचन तंत्र को बेहतर और मनोदशा में सुधार करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, यह शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखने में भी सहायता करता है। इसके अलावा, आप इसमें अदरक, हल्दी और पुदीने जैसी कुछ जड़ी-बूटियों को भी मिला सकते हैं। इस लेख में हमने गुनगुने पानी के स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी दी है। अत: इसे पूरा पढ़ें।
गुनगुना पानी पीने के स्वास्थ्य संबंधी लाभ क्या हैं?

हालांकि, गुनगुने पानी को आमतौर पर समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन इस पर अधिक शोध उपलब्ध नहीं हैं। डॉ. अन्नुसुइया गोहिल, MD स्कॉलर, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली बताती हैं, “आयुर्वेद के अनुसार उश्नोदक (गुनगुना पानी) वास्तव में शरीर के लिए लाभदायक है, जिसका उल्लेख ज्वारा चिकित्सा (बुखार का उपचार) में मिलता है। इसका मुख्य गुण शरीर के संचित अमा (अपचित घटक) को पचाना है। उश्नोदक को मुख्य रूप से पानी को 1/4,1/3 या 1/2 तक कम करके तैयार करना चाहिए। इसमें पानी जितना कम होगा, उसके गुण उतने ही बढ़ेंगे। यह प्यास मिटाने का सबसे अच्छा तरीका है। यह वात दोष को भी शांत करता है।” इसके अलावा, इसका सेवन करने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त हो सकते हैं:
- पाचन में सुधारः गुनगुने पानी पाचन को आसान करता है और कब्ज से राहत दिलाता है।
- गले की खराश में आरामः शहद और नींबू के साथ गुनगुने पानी पीने से गले की खराश में आराम मिल सकता है।
- हाइड्रेशन को बढ़ाना: ठंडे पानी की तरह, गुनगुने पानी भी शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा को बनाए रखने में मदद करता है।
- तनाव को कम करना: यह तनाव को कम करने में भी मदद कर सकता है। अत: इसका सेवन नियमित रूप में करना लाभकारी साबित हो सकता है।
- परिसंचरण में सुधारः कुछ लोगों का मानना है कि यह रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मदद कर सकता है।
- शौच प्रक्रिया का बेहतर तरीके से होना: कुछ अध्ययन यह दावा करते हैं कि गुनगुने पानी पीने से शौच प्रक्रिया बेहतर तरीके से हो पाती है।
- मनोदशा को अच्छा करना: कुछ शोध से स्पष्ट है कि गुनगुना पानी मनोदशा को अच्छा, नींद के चक्र में सुधार, शांति तथा संतुष्टि की भावना प्राप्त करने में सहायता करता है।

डॉ. पल्लव प्रजापति, BAMS, CAD, CCYP (BHU), संस्थापक, चेतन्या आयुर्वेद, वाराणसी बताते हैं, “गुनगुना पानी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायता कर सकता है और वात, पित्त और कफ को संतुलित करके कई बीमारियों की रोकथाम में मदद कर सकता है। यह पाचन को बेहतर करता है। इसके बावजूद, यदि आपको अधिक गर्मी लग रही है तो इसका सेवन न करें।”
क्या गुनगुना पानी त्वचा के लिए लाभकारी है?
ऐसा कोई शोध नहीं है जिसमें यह दावा किया गया हो कि गर्म या गुनगुने पानी पीने से त्वचा की गुणवत्ता में सुधार होता है। हालांकि, अधिक मात्रा में पानी पीना त्वचा के लिए लाभकारी होता है। इस स्थिति में, गर्म या ठंडे पानी का सेवन किया जा सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि गर्म पानी पीने से रक्त परिसंचरण में सुधार हो सकता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करके त्वचा स्वास्थ्य को लाभ पहुंचा सकता है। इसके बावजूद केवल पानी पीने से ही त्वचा में सुधार नहीं हो सकता है, बल्कि इसके लिए आहार, नींद, तनाव प्रबंधन और त्वचा देखभाल आदि कारक आवश्यक है।
एक दिन में कितना गुनगुना पानी पीना चाहिए?
हाइड्रेशन हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण है। कुछ अध्ययनों में पानी की कमी से कई पुरानी बीमारियों की संभावना के बढ़ने का दावा किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक शोध के अनुसार, महिलाओं को प्रतिदिन 2.5 लीटर पानी पीना चाहिए, तो वहीं पुरुषों को प्रतिदिन 3.30 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, गुनगुने पानी का सेवन कितनी मात्रा में करना चाहिए इसकी पुष्टि करने वाले शोध बहुत कम हैं।
डॉ. अन्नुसुइया गोहिल के अनुसार, “आयुर्वेद में इसका उल्लेख नहीं मिलता है कि प्रतिदिन कितना पानी पीना चाहिए। इसमें केवल व्यैक्तिक क्षमता और आवश्यकतानुसार पानी पीने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, आयुर्वेद में अत्यधिक पानी की सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि यह अग्नि (पाचन अग्नि) को बाधित करता है। इसके अलावा, पानी का तापमान मुख्य रूप से मौसम के अनुकूल होना चाहिए और गर्मी के मौसम में गुनगुना पानी पीने से बचना चाहिए।”
क्या खाली पेट गुनगुना पानी पीना चाहिए? यदि हां, तो इसके क्या लाभ हैं?
डॉ. पल्लव प्रजापति बताते हैं, “स्वस्थ जीवन के लिए रोजाना सुबह आधा गिलास (अधिकतम एक गिलास गुनगुना पानी) पीना चाहिए। खाली पेट गुनगुना पानी पीना लाभदायक होता है क्योंकि यह पाचन अग्नि को बढ़ाता है और उचित चयापचय गतिविधि को सुचारू करने में भी मदद करता है। यह पाचन अग्नि को बढ़ाता हैः अग्नि दीप और पाचन। यह विभिन्न दोषों (वात, पित्त और कफ) को संतुलित करता है जिससे त्वचा के रंग और चमक में सुधार होता है। यह श्रुतों (शारीरिक अंगों), वात अनुलोमन क्रिया (कब्ज को ठीक करना) को खोलता है। गुनगुना पानी पीने की सलाह बुखार के उपचार में भी दी जाती है।” इसके अतिरिक्त, एक अन्य विशेषज्ञ डॉ. गोहिल के अनुसार, “एक आयुर्वेद संहिता में उषापान (सुबह खाली पेट पानी पीने) का उल्लेख है, लेकिन इस बात का कोई उल्लेख नहीं है कि यह गुनगुना पानी ही होना चाहिए।”
गुनगुने पानी का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए कितना लाभकारी है?
यदि कोई व्यक्ति हर रोज़ गुनगुना पानी पीता है, तो यह उसके लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है क्योंकि इसमें निम्न तत्व होते हैं:
तत्व
- नींबूः गुनगुने पानी में नींबू मिलाने से इसका स्वाद बढ़ जाता है और इसमें विटामिन सी तथा एंटीऑक्सीडेंट शामिल हो सकते हैं। यह पाचन में सुधार करने और हमारे शरीर की सफाई करने में भी मदद कर सकता है।
- शहदः एक चम्मच शहद प्राकृतिक मिठास, एंटीऑक्सीडेंट और रोगाणुरोधी गुणों को जोड़ सकता है। यह गले की खराश को कम और पाचन तंत्र को बेहतर कर सकता है।
- अदरकः अदरक के टुकड़े या कसा हुए अदरक को गुनगुने पानी में मिलाया जा सकता है, ताकि शारीरिक सूजन को कम और पाचन संबंधी लाभ प्राप्त किया जा सके। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर और मतली को कम भी करता है।
- हल्दीः हल्दी पाउडर एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट लाभ प्रदान कर सकता है। यह जोड़ों स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में भी मदद कर सकता है।
- दालचीनीः इसमें दालचीनी की छड़ी या दालचीनी पाउडर की एक बूंद को भी मिलाने से पाचन में सुधार, रक्त शर्करा स्तर सामान्य और शरीर को गर्माहाट प्राप्त हो सकती है।
- पुदीनाः पुदीने के पत्ते गुनगुने पानी को ताज़ा बना सकते हैं और पाचन तंत्र को बेहतर कर सकते हैं। पुदीने में जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जो यह श्वसन संबंधी समस्याओं में मदद कर सकते हैं।

डॉ. नेहा सिंह, होम्योपैथिक कंसल्टेंट, दिल्ली, के अनुसार, ” हर रोज़ सुबह गुनगुना पानी पीने से आपका पेट अच्छी से साफ हो सकता है।” इसके अतिरिक्त, इससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने यह भी पाया है कि गुनगुना पानी पीने से समग्र विकास को बेहतर और आंत के माइक्रोबायोटा को अनुकूलित किया जा सकता है।
गुनगुना पानी पीने के दुष्प्रभाव क्या हैं?
गुनगुना पानी पीना आमतौर पर सुरक्षित और संभावित रूप से स्वस्थ होता है। इसके बावजूद, इसके निम्नलिखित दुष्प्रभाव हो सकते हैं:
- जोखिम कारक– गर्म पानी का अत्यधिक सेवन आपके अन्नप्रणाली (oesophagus) में स्वाद कलियों (taste buds) और ऊतक को नुकसान पहुंचा सकता है। अत: इस समस्या से बचने के लिए गुनगुना पानी पीने की सलाह दी जाती है।
- जलनः इससे त्वचा में जलन की समस्या हो सकती है। अत: गर्म पानी को थोड़े देर ठंडा होने के लिए छोड़ दें और फिर उसका सेवन करें।
- निर्जलीकरण: गुनगुने पानी का अत्यधिक सेवन निर्जलीकरण का कारण बन सकता है। अत: इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
- पाचन संबंधी समस्याए: कुछ लोगों को गर्म पानी पीने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इनमें पेट दर्द, सूजन या पेट खराब होना शामिल है।
निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि गुनगुने पानी से विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। इनमें पाचन तंत्र को बेहतर और शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखना शामिल है। अत: इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
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