नए साल का जश्न आनंददायक होता है लेकिन इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। हालांकि शराब पीना, अत्यधिक भोजन और देर रात तक पार्टी करना व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है लेकिन वे विभिन्न तरीकों से अपने समग्र स्वास्थ्य को बेहतर रख सकता है। इस लेख में हमने यह जानकारी दी है।
अत्यधिक शराब पीने (binge drinking) से स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?

कामना चौहान, आहार विशेषज्ञ (Dietician), न्यूट्रिफियस डाइट क्लिनिक, रांची, झारखंड बताती हैं, “अत्यधिक शराब पीने (binge drinking) से तात्पर्य कम समय में अधिक-से-अधिक शराब का सेवन करना है। इसका समग्र स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप कई शारीरिक अंग और मानसिक स्वास्थ्य लंबे समय के लिए प्रभावित हो सकते हैं। कामना ने उल्लेख किया है कि अत्यधिक शराब पीने (binge drinking) से स्वास्थ्य कैसे प्रभावित हो सकता है:
- लिवर का खराब (Liver Damage) होना: लंबे समय तक अत्यधिक शराब पीने से लिवर संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उदाहरण के लिए फैटी लिवर, सिरोसिस और लिवर का खराब होना। इससे लिवर की शरीर से विषाक्त पदार्थों को फिल्टर करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
- हृदय रोग: अत्यधिक शराब से रक्तचाप बढ़ सकता है, हृदय रोग, हृदय की अनियमित लय और स्ट्रोक की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे कार्डियोमायोपैथी की समस्या हो सकती है।
- मानसिक स्वास्थ्य की स्थितिः शराब का अत्यधिक सेवन चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है क्योंकि शराब न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित करती है। इससे सेहत धीरे-धीरे बिगड़ सकती है।
- प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करना: शराब प्रतिरक्षा प्रणाली को बाधित करती है और शरीर को संक्रमण के प्रति संवेदनशील बना सकती है। इसका मुख्य कारण शरीर का श्वेत रक्त कोशिकाओं को उत्पादित करने में असमर्थ होना है।
- पाचन संबंधी समस्याएं: शराब का अत्यधिक सेवन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में जलन पैदा करता है, जिससे विभिन्न प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। इनमें अल्सर, एसिड रिफ्लक्स और खराब पोषक तत्वों का अवशोषण शामिल है।
क्या पार्टियों में अत्यधिक भोजन करने से पाचन तंत्र होता है?

गरिमा देव वर्मन, आहार विशेषज्ञ और प्रमाणित मधुमेह शिक्षक, MSc खाद्य और पोषण, दिल्ली बताती है, “पार्टियों के दौरान अत्यधिक भोजन करने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। एक बार में अत्यधिक भोजन करना आपके पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे असहजता और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। अत्यधिक भोजन समग्र स्वास्थ्य को निम्नलिखित तरीकों से प्रभावित कर सकता हैः
- पेट का फूलना (Bloating) और गैसः अत्यधिक भोजन करने से गैस और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसका मुख्य कारण शरीर द्वारा भोजन को संग्रहित करने में संघर्ष करना है। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को पेट के भरे होने और असहजता का एहसास हो सकता है।
- अपच (Indigestion): अत्यधिक भोजन से पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, पाचन धीमा हो सकता है और अपच की समस्या हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप दर्द, एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
- एसिड रिफ्लक्सः अत्यधिक भोजन करने से पेट का एसिड वापस अन्नप्रणाली में प्रवाहित हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप एसिड रिफ्लक्स की समस्या हो सकती हैं। इसके अलावा सीने या गले में जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
- पाचन का धीमा होना: अत्यधिक भोजन विशेष रूप से वसायुक्त और भारी खाद्य पदार्थ, अक्सर पाचन के धीमे होने का कारण बन सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप भोजन पेट में अधिक समय तक रह सकता है, जो पेट को खराब कर सकता है।
- पोषक तत्वों का कम अवशोषणः अत्यधिक भोजन आमतौर पर शरीर के पोषक तत्वों को अवशोषण करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसका मुख्य कारण अत्यधिक भोजन से विटामिन और खनिजों को खंडित होना है।
अत्यधिक शराब पीने और खाने के बाद हर्बल चाय पीने से असुविधा को कम करने और संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये चाय इन समस्याओं का उपचार नहीं है। यदि यह समस्या बढ़ जाती है तो इसके लिए चिकित्सक की आवश्यकता हो सकती है।
क्या देर रात का जश्न (late-night celebrations) नींद के चक्र को बाधित कर सकता है?

रुपम सरकार, PhD (स्कॉलर), MPT, BPT, सहायक प्रोफेसर, MUHS, नासिक, महाराष्ट्र बताते हैं, “देर रात का जश्न नींद के चक्र और समग्र स्वास्थ्य दोनों को बाधित कर सकता है। देर तक जागना, शराब पीना या भारी भोजन करना आपके शरीर की प्राकृतिक लय को बाधित कर सकता है, जिससे आराम करना कठिन हो जाता है।” यहां बताया गया है कि यह आपके स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता हैः
- सोते में कठिनाईः पार्टियों का उत्साह आपको उत्तेजित कर सकता है, जिससे आपको शांत होना मुश्किल हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप इस समारोह के बाद भी अत्यधिक विचार नींद न आने का कारण बन सकते हैं।
- नींद की गुणवत्ता का खराब होना: देर रात तक भारी या मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन करने से अपचन हो सकता है, जिससे गहरी नींद आना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा देर रात की गतिविधियां आपके नियमित नींद और जागने के समय को भी प्रभावित कर सकती हैं जिससे आपकी सर्केडियन लय प्रभावित हो सकती है।
- हार्मोनल व्यवधानः देर रात की गतिविधियां मेलाटोनिन (नींद को नियंत्रित करने वाला हार्मोन है) के उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं और आपके नींद-जागने के चक्र के बाधित होने का कारण बन सकता है।
निष्कर्ष
नए साल का जश्न आमतौर पर आनंददायक होता है, लेकिन इस दौरान अपनी सेहत का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। इस जश्न में कुछ गतिविधियां रोचक लग सकती हैं उदाहरण के लिए अत्यधिक शराब और जंक फूड करना लेकिन इनका समग्र स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
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