अंग्रेजी में एक प्रसिद्ध वाक्यांश है everything in moderation अर्थात् सब-कुछ संतुलित होना चाहिए। यह तब और भी प्रासंगिक प्रतीत होता है, जब उच्च कोलेस्ट्रॉल की बात की जाती है। कोलेस्ट्रॉल के उचित स्तर को बनाए रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके अधिक होने पर हृदय संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। ऐसा करने के लिए, स्वस्थ आदतों को अपनाना आवश्यक है जिसमें नियमित रूप से व्यायाम करना और पौष्टिक भोजन शामिल हो। इन विकल्पों में से, उच्च कोलेस्ट्रॉल के इलाज के लिए, योग को सबसे प्रभावशाली तरीका माना जाता है क्योंकि इसका असर व्यक्ति के शरीर के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

स्वाति रमोला, योग प्रशिक्षक, बताती हैं,” योग नियमित रूप में करने से तनाव कम होता है, जो आपके ह्रदय के लिए भी लाभकारी है। योग में गहरी सांस लेने की प्रक्रिया एक प्रमुख अंग है। ये पाचन तंत्र को भी बेहतर करता है। इस प्रकार शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है।” स्वाति की बातचीत के आधार पर हम इस लेख में 5 आसनों की जानकारी लेकर आए हैं, जो उच्च कोलेस्ट्रॉल के इलाज में कारगर साबित होते हैं।
ताड़ासन
उच्च कोलेस्ट्रॉल के इलाज में ताड़ासन एक प्रमुख आसन है, जिसे Mountain Pose के नाम से भी जाना जाता है। यह शारीरिक संतुलन को बेहतर करता है। इसके अतिरिक्त ताड़ासन शारीरिक संरेखण (alignment) में सुधार करते हुए चोट की संभावना को कम करता है। इस आसन के द्वारा शरीर का समग्र विकास होता है, जिससे व्यक्ति कठिन आसनों को करने में सक्षम होता है। ताड़ासन करके व्यक्ति मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्राप्त करने के साथ-साथ वर्तमान क्षण का आनंद ले सकता है। इसके अलावा यह आसन हृदय प्रणाली और परिसंचरण को सक्रिय करके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम भी करता है। इस आसन को करने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं का पालन करें:-
- एक सीधी मुद्रा में खड़े हो।
- पैरों को फैलाए ताकि सारा दबाव शरीर के पिछ्ले हिस्से पर पड़ें।
- अपने पैरों को ज़मीन पर रखें।
- रीढ़ की हड्डी को सीधा करें।
- कंधों को ढीला छोड़ दें।
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन का नाम “त्रिकोणीय आकार” पर रखा गया है। त्रिकोणासन के स्वास्थ्य संबंधी काफी सारे लाभ हैं, जिनमें पाचन को बेहतर और कोलेस्ट्रॉल को कम करना शामिल हैं। इस आसन का मुख्य उद्देश्य शरीर को मजबूत बनाना, रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार करना और कूल्हे तथा पैर की अकड़न को कम करना है। इस आसन को करने के लिए;
- अपने पैरों को चौड़ा करके खड़े रहें।
- एक हाथ को ऊपर उठाएँ।
- अपना दूसरा हाथ पैर की उंगलियों की ओर दूसरी तरफ रखें।
पश्चिमोत्तानासन
पश्चिमोत्तानासन को “Seated Forward Bend Pose” के रूप में जाना जाता है। यह पेट की चर्बी को कम करता है और गुर्दे तथा यकृत जैसे महत्वपूर्ण अंगों को मजबूत करता है। इसके अतिरिक्त यह आसन पाचन तंत्र को बेहतर करने में भी मदद करता है और अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, जिससे समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है। इस आसन को करने के लिए निम्नलिखित कदमों का पालन करें:-
- पीठ सीधी रखते हुए बैठें।
- अपनी बाहों को ऊपर उठाएँ।
- अपने पैरों को आगे बढ़ाएं।
- आगे झुकते समय गहरी सांस लें।
- अपनी बाहों से अपने पैर की उंगलियों को पकड़ने की कोशिश करें।
- इसे तीस सेकंड के लिए पकड़ें।
भुजंगासन
जैसा कि हम पहले चर्चा कर चुके हैं, भुजंगासन रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार और पीठ को मजबूत करता है। इसके अतिरिक्त यह आसन पाचन तंत्र में सुधारने के साथ-साथ शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के कार्यप्रणाली को भी बेहतर करता है। यह उच्च कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित लोगों के लिए काफी लाभकारी है। भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करके और शरीर को टोनिंग करता है। इससे हृदय स्वास्थ्य में लाभ पहुँचता है। इसके अलावा यह रक्त वाहिकाओं में वसा जमा होने की संभावना को भी कम करता है। भुजंगासन को इस प्रकार करें-
- पेट के बल लेट जाएँ।
- अपनी हथेलियों को अपनी छाती के पास रखें।
- अपनी रीढ़ की हड्डी में खिंचाव महसूस करने के लिए अपने शरीर को ज़मीन से ऊपर की ओर उठाएं।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन
अर्ध मत्स्येन्द्रासन को “The Half Lord of the Fishes Pose” भी कहा जाता है। यह आसन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हुए रीढ़ की हड्डी में लचीलेपन को बढ़ाता है। यह आसन हृदय और रीढ़ की मांसपेशियों को मज़बूत करता है। इसलिए, यह हृदय रोगों के संभावित जोखिमों को कम करता है और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। यह शरीर के ऊपरी हिस्से को मजबूत करता है। यह नाड़ी दर (pulse rate) को सामान्य करने और रीढ़ की हड्डी की अकड़न से राहत दिलाने में भी मदद करता है। इस आसन को इस प्रकार करें:-
- बैठें और अपने पैरों को फैलाएं।
- एक घुटने को मोड़ें और एक पैर को दूसरे घुटने के ऊपर रखें।
- गहरी सांस लेते हुए और धीरे से अपने धड़ और गर्दन को अपने मुड़े हुए घुटने की दिशा में घुमाएं।
अपनी जीवन शैली में उच्च कोलेस्ट्रॉल के इलाज के लिए योगासन को शामिल करने से इस रोग से पीड़ित लोगों के समग्र स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसमें व्यायाम और आहार में आवश्यक परिवर्तन करना शामिल है। उपरोक्त प्रत्येक आसन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प हैं। चाहे आप कोलेस्ट्रॉल को कम करना चाहते हो, पाचन तंत्र को बेहतर करना चाहते हो, या तनाव को कम करना चाहते हों, इन सभी के लिए इन 5 आसनों को करना लाभकारी साबित हो सकता है, जिसकी पुष्टि सदियों से की गई है। किसी भी योगासन को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।
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