बोतल और सिप्पी कप आमतौर पर शिशुओं को दूध पिलाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ये इस्तेमाल में आसान होते हैं और शिशुओं को खुद से पीना सीखने में मदद करते हैं। इसके बावजूद अधिकांश माता-पिता नहीं जानते हैं कि अगर सिप्पी कप का बार-बार इस्तेमाल किया जाए, तो यह शिशुओं के दांतों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
लंबे समय तक बोतल का प्रयोग और दांतों की सड़न
लंबे समय तक बोतल से दूध पिलाने की मुख्य समस्या है “शिशु की बोतल से दांतों की सड़न” या मिल्क बॉटल कैविटी (ECC)। यह तब होता है जब शिशु बार-बार बोतल से मीठा दूध, फॉर्मूला या जूस पीता है, विशेषकर सोने से पहले या झपकी के समय। मीठे पेय पदार्थ दांतों के आसपास जमा हो जाते हैं और मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को पोषण देते हैं। ये बैक्टीरिया एसिड बनाते हैं जो समय के साथ दांतों के इनेमल को नष्ट कर देते हैं और कैविटी का कारण बनते हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित ऊपरी सामने के दांत होते हैं, लेकिन यह अन्य दांतों तक भी फैल सकता है। शिशु को बोतल के साथ बिस्तर पर सुलाना नुकसानदायक है। ऐसा इसलिए क्योंकि नींद के दौरान लार का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे मुंह की प्राकृतिक रूप से शर्करा और एसिड को हटाने की क्षमता कम हो जाती है।
The American Academy of Paediatrics (AAP) 12 से 18 महीने की उम्र के आसपास बोतल का प्रयोग बंद करने की सलाह देता है। इस उम्र के बाद, दांतों को होने वाले जोखिम अधिक हो जाते हैं।
सिप्पी कप फायदेमंद हैं या नुकसानदायक?
सिप्पी कप को बोतल और सामान्य कप के बीच एक संक्रमणकालीन चरण के रूप में प्रचारित किया जाता है, जो अक्सर रिसाव से बचने के लिए सुझाया जाता है। हालांकि, ये संक्रमणकाल में लाभदायक हो सकते हैं, लेकिन इनके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। ये न केवल दांतों के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि भाषण विकास प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकते हैं।

डॉ. किरण धनोत्रा, BDS, MDS, कंसल्टेंट पीडियाट्रिक डेंटिस्ट, MRR चिल्ड्रन हॉस्पिटल, महाराष्ट्र, बताती हैं कि “अगर आपका बच्चा बहुत लंबे समय तक दूध या जूस बोतल से पीता रहे, तो इससे उसके दांतों को नुकसान हो सकता है। मीठे पेय दांतों में हानिकारक बैक्टीरिया को खाना देते हैं, जो एसिड बनाते हैं। यह एसिड दांतों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाता है। जब बच्चे सोते समय बोतल मुंह में लेकर सो जाते हैं, तब शक्कर उनके दांतों पर ज्यादा देर तक रहती है, जिससे विशेषकर सामने के दांतों में सड़न हो सकती है। उनके दांत स्वस्थ रखने के लिए, एक साल की उम्र के बाद बोतल का इस्तेमाल कम करें और सोने से पहले बोतल में मीठा न डालें।”
डॉ धनोत्रा आगे बताती हैं कि “माता-पिता को दांतों में विभिन्न समस्याओं जैसे सफेद धब्बे, भूरे रंग के दाग या छोटे छेद देखना चाहिए, विशेषकर सामने के दांतों पर। अगर मसूड़े लाल, सूजे हुए हों, ब्रश करते समय खून आए या मुंह की दुर्गंध, तो यह शुरुआती सड़न का संकेत हो सकता है। आप अपने बच्चे के ऊपरी होंठ को धीरे से उठाकर दांतों पर सफेद धब्बे या रंग बदलना देख सकते हैं। यह एक आसान तरीका है जिससे आप दांतों की समस्या का जल्दी पता लगाया जा सकता है और उसे बढ़ने से रोक सकते हैं।”
शिशु के लिए सुरक्षित बदलाव के आसान तरीके
बच्चे को बोतल या सिप्पी कप से सामान्य गिलास में बदलना मुश्किल नहीं है। बच्चे के दांतों को सुरक्षित रखने के लिए ये आसान तरीके अपनाएं:
- जल्दी शुरू करें: 6 से 9 महीने की उम्र में खाने के समय बच्चे को खुले गिलास में पानी दें।
- मीठे पेय कम दें: खाने के बीच सिर्फ पानी ही सिप्पी कप में दें। दूध या जूस सिर्फ खाने के समय दें और हमेशा बाद में बच्चे के दांत साफ करें।
- रात में बोतल न दें: अगर बच्चा शांती चाहता है तो पेसिफायर दें या सिर्फ पानी वाली बोतल दें।
- दिन में दो बार दांत साफ करें: मुलायम टूथब्रश और थोड़े से फ्लोराइड टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें।
- जल्दी दंत चिकित्सक से मिलें: बच्चे के पहले दांत निकलने या एक साल की उम्र तक पहले दंत जांच के लिए ले जाएं।
निष्कर्ष
बोतल और सिप्पी कप शिशुओं के दांतों लिए जरूरी होते हैं, लेकिन इन्हें सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए। अगर इन्हें ज्यादा देर तक, विशेषकर मीठे पेय के साथ इस्तेमाल किया जाए, तो दांतों में सड़न और मौखिक विकास (oral growth) में बाधा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर सही समय पर इन्हें छोड़ दिया जाए और अच्छे आदतें सिखाई जाएं, तो आपके बच्चों के दांत स्वस्थ रहते हैं।
Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at factcheck@thip.in. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.


