खाने का क्रम बदलने से भोजन के बाद बढ़ने वाली ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। पहले फाइबर से भरपूर सलाद या बिना स्टार्च वाली सब्जियां खाएं, फिर प्रोटीन और आखिर में चावल, रोटी, ब्रेड, नूडल्स या आलू जैसे कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ खाएं।
यह तरीका मधुमेह की दवाओं, सही मात्रा में भोजन (पोर्टियन कंट्रोल) या संतुलित आहार का विकल्प नहीं है। कई शोध से पता चलता है कि यह छोटी-सी आदत भोजन के बाद ब्लड शुगर के तेजी से बढ़ने को कम करने में मदद कर सकती है, विशेषकर टाइप 2 मधुमेह या इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों में।
कार्बोहाइड्रेट वाला खाद्य पदार्थ खाने के बाद ब्लड शुगर में क्या होता है?
कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ खाने के बाद ब्लड शुगर का बढ़ना सामान्य चीज़ है। चावल, रोटी, ब्रेड, पास्ता, आलू, मिठाइयां, फलों का जूस और मीठे पेय शरीर में जाकर ग्लूकोज में बदल जाते हैं। यह ग्लूकोज खून में पहुंचता है, जिसके बाद अग्न्याशय इंसुलिन बनाता है। इंसुलिन ग्लूकोज को खून से शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है।
जिन लोगों को मधुमेह नहीं होती, उनमें यह प्रक्रिया सामान्य रूप से काम करती है। लेकिन टाइप 2 मधुमेह, प्रीडायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों में इंसुलिन सही तरह से काम नहीं कर पाता है। इसके कारण भोजन के बाद ब्लड शुगर अधिक बढ़ सकती है और लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती है।
भोजन के बाद ब्लड शुगर का तेजी से बढ़ना पोस्ट-प्रांडियल (Post-meal) ब्लड शुगर स्पाइक कहलाता है। बार-बार ऐसा होने से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना मुश्किल हो सकता है। इसलिए कार्बोहाइड्रेट की मात्रा, प्रकार और उसे खाने का समय महत्वपूर्ण होता है।
क्या पहले सलाद खाने से ब्लड शुगर कम बढ़ती है?
हां, कई अध्ययनों के अनुसार पहले सलाद या अन्य बिना स्टार्च वाली सब्जियां खाने से भोजन के बाद ब्लड शुगर कम बढ़ सकती है।
शोध में पाया गया है कि जो लोग कार्बोहाइड्रेट से पहले सब्जियां खाते हैं, उनका भोजन के बाद ब्लड शुगर और इंसुलिन का स्तर उन लोगों की तुलना में कम बढ़ता है, जो पहले चावल, रोटी या अन्य कार्बोहाइड्रेट खाते हैं। एक अध्ययन में टाइप 2 मधुमेह रोगियों में देखा गया कि पहले सब्जियां खाने से भोजन के बाद ब्लड शुगर में होने वाली बढ़ोतरी कम हुई। वहीं, मोटापे और टाइप 2 मधुमेह रोगियों पर हुए एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि पहले सब्जियां और प्रोटीन, फिर कार्बोहाइड्रेट खाने से ब्लड शुगर और इंसुलिन का स्तर कम बढ़ा।
इसका अर्थ यह नहीं है कि सलाद खाने से चावल या मिठाई का असर पूरी तरह खत्म हो जाता है। इसका अर्थ सिर्फ इतना है कि पहले फाइबर वाली सब्जियां खाने से शरीर कार्बोहाइड्रेट को धीरे-धीरे पचाता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती है।
पहले सलाद खाने से अंतर क्यों पड़ता है?
इसका मुख्य कारण फाइबर है। खीरा, टमाटर, पत्तागोभी, गाजर, मूली, शिमला मिर्च, सलाद पत्ता और हरी पत्तेदार सब्जियों में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है। फाइबर स्टार्च या चीनी की तरह पूरी तरह नहीं पचता। यह भोजन की मात्रा बढ़ाता है और खाने को पेट से छोटी आंत तक धीरे-धीरे पहुंचने में मदद करता है।
जब कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे छोटी आंत में पहुंचते हैं, तब ग्लूकोज भी धीरे-धीरे खून में जाता है। इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने की संभावना कम हो सकती है।
यदि सब्जियों के साथ प्रोटीन भी पहले खाया जाए, तो इसका लाभ और बढ़ सकता है। दाल, दही, पनीर, अंडा, मछली और चिकन जैसे प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ पाचन की गति को धीमा करते हैं और इंसुलिन संबंधी हार्मोन पर भी सकारात्मक असर डाल सकते हैं। कई शोध से पता चलता है कि भोजन में पोषक तत्वों को खाने का क्रम, विशेषकर टाइप 2 मधुमेह रोगियों में, ब्लड शुगर और इंसुलिन की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
इस आदत को अपनाने का सबसे आसान तरीका क्या है?
भोजन की शुरुआत सलाद या बिना स्टार्च वाली सब्जियों से करें। इसके बाद प्रोटीन जैसे दाल, पनीर, दही, अंडा, मछली या चिकन खाएं। आखिर में रोटी, चावल या अन्य कार्बोहाइड्रेट लें।उदाहरण के लिए, दोपहर के भोजन में पहले खीरा-टमाटर-पत्तागोभी का सलाद, फिर दाल या पनीर की सब्जी और आखिर में सीमित मात्रा में रोटी या चावल खाएं। रात के खाने में भी पहले सलाद या हल्की पकी हुई सब्जियां खाएं, फिर मुख्य भोजन लें।
साथ ही, भोजन को धीरे-धीरे चबाकर खाएं और खाने के साथ मीठे पेय पदार्थों से बचें। ये छोटे-छोटे बदलाव लंबे समय में पेट को अधिक देर तक भरा रखने और भोजन के बाद ब्लड शुगर में होने वाली तेज बढ़ोतरी को कम करने में मदद कर सकते हैं।
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