कई सालों से अंडे को एक अच्छा खाद्य पदार्थ समझा जाता है — सस्ता, प्रोटीन से भरपूर और पोषक तत्वों से भरपूर। लेकिन हर कुछ सालों में नई रिसर्च यह सवाल उठाती है कि क्या अंडे वाकई इतने अच्छे हैं। Scientific Reports (2025) में प्रकाशित एक चीन अध्ययन से पता चलता है कि स्ट्रोक के बाद अधिक मात्रा में अंडे खाना जानलेवा हो सकता है। इस लेख में हमने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की है।
अध्ययन से क्या पता चलता है?
शोधकर्ताओं ने चीन के लगभग 14,000 स्ट्रोक से बचे लोगों का अध्ययन किया। उन्होंने इन्हें करीब 10 साल तक फॉलो किया। इस दौरान 2,600 से अधिक लोगों की मौत हो गई — जिनमें से लगभग आधे लोगों की मौत ह्रदय रोगों से हुई।
अध्ययन से यह पता चला:
- जो लोग ज्यादा अंडे खाते थे (और इसलिए ज्यादा कोलेस्ट्रॉल भी), उनकी मौत का खतरा ज्यादा था — विशेषकर ह्रदय रोगों से।
- अगर कोई रोज़ाना आधा अंडा ज्यादा खाता था (लगभग 100 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल), तो: उसकी किसी भी कारण से मौत का खतरा 9% ज्यादा था। और ह्रदय रोगों से होने वाली मौत का खतरा 13% ज्यादा था
- जो लोग रोज़ 1 से ज्यादा अंडा खाते थे, उनकी मौत का खतरा उन लोगों की तुलना में 28% ज्यादा था जो बहुत कम अंडे खाते थे (हर 3 दिन में एक से भी कम)।
- सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को था जिन्हें इस्केमिक स्ट्रोक हुआ था — जो मस्तिष्क में नस ब्लॉक होने से होता है।
- ये नतीजे तब भी सही रहे जब धूम्रपान, व्यायाम और फैट खाने जैसी दूसरी आदतों को ध्यान में रखा गया।
सीधे शब्दों में: स्ट्रोक से बचे लोगों में, जो ज्यादा अंडे खाते थे, उनकी मौत का खतरा ज्यादा देखा गया।
यह क्यों ज़रूरी है?
स्ट्रोक दुनियाभर में मौत और विकलांगता (disability) के मुख्य कारणों में से एक है। खाना-पीना स्ट्रोक से बचाव और ठीक होने — दोनों में बहुत अहम भूमिका निभाता है। लेकिन स्ट्रोक से जूझ रहे अधिकांश लोगों को यह समझ नहीं आता है कि उन्हें क्या खाना चाहिए — विशेषकर जब पारंपरिक खाने (जैसे कि चीनी या भारतीय भोजन) में अंडे को प्रोटीन का आसान और सस्ता स्रोत माना जाता है।
नए अध्ययन से पता चलता है कि ज्यादा कोलेस्ट्रॉल (जैसे अंडों में पाया जाता है) उन लोगों के लिए और नुकसानदायक हो सकता है जिनकी नसें पहले से ही स्ट्रोक की वजह से कमजोर हो चुकी हैं। लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है — इसका अर्थ यह नहीं है कि अंडे पूरी तरह छोड़ देने चाहिए। इससे सिर्फ इतना पता चलता है कि यह मामला थोड़ा पेचीदा है जिसमें सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी है।
क्या अंडे खाना वाकई नुकसानदायक है?
एक अंडे में लगभग 200 mg कोलेस्ट्रॉल होता है, लेकिन साथ ही यह उत्तम गुणवत्ता वाला प्रोटीन, कोलीन, ल्यूटिन और अन्य पोषक तत्व भी देता है जो मस्तिष्क और शरीर के लिए आवश्यक होते हैं।
स्वस्थ लोगों पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि अगर कोई व्यक्ति हर रोज़ 1 अंडा तक खाता है, तो इससे ह्रदय या मौत का खतरा नहीं बढ़ता है। बल्कि कुछ अध्ययन से पता चलता है कि अंडे आंखों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकते हैं।
हालांकि, जैसा कि यह नए अध्ययन से पता चलता है कि स्ट्रोक के बाद कहानी बदल सकती है, जब शरीर का मेटाबॉलिज्म और रक्त वाहिकाओं की संवेदनशीलता बदल जाती है। कोलेस्ट्रॉल पहले से क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाओं पर ज्यादा असर डाल सकता है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल खपत से प्लाक जमा हो सकता है, इन्फ्लेमेशन बढ़ सकता है और कमजोर धमनियों वाले लोगों में रिकवरी बाधित हो सकती है।
यह अध्ययन अन्य अध्ययनों से कैसे अलग है?
ज्यादातर पुराने अध्ययन में आम लोगों में अंडे खाने के असर को दर्शाया गया था — अर्थात् ऐसे लोग जिन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। इनके नतीजे मिले-जुले थे: कुछ ने अंडों को लाभदायक बताया, कुछ ने कोई असर नहीं पाया।
लेकिन यह नए अध्ययन अलग है क्योंकि यह सिर्फ स्ट्रोक से बचे हुए लोगों पर किया गया है — अर्थात् ऐसे लोग जो पहले से ही ज्यादा खतरे में हैं और जिनकी डाइट की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं।
यह अध्ययन इसलिए भी मज़बूत मानी जा रही है क्योंकि इसमें लोगों को 10 साल से अधिक समय तक फॉलो किया गया और इसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि यह एक अवलोकनात्मक अध्ययन (Observational Study) था — अर्थात् यह सिर्फ संबंध दर्शाता है, यह साबित नहीं करता है कि अंडे खाने से मौत हो सकती है। इस अध्ययन में खाने की जानकारी लोगों से पूछकर ली गई थी, जो लंबे समय के लिए बिल्कुल सटीक नहीं भी हो सकती है।
फिर भी, आंकड़ों से पता चलता है कि जो स्ट्रोक मरीज ज्यादा अंडे और कोलेस्ट्रॉल खाते थे, उनकी लंबी उम्र जीने की संभावना कम दिखी।
स्ट्रोक से उबरने वाले लोगों को क्या खाना चाहिए?
स्ट्रोक के बाद शरीर का उद्देश्य होता है: नसों को स्वस्थ रखना, रक्तचाप को कंट्रोल करना और इन्फ्लेमेशन को कम करना। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्ट्रोक के बाद ह्रदय के लिए लाभदायक डाइट अपनाएं, जैसे: मेडिटेरेनियन डाइट या DASH डाइट (Dietary Approaches to Stop Hypertension)।
इन डाइट्स में ज़ोर दिया जाता है:
- साबुत अनाज, फल और सब्ज़ियां
- दालें, बीन्स, नट्स और बीज
- मछली और पतला चिकन (कम मात्रा में)
- अच्छे फैट, जैसे ऑलिव ऑयल, घी या बटर की जगह
- कम प्रोसेस्ड फूड और कम लाल मांस
अगर आप अंडे खाना पसंद करते हैं, तो ज़्यादा खाने से बचें। अधिकांश डाइट एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जिन लोगों को ह्रदय रोग या स्ट्रोक हुआ हो, उन्हें हफ्ते में 3 से 4 अंडे से ज्यादा नहीं खाने चाहिए।
आप ये भी चुन सकते हैं: सिर्फ अंडे का सफेद हिस्सा (जिसमें कोलेस्ट्रॉल कम होता है) और पौधे आधारित प्रोटीन जैसे टोफू, दालें या बीन्स। ये विकल्प कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करते हैं और पोषण भी अच्छा देते हैं।
निष्कर्ष
इस नए अध्ययन से यह स्पष्ट नहीं है कि अंडे सबके लिए नुकसानदायक हैं। लेकिन यह जरूर पता चलता है कि स्ट्रोक से उबर चुके लोगों को अंडों और डाइट में कोलेस्ट्रॉल को लेकर थोड़ा सावधान रहना चाहिए।
अधिकांश लोगों के लिए, अगर वे अंडे संयम में खाते हैं और उनका खाना संतुलित है, तो यह आमतौर पर ठीक होता है। लेकिन अगर आप या आपके किसी करीबी को स्ट्रोक हो चुका है, तो यह समझदारी होगी कि आप किसी आहार विशेषज्ञ से सलाह लें ताकि पता चल सके कि आपके लिए कितना कोलेस्ट्रॉल या अंडा सुरक्षित है।
जैसा कि अध्ययन से पता चलता है कि स्ट्रोक के बाद लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए अंडों और कोलेस्ट्रॉल का सीमित सेवन लाभदायक हो सकता है।
कई बार फर्क इस बात में नहीं होता कि हम क्या खाते हैं, बल्कि इस बात में होता है कि हम कितना खाते हैं।
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