प्रोटीन पाउडर अब सिर्फ बॉडीबिल्डिंग करने वालों तक सीमित नहीं हैं। आज व्हे प्रोटीन, प्लांट प्रोटीन और तैयार-पीने वाले प्रोटीन शेक किशोरों, सामान्य रूप से जिम जाने वाले लोगों, खिलाड़ियों और वरिष्ठ नागरिकों तक, सभी को बेचे और प्रचारित किए जा रहे हैं। इससे एक सीधा प्रश्न उठता है: किसी व्यक्ति को वास्तव में किस उम्र से प्रोटीन सप्लीमेंट लेना शुरू करना चाहिए?
ऐसी कोई एक तय उम्र नहीं है, जिस पर हर व्यक्ति को चिकित्सकीय रूप से प्रोटीन सप्लीमेंट लेना शुरू करने की सलाह दी जाती हो। जीवन के हर चरण में प्रोटीन जरूरी है, लेकिन प्रोटीन की जरूरत होना और प्रोटीन सप्लीमेंट की आवश्यकता होना दो अलग-अलग चीज़े हैं। अधिकांश स्वस्थ लोग सामान्य भोजन से पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं। सप्लीमेंट तब उपयोगी हो सकता है, जब किसी व्यक्ति के शरीर को जितने प्रोटीन की आवश्यकता है और वह अपने सामान्य आहार से जितना प्रोटीन आसानी से प्राप्त कर सकता है, उनके बीच वास्तविक कमी हो।
क्या प्रोटीन सप्लीमेंट शुरू करने की कोई तय उम्र है?
नहीं। ऐसी कोई एक तय उम्र नहीं है, जब हर व्यक्ति को प्रोटीन सप्लीमेंट लेना शुरू कर देना चाहिए। जन्म से ही शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है, क्योंकि यह विकास, शरीर के ऊतकों के निर्माण, एंजाइम, हार्मोन और कई अन्य कार्यों के लिए आवश्यक है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि बच्चों को प्रोटीन पाउडर की आवश्यकता होती है।
जीवन के विभिन्न चरणों में प्रोटीन की आवश्यकता भी बदलती रहती है। उदाहरण के लिए, यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (EFSA) के अनुसार, उम्र के आधार पर शिशुओं, बच्चों और किशोरों को प्रतिदिन लगभग 0.83 से 1.31 ग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के हिसाब से प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है। स्वस्थ वयस्कों के लिए यह मात्रा लगभग 0.83 ग्राम प्रति किलोग्राम प्रतिदिन है।
यहां सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है जरूरत। प्रोटीन की जरूरत बताती है कि शरीर को कितने प्रोटीन की आवश्यकता है; यह नहीं बताती कि वह प्रोटीन सप्लीमेंट से ही लेना जरूरी है। दूध, दही, पनीर, अंडे, मछली, चिकन, मांस, सोया, टोफू, दालें, बीन्स, मसूर, मेवे और बीज रोजाना प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं।
क्या बच्चों को प्रोटीन पाउडर लेना चाहिए?
आमतौर पर नहीं। अगर बच्चे का विकास सामान्य रूप से हो रहा है और वह पर्याप्त एवं संतुलित आहार ले रहा है, तो उसे नियमित रूप से प्रोटीन सप्लीमेंट देने की आवश्यकता नहीं होती है। बच्चों के लिए प्रोटीन आवश्यक है, क्योंकि वे लगातार बढ़ रहे होते हैं। लेकिन आमतौर पर प्रोटीन का मुख्य स्रोत भोजन ही होना चाहिए।
संतुलित आहार लेने वाला बच्चा दूध, दही, पनीर, दाल, बीन्स, अंडे, सोया, मछली या मांस जैसे सामान्य खाद्य पदार्थों से पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त कर सकता है। केवल इसलिए कि प्रोटीन जरूरी है, किसी बच्चे को प्रोटीन पाउडर देने से अतिरिक्त लाभ मिलना जरूरी नहीं है।
कुछ स्थितियों में अपवाद हो सकते हैं। यदि बच्चे का भोजन पर्याप्त नहीं है, उसका विकास ठीक से नहीं हो रहा है, उसे सामान्य से अधिक पोषण की जरूरत है, वह बहुत सीमित प्रकार का खाना खाता है या सामान्य भोजन से उसकी पोषण संबंधी जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है, तो डाइटिशियन विशेष पोषण उत्पाद की सलाह दे सकते हैं। इसलिए बच्चों में प्रोटीन सप्लीमेंट उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार और विशेषज्ञ की सलाह से दिया जाना चाहिए।
क्या व्यायाम करने वाले किशोर प्रोटीन सप्लीमेंट ले सकते हैं?
कुछ मामलों में ले सकते हैं, लेकिन इसकी आवश्यकता हर किशोर को नहीं होती है। किशोरावस्था में शरीर तेजी से बढ़ता है और नियमित खेल या व्यायाम करने वाले किशोरों को कम सक्रिय किशोरों की तुलना में अधिक पोषण की जरूरत हो सकती है। फिर भी प्रोटीन पाउडर को खराब या अधूरे आहार की भरपाई का आसान तरीका नहीं समझना चाहिए।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, ताकत बढ़ाने या लंबे समय तक चलने वाले व्यायाम की ट्रेनिंग करने वाले किशोर खिलाड़ियों को कुछ अधिक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। लेकिन केवल ज्यादा मात्रा में प्रोटीन खाने से मांसपेशियां नहीं बनती हैं। व्यायाम मांसपेशियों के विकास के लिए जरूरी संकेत देता है और पर्याप्त पोषण इस प्रक्रिया में मदद करता है।
प्रोटीन पाउडर शुरू करने से पहले किशोर के पूरे आहार को देखना ज्यादा जरूरी है। क्या उसे पर्याप्त कैलोरी मिल रही है? क्या दिनभर के भोजन में प्रोटीन सही मात्रा में बांटा गया है? क्या कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, आयरन और अन्य पोषक तत्व पर्याप्त हैं? अगर कोई किशोर भोजन से अपनी अधिक प्रोटीन जरूरत पूरी नहीं कर पा रहा है, तो कभी-कभी सप्लीमेंट सुविधाजनक हो सकता है। खासकर कम उम्र के किशोरों में इसे शुरू करने से पहले योग्य डाइटिशियन या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
क्या 18 साल की उम्र प्रोटीन सप्लीमेंट शुरू करने के लिए सही है?
जरूरी नहीं। 18 साल की उम्र पूरी होते ही शरीर को अचानक प्रोटीन पाउडर की आवश्यकता नहीं पड़ने लगती। अगर कोई 18 वर्षीय व्यक्ति अपने भोजन से पर्याप्त प्रोटीन ले रहा है, तो उसे प्रोटीन पाउडर लेने की कोई जरूरत नहीं हो सकती। वहीं, अधिक ट्रेनिंग करने वाला खिलाड़ी, अपनी जरूरत के अनुसार प्रोटीन की मात्रा पूरी न कर पाने वाला शाकाहारी व्यक्ति या कम भूख वाला व्यक्ति सप्लीमेंट से लाभ पा सकता है।
इसलिए यह पूछना ज्यादा महत्वपूर्ण है कि “क्या मुझे पर्याप्त प्रोटीन मिल रहा है?”, बजाय इसके कि “क्या मैं प्रोटीन पाउडर लेने के लिए पर्याप्त उम्र का हूं?” उदाहरण के लिए, दो 20 साल के लोगों को लें। एक व्यक्ति अंडे, डेयरी उत्पाद, दालें, सोया, मछली या मांस खाकर अपनी प्रोटीन जरूरत आसानी से पूरी कर लेता है। दूसरा व्यक्ति बहुत अधिक ट्रेनिंग करता है, व्यस्त रहता है और लगातार अपनी जरूरत से कम प्रोटीन ले पाता है। ऐसे में दूसरा व्यक्ति सप्लीमेंट की सुविधा से लाभ उठा सकता है, भले ही दोनों की उम्र समान हो।
किन लोगों को प्रोटीन सप्लीमेंट से ज्यादा फायदा हो सकता है?
प्रोटीन सप्लीमेंट तब सबसे ज्यादा उपयोगी होते हैं, जब वे किसी वास्तविक पोषण संबंधी समस्या को हल करते हैं। अधिक प्रोटीन की जरूरत वाले खिलाड़ी अपनी दैनिक जरूरत पूरी करने के लिए प्रोटीन शेक का प्रयोग कर सकते हैं। शाकाहारी या वीगन आहार लेने वाला व्यक्ति भी कभी-कभी सोया, मटर या किसी अन्य पौधे से प्राप्त प्रोटीन (प्लांट प्रोटीन) का प्रयोग कर सकता है, अगर उसके सामान्य भोजन से पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल रहा हो। कम भूख वाले लोगों के लिए भी थोड़ी मात्रा में लिया जाने वाला प्रोटीन स्रोत, पूरा भोजन खाने की तुलना में आसान हो सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों को बनाए रखना अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, विशेषकर जब व्यक्ति स्ट्रेंथ एक्सरसाइज करता हो और पर्याप्त कैलोरी ले रहा हो। अगर सामान्य भोजन से पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल रहा है, तो प्रोटीन सप्लीमेंट उपयोगी हो सकता है। इसे संतुलित आहार की जगह नहीं लेना चाहिए।
बीमारी, ठीक होने की प्रक्रिया, सर्जरी या अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों में स्थिति अलग हो सकती है। ऐसे समय में प्रोटीन की जरूरत काफी बदल सकती है। इसलिए कितनी मात्रा और किस प्रकार का प्रोटीन लेना है, यह व्यक्ति की स्थिति के अनुसार तय किया जाना चाहिए।
क्या ज्यादा प्रोटीन लेने से अपने आप ज्यादा मांसपेशियां बनती हैं?
नहीं। प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण के लिए जरूरी सामग्री देता है, लेकिन मांसपेशियों की वृद्धि के लिए स्ट्रेंथ एक्सरसाइज जरूरी संकेत देती है। प्रोटीन सप्लीमेंट को लेकर यह सबसे आम गलतफहमियों में से एक है।
अगर कोई व्यक्ति बिना व्यायाम किए दो प्रोटीन शेक पीता है, तो उससे वही परिणाम नहीं मिलेंगे जो नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और पर्याप्त पोषण से मिलते हैं। इसी तरह, जब शरीर की प्रोटीन जरूरत पूरी हो जाती है, तो लगातार अधिक प्रोटीन लेने से मांसपेशियां उसी अनुपात में बढ़ेंगी, यह जरूरी नहीं है। कुल कैलोरी, व्यायाम की गुणवत्ता, पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट, नींद, आराम और पूरे आहार का भी मांसपेशियों के विकास पर असर पड़ता है।
इसलिए प्रोटीन पाउडर को सुविधाजनक खाद्य उत्पाद समझें, मांसपेशियां बनाने वाली दवा नहीं।
प्रोटीन सप्लीमेंट शुरू करने से पहले क्या देखना चाहिए?
प्रोटीन पाउडर खरीदने से पहले यह पता करें कि सामान्य भोजन से पहले से कितना प्रोटीन मिल रहा है और व्यक्ति की वास्तविक जरूरत कितनी है। इस गणना में उम्र केवल एक हिस्सा है। शरीर का वजन, व्यायाम की मात्रा, खेल से जुड़े लक्ष्य, कुल कैलोरी का सेवन, गर्भावस्था, बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी पोषण की जरूरत को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रोटीन पाउडर की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। इनमें मिठास देने वाले पदार्थ, फ्लेवर, विटामिन, मिनरल, हर्बल सामग्री या प्रदर्शन बढ़ाने वाले अन्य पदार्थ मिलाए जा सकते हैं। जिन खिलाड़ियों का ड्रग टेस्ट होता है, उन्हें प्रोटीन उत्पाद चुनते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और संभव हो तो स्वतंत्र रूप से जांचे गए उत्पाद चुनने चाहिए। किसी भी बीमारी या ऐसी स्वास्थ्य स्थिति में, जिसमें आहार में प्रोटीन की मात्रा बदलने की जरूरत हो, प्रोटीन का सेवन काफी बढ़ाने से पहले डॉक्टर या योग्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लेनी चाहिए।
तो प्रोटीन सप्लीमेंट शुरू करने की सबसे सही उम्र क्या है?
ऐसी कोई एक सही उम्र नहीं है। स्वस्थ बच्चे को केवल प्रोटीन बढ़ाने के लिए नियमित रूप से प्रोटीन पाउडर नहीं देना चाहिए। किशोरों को पहले संतुलित आहार से अपनी प्रोटीन जरूरत पूरी करने पर ध्यान देना चाहिए। अगर वास्तव में जरूरत हो, तो व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार सप्लीमेंट पर विचार किया जा सकता है। स्वस्थ वयस्क भी तब प्रोटीन सप्लीमेंट ले सकते हैं, जब यह उनकी तय प्रोटीन जरूरत पूरी करने का सुविधाजनक तरीका हो। कुछ परिस्थितियों में वरिष्ठ नागरिकों को भी इससे लाभ हो सकता है, विशेषकर जब उनके भोजन से पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल रहा हो।
सबसे आसान नियम यह है: सिर्फ इसलिए प्रोटीन सप्लीमेंट शुरू न करें कि आपकी उम्र एक खास पड़ाव पर पहुंच गई है। इसे तब शुरू करें, जब शरीर की पोषण संबंधी जरूरत की पहचान हो और सामान्य भोजन से उसे पर्याप्त या आसानी से पूरा करना संभव न हो।
प्रोटीन जरूरी है। प्रोटीन पाउडर वैकल्पिक है।
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