जानें व्हे प्रोटीन (whey protein) संबंधी संपूर्ण जानकारी!

Just In

फिटनेस बनाने हेतू व्यायाम शुरू करने वाले लोगों के लिए व्हे प्रोटीन महत्वपूर्ण सप्लीमेंट है। यह दूध से बना पाउडर है जो मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाने का कार्य करता है। इसे पानी या दूध के साथ मिलाएं, और व्यायाम के बाद पीएं ताकि मांसपेशियां मजबूत हो सके। इस लेख में हमने व्हे प्रोटीन की संपूर्ण जानकारी उदाहरण के लिए स्वास्थ्य संबंधी लाभ और दुष्प्रभावों की जानकारी दी है, इसलिए इसे पूरा पढ़ें।

व्यायाम शुरू करने वाले लोगों (beginners) के लिए प्रोटीन लाभकारी क्यों है?

जी हां, व्यायाम शुरू करने वाला कोई भी व्यक्ति व्हे प्रोटीन का सेवन कर सकता है क्योंकि यह उसकी मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है। चूँकि, व्हे प्रोटीन में मांसपेशियों को मजबूत और उन्हें बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी नौ अमीनो एसिड होते हैं। इसके अतिरिक्त, यह व्यायाम के बाद ऊर्जावान महसूस करने का एक अच्छा विकल्प है क्योंकि यह आसानी से पच जाता है और शरीर द्वारा तेजी से अवशोषित हो जाता है।

विशेषज्ञों द्वारा व्यायाम शुरू करने वाले लोगों (beginners) को प्रोटीन का सेवन अधिक मात्रा में न करने की सलाह दी जाती है। इसके अतिरिक्त, ऐसे लोगों को व्हे प्रोटीन का सेवन संतुलित आहार के साथ करना चाहिए।

व्यायाम शुरू करने वाले लोगों (beginners) के लिए कौन-सा व्हे (whey) प्रोटीन लाभकारी है?

व्यायाम शुरू करने वाले लोगों (beginners) के लिए, व्हे प्रोटीन आइसोलेट या व्हे प्रोटीन कंसन्ट्रेट दोनों ही लाभकारी हैं, लेकिन यह व्यक्ति की आहार आवश्यकता पर निर्भर करता है:

  • व्हे प्रोटीन आइसोलेटः इसमें अधिकांश वसा और लैक्टोज को हटाने के लिए अतिरिक्त प्रसंस्करण की प्रक्रिया को किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप इसमें प्रोटीन का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है। इसके अतिरिक्त, यह आमतौर लैक्टोज असहिष्णु (lactose intolerant) रोगियों के लिए लाभकारी होता है। व्हे प्रोटीन आइसोलेट में कार्बोहाइड्रेट, वसा और लैक्टोज की मात्रा व्हे प्रोटीन कंसन्ट्रेट की तुलना में कम होती है।
  • व्हे प्रोटीन कंसन्ट्रेट: इसमें कम प्रसंस्करण प्रक्रिया को किया जाता है, जिसकी वजह से व्हे में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पोषक तत्व इसमें भी प्राप्त हो जाते हैं। यह व्हे प्रोटीन आइसोलेट की तुलना में किफायदी होता है और इसमें कम मात्रा में वसा तथा लैक्टोज होने की वजह से स्वादिष्ट लगता है। व्हे प्रोटीन कंसन्ट्रेट उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प है जो लैक्टोज असहिष्णुता से पीड़ित नहीं हैं।

व्हे प्रोटीन आइसोलेट और व्हे प्रोटीन कंसन्ट्रेट दोनों व्यायाम शुरू करने वाले लोगों (beginners) की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने और इनकी ताकत को बढ़ाने के लिए प्रभावशाली साबित हो सकते हैं। इनके सेवन का चयन मुख्य रूप से व्यक्तिगत आहार प्राथमिकताओं, लैक्टोज के लिए सहिष्णुता और बजट आदि पर निर्भर करता है। इसके अलावा, विभिन्न प्रकारों के प्रोटीन का सेवन करना एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है, ताकि यह निर्णय लिया जा सके कि कौन-से प्रोटीन का सेवन करना चाहिए

व्हे (whey) प्रोटीन की कितनी मात्रा का सेवन प्रति दिन करना चाहिए?

व्हे प्रोटीन के दैनिक सेवन की मात्रा मुख्य रूप से व्यक्ति की आयु, वजन और शारीरिक गतिविधि के स्तर जैसे कारकों के आधार पर भिन्न हो सकता है। हालांकि, हर रोज़ व्यायाम करने वाले लोगों को प्रति दिन शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम 0.83 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।

इस प्रोटीन की प्रत्येक चम्मच आमतौर पर लगभग 20 से 25 ग्राम प्रोटीन प्रदान करती है, इसलिए व्यक्ति उसी के अनुसार अपने सेवन को समायोजित कर सकता है। ध्यान रखें: प्रोटीन के बजाय विभिन्न स्रोतों से प्रोटीन प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।

व्हे (whey) प्रोटीन का सेवन किन लोगों को करना चाहिए?

व्हे प्रोटीन का सेवन मुख्य रूप से ऐसे लोगों (beginners) द्वारा किया जा सकता है, जो हर रोज़ व्यायाम कर रहे हैं और प्रोटीन की खपत को बढ़ाना चाहते हैं। निम्नलिखित लोगों द्वारा भी इस प्रोटीन का सेवन किया जा सकता है:

  • फिटनेस के शौकीन लोग (Fitness Enthusiasts): यह प्रोटीन मुख्य रूप से ऐसे लोगों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है, जिन्होंने हाल ही में भारोत्तोलन, प्रतिरोध प्रशिक्षण, या व्यायाम के अन्य रूपों को करना शुरू किया है।
  • एथलीटः इन लोगों द्वारा इस प्रोटीन का सेवन करने से उनके प्रदर्शन और मांसपेशियों की ताकत में सुधार हो सकता है।
  • विशिष्ट प्रकार का भोजन करने वाले लोग: शाकाहारी लोगों समेत विशिष्ट प्रकार का भोजन करने वाले लोगों के लिए केवल भोजन के द्वारा प्रोटीन प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। इस कमी को दूर करने में व्हे प्रोटीन सहायता कर सकता है।
  • व्यस्त जीवन शैली यापन वाले लोग: ऐसे लोग जिनकी जीवनशैली काफी व्यस्त है, उनके लिए पर्याप्त प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में वे व्हे प्रोटीन शेक पीकर अपने प्रतिदिन प्रोटीन की आवश्यकता को पूरा कर सकते हैं।
  • वृद्ध लोग: ऐसा देख गया है कि उम्रदराज़/ वृद्ध लोगों को भूख कम लगने या खाना न चबा पाने जैसी समस्याएं होती हैं, जिसके कारण उन्हें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन प्राप्त नहीं हो पाता है। अत: वे मांसपेशियों और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए इस प्रोटीन का सेवन कर सकते हैं।

हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि व्हे प्रोटीन का सेवन प्रोटीन प्राप्त करने का एक सुविधाजनक और प्रभावी तरीका साबित हो सकता है, लेकिन इसे प्रोटीन के खाद्य स्रोतों से पूरी तरह से बदलना नहीं चाहिए। एक संतुलित आहार जिसमें लीन मीट, पोल्ट्री, मछली, अंडे, डेयरी उत्पाद, फलियां, नट्स और बीज जैसे विभिन्न प्रकार के प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, लैक्टोज असहिष्णुता या दूध प्रोटीन एलर्जी रोगियों को वैकल्पिक प्रोटीन स्रोतों का विकल्प चुनना चाहिए।

व्हे (whey) प्रोटीन का सेवन किन लोगों को नहीं करना चाहिए?

व्हे (whey) प्रोटीन का सेवन निम्नलिखिति स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को नहीं करना चाहिए:

  • लैक्टोज असहिष्णुता (Lactose Intolerance): व्हे (whey) प्रोटीन में लैक्टोज होता है, जो लैक्टोज असहिष्णु रोगियों में पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
  • दूध प्रोटीन एलर्जीः इस प्रोटीन सहित दूध प्रोटीन से एलर्जी वाले लोगों को एलर्जी रिएक्शन को रोकने के लिए इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • गुर्दे की समस्याएंः पहले से मौजूद गुर्दे की समस्याओं या गुर्दे की खराब कार्यप्रणाली से पीड़ित लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए ताकि गुर्दे पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
  • पाचन संबंधी विकारः कुछ पाचन संबंधी विकार, जैसे सूजन आंत्र रोग (IBD) इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) या गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स रोग (GERD) इस प्रोटीन का सेवन करने से बढ़ सकते हैं।
  • मधुमेहः हालांकि, व्हे प्रोटीन मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है लेकिन उन्हें ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिनमें अतिरिक्त शर्करा और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो। इसके अलावा, उनके लिए रक्त शर्करा के स्तर की बारीकी से निगरानी करना महत्वपूर्ण है।
  • गठियाः इसमें प्यूरिन होता है, जो रक्त में यूरिक एसिड के उच्च स्तर का कारण बन सकता है, जिसकी वजह से कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में गठिया की संभावना बढ़ सकती है।
  • गैलेक्टोसेमियाः गैलेक्टोसेमिया मरीज के शरीर में लैक्टोज के एक घटक गैलेक्टोज को चयापचय करने के लिए आवश्यक एंजाइम की कमी होती है, इसी कारण उन्हें इस प्रोटीन का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • फेनिलकेटोनुरिया (PKU): इसमें फेनिलएलनिन नामक एक एमिनो एसिड होता है, जिसका परहेज़ PKU रोगियों को करना चाहिए क्योंकि इससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • गंभीर यकृत रोगः इस रोग से पीड़ित लोगों को प्रोटीन का चयापचय करने में कठिनाई हो सकती है। अत: उन्हें व्हे प्रोटीन का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
  • कैल्शियम की अधिकता (Hypercalcemia): इस सप्लीमेंट में अधिक मात्रा में कैल्शियम हो सकता है, जिससे हाइपरकैल्सेमिया रोग (रक्त में कैल्शियम की मात्रा का बढ़ना) बिगड़ सकता है।

इन स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए व्हे प्रोटीन का सेवन करने से पहले चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह उनके लिए लाभकारी है। कुछ मामलों में, वैकल्पिक प्रोटीन स्रोत का चयन किया जा सकता है।

क्या वर्कआउट के बिना व्हे (whey) प्रोटीन का सेवन करने के कोई दुष्रभाव हो सकते हैं?

creative for side effects of whey protein without workout

हां, वर्कआउट के बिना इस प्रोटीन का सेवन करने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं। हालांकि,अधिकांश लोगों के लिए उचित मात्रा में इस प्रोटीन का सेवन करना सुरक्षित माना जाता है लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से निम्नलिखित स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभाव हो सकते हैं:

  • वजन बढ़नाः चूंकि, व्हे प्रोटीन में प्रोटीन और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए व्यायाम के बिना इसका सेवन करने से वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।
  • पाचन संबंंधी समस्याएं: लैक्टोज असहिष्णु से पीड़ित लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इनमें सूजन, गैस या दस्त शामिल हैं। इसका मुख्य रूप से व्यायाम न करने की वजह से हो सकता है।
  • पोषक तत्वों के असंतुलन की संभावनाः संतुलित आहार के बजाय केवल इसी प्रोटीन का सेवन करने से शरीर में पोषक तत्वों का असंतुलन या कमी हो सकती है। संपूर्ण खाद्य पदार्थ आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं, जिन्हें केवल प्रोटीन सप्लीमेंट से प्राप्त नहीं किया जा सकता है।
  • यकृत या गुर्दे पर दबाव पड़ना: लंबे समय तक व्हे प्रोटीन का सेवन अधिक मात्रा में करने से यकृत या गुर्दे पर दबाव पड़ सकता है।
  • भूख नियंत्रण क्षमता का बाधित होना: कुछ शोधों से स्पष्ट है कि व्यायाम किए बिना इस प्रोटीन का सेवन से भूख नियंत्रण क्षमता बाधित हो सकती है। इसकी वजह से अधिक भोजन करना या भूख नियंत्रण तंत्र में व्यवधान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि व्हे प्रोटीन आमतौर पर प्रोटीन की खपत को बढ़ाने का एक सुविधाजनक तरीका साबित हो सकता है, लेकिन इस पर पूरी तरह से आश्रित रहना जोखिमभरा साबित हो सकता है। इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से व्यायाम न करने वाले लोगों के लिए संतुलित आहार के माध्यम से प्रोटीन प्राप्त करना लाभकारी साबित हो सकता है।

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

History
First published on:

Disclaimer
Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can further read our Correction Policy here. Nothing in the content, product, or service should be considered or used as a substitute for medical advice, diagnosis, or treatment. We do not endorse or promote any medical, nursing, or other professional healthcare advice, diagnosis, or treatment against the advice of their family physician. Read our Full Disclaimer Here for further information.

More in

Questions
Fact Check
Interviews
Stories
Videos

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

More in

Questions
Fact Check
Interviews
Stories
Videos

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

Disclaimer: Medical Science is an ever evolving field. We strive to keep this page updated. In case you notice any discrepancy in the content, please inform us at [email protected]. You can futher read our Correction Policy here. Never disregard professional medical advice or delay seeking medical treatment because of something you have read on or accessed through this website or it's social media channels. Read our Full Disclaimer Here for further information.

- Advertisement -spot_img
Garima Dev Verman
Garima Dev Verman
गरिमा एक प्रमाणित आहार विशेषज्ञ हैं, जिन्हें आहार और पोषण विज्ञान में विशेषज्ञता प्राप्त है। वह एक प्रमाणित मधुमेह शिक्षक भी हैं, जिन्हें व्यक्तिगत आहार योजनाओं के माध्यम से मधुमेह के प्रबंधन पर व्यक्तियों का मार्गदर्शन करने का अनुभव है। एक स्वास्थ्य सेवा पत्रकार के रूप में, उन्होंने जनता को शिक्षित करने और स्वास्थ्य साक्षरता बढ़ाने के लिए साक्ष्य-आधारित रिपोर्ट बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है
Read More