कैंडी, स्नैक्स, पेस्ट्री, आइसक्रीम, केक, कुकीज़ और अन्य प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में सभी में चीनी होती है। चीनी के कई गुप्त या अलग-अलग नाम होते हैं, जिनमें से कुछ का उच्चारण करना भी कठिन होता है। इसी वजह से यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि किसी खाद्य पदार्थ में अतिरिक्त चीनी मिली हुई है या नहीं। आइए, चीनी के विभिन्न नामों के बारे में जानें!
व्यावसायिक रूप से उपलब्ध उत्पादों में किस प्रकार की चीनी पाई जाती है?
खाद्य लेबलिंग के संदर्भ में, चीनी को आमतौर पर तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: प्राकृतिक शर्करा, अतिरिक्त शर्करा और कृत्रिम शर्करा। यहाँ अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा प्रत्येक का विवरण दिया गया है:
- प्राकृतिक शर्करा: ये स्वाभाविक रूप से फलों, सब्जियों और डेयरी उत्पादों में पाई जाती हैं। इनके साथ आवश्यक पोषक तत्व भी होते हैं और इनके अपने लाभ होते हैं। ये धीरे-धीरे पचती हैं और ऊर्जा को स्थिर रूप से प्रदान करती हैं। खाद्य पदार्थों में पाई जाने वाली प्राकृतिक शर्करा फाइबर और पोषक तत्वों के कारण आमतौर पर अधिक स्वास्थ्यवर्धक होती है, लेकिन इन्हें भी सीमित मात्रा में लेना चाहिए। लंबे समय की बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए प्राकृतिक शर्करा का सेवन संतुलित मात्रा में करें।
- अतिरिक्त शर्करा (Added Sugar): यह शर्करा खाद्य प्रसंस्करण या तैयारी के दौरान मिलाई जाती है, जैसे मिठाइयों और बेकरी उत्पादों में। अतिरिक्त शर्करा संरक्षक (प्रिज़र्वेटिव) के रूप में भी काम करती है। उदाहरण के तौर पर, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप और टेबल शुगर (सुक्रोज) शामिल हैं। अधिक मात्रा में अतिरिक्त शर्करा का सेवन मोटापा, हृदय रोग और मधुमेह जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
- कृत्रिम शर्करा (Artificial Sugar): इन्हें कृत्रिम स्वीटनर भी कहा जाता है। ये सिंथेटिक विकल्प होते हैं जैसे एस्पार्टेम, सुक्रालोज और सैकरिन। इन्हें अक्सर आहार उत्पादों में चीनी के स्थान पर प्रयोग किया जाता है, जिससे मिठास मिलती है लेकिन कैलोरी बहुत कम या नहीं होती है।
खाद्य लेबल पर छिपे हुए शर्करा के नाम क्या हैं?
खाद्य उत्पादों के लेबल पर शर्करा कई अलग-अलग नामों से लिखी होती है। ये नाम अक्सर भ्रमित करने वाले होते हैं और मधुमेह के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इन्हें मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बाँटा जा सकता है:
| सुक्रोज के रूप | कच्ची या टेबल शुगर के रूप |
|---|---|
| जौ माल्ट | चुकंदर शुगर |
| ब्राउन शुगर | अंगूर शुगर |
| ग्लूकोज़ | टरबिनाडो शुगर |
| माल्ट सिरप | कैरेमल |
| फलों का रस सांद्रण | डेमेरारा शुगर |
| फ्रक्टोज | शीरा (गुड़) |
| चावल का सिरप | मीठा कंडेंस्ड मिल्क |
| मेपल सिरप | खजूर शुगर |
| लैक्टोज | मस्कोवाडो शुगर (देसी खांड) |
| पाम शुगर | कॉर्न सिरप |
| मेपल शुगर | कैस्टर शुगर |
| माल्टोज | शहद |
| नारियल चीनी | चुकंदर रस सांद्रण |
| सुकेनाट | अगावे नेक्टर |
| उच्च फ्रक्टोज कॉर्न सिरप (HFCS) | गन्ने का रस |
निर्माता अक्सर चीनी के लिए ऐसे कठिन नामों का प्रयोग करते हैं जो उसकी पहचान छुपाने का काम करते हैं, जैसे “मत्स्यंदिका”, जो इसका संस्कृत नाम है। किसी उत्पाद पर “शुगर” शब्द नहीं लिखा होने का अर्थ यह नहीं है कि वह शुगर-फ्री है। वास्तव में, चीनी के 50 से भी अधिक विभिन्न नाम होते हैं जिनका प्रयोग उसकी मौजूदगी छुपाने के लिए किया जाता है। माल्टोडेक्सट्रिन और डेक्सट्रोज जैसे नाम, ब्राउन शुगर या गन्ने की चीनी जैसे नामों से भी अधिक भ्रमित कर सकते हैं। इसलिए, एक जागरूक उपभोक्ता के रूप में हमेशा खाद्य लेबल ध्यान से पढ़ें।
कौन-सी चीनी लोगों के लिए बेहतर होती है?
शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है। सही प्रकार की चीनी का चयन बड़ा अंतर ला सकता है। यहाँ कुछ विकल्प दिए गए हैं जो शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं:
- एरिथ्रिटोल: 2023 के एक शोध से पता चलता है कि एरिथ्रिटोल का मोटापे से लाभकारी संबंध हो सकता है। यह ग्लूकोज़ या इंसुलिन को प्रभावित नहीं करता, इसलिए मधुमेह रोगियों के लिए उपयोगी हो सकता है।
- ज़ाइलोज: 2016 के एक अध्ययन के अनुसार, डी-ज़ाइलोज ने पशुओं में रक्त शर्करा को कम करने में मदद की। यह ग्लूकोज़ बनाने वाले एंजाइम को नियंत्रित करता है और अग्न्याशय (pancreas) व लिवर को सुधारने में सहायक होता है। इसे आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
- आइसोमाल्ट: 2019 के एक अध्ययन में, टाइप 2 मधुमेह रोगियों ने 12 हफ्तों तक उच्च ग्लाइसेमिक कार्ब्स के बजाय आइसोमाल्ट लिया। इससे HbA1c, फास्टिंग ब्लड शुगर और इंसुलिन स्तर में कमी देखी गई।
- इन्यूलिन: 2019 के शोध के अनुसार, इन्यूलिन टाइप 2 मधुमेह में मदद कर सकता है। यह आंतों के बैक्टीरिया को संतुलित करता है और रक्त शर्करा, वजन और सूजन को कम करता है।
- ओलिगोफ्रक्टोज: 2022 के एक अध्ययन से पता चलता है कि इसकी मध्यम मात्रा सुरक्षित है और यह ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद कर सकती है।
जब भी किसी स्वीटनर का चयन करें, उसके स्वास्थ्य पर प्रभाव और अपनी सहनशीलता को ध्यान में रखें। अलग-अलग लोगों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है, इसलिए अपने ब्लड शुगर स्तर की निगरानी करें और व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर से परामर्श लें।
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