धनिया के पत्ते: स्वास्थ्य लाभ, पोषक तत्व और उपयोग

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Last Updated on दिसम्बर 7, 2023 by Neelam Singh

धनिया के पत्ते विभिन्न व्यंजनों का हिस्सा हैं, लेकिन इनका सेवन उतना नहीं किया जाता है, जितना होना चाहिए। धनिये का इस्तेमाल आमतौर पर भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन धनिया के पत्तों के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं।

धनिया एक पौधा है और अनुमान है कि इसकी उत्पत्ति भूमध्यसागरीय क्षेत्र में हुई थी। इसकी खास सुगंध फ्लेवोनोइड्स और टेरपेन्स से भरपूर आवश्यक तेलों की उच्च सामग्री के कारण होती है। धनिया में कई टेरपीन होते हैं, जैसे – लिमोनेन, सिट्रोनेलोल, कपूर और बोर्नोल आदि। टेरपेन्स और फ्लेवोनोइड्स में एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं इसलिए इसका इस्तेमाल औषधि की तरह किया जा सकता है।

भारत में अक्सर धनिया के पत्तों और धनिया के बीज से बने चूर्ण अर्थात् पाउडर का सेवन किया जाता है। धनिया के बीजों को लंबे वक्त तक संजोकर रखा जा सकता है। 

स्वास्थ्य लाभ

मधुमेह में फायदेमंद

मधुमेह में धनिया के पत्ते फायदेमंद हो सकते हैं। हालांकि इस विषय पर अध्ययन किए जा रहे हैं कि क्या वाकई धनिया रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित कर सकता है? धनिया के पत्ते अग्न्याशय में बीटा-कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं और वजन को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकते हैं।

इसके अलावा ये आंतों में वसा के संचय से लड़ने में मदद कर सकते हैं। धनिया के पत्ते लीवर के लिए भी अच्छे होते हैं। इसके अतिरिक्त यह मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया में भी सुधार कर सकता है। 

कारगर एंटीऑक्सीडेंट

धनिया के पत्तों में टेरपीन, फ्लेवोनोइड्स, फोलेट्स, विटामिन सी और कई अन्य एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इसका मतलब है कि इसका नियमित सेवन यकृत (लीवर), किडनी और अन्य अंगों को ऑक्सीडेंट के कारण होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है। यह मस्तिष्क को भारी धातुओं के विषाक्त प्रभावों से भी बचा सकता है। 

देखा जाए, तो धनिया के पत्ते गैर-संचारी दीर्घकालिक विकारों को रोकने के लिए अच्छे हैं। इसके कुछ एंटी-एजिंग प्रभाव भी हो सकते हैं। हालांकि धनिया के लाभों का अनुभव करने के लिए इसका दैनिक रुप से सेवन करना चाहिए।

मनोदशा और मस्तिष्क स्वास्थ

भोजन में धनिया के पत्ते मिलाएं, यह तुरंत भोजन के स्वाद और सुगंध में बदलाव कर देगा। वहीं इसके अलावा धनिया मस्तिष्क को भी स्वस्थ बनाए रखने में कारगर होता है। हालांकि लोगों को अक्सर यह एहसास नहीं होता है कि यह मनोदशा विकारों को रोकने और मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकता है। 

कुछ अध्ययनों से पता चला है कि धनिया के पत्ते तनाव को कम करते हैं। धनिया के पत्तों में टेरपेन हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी-एड्रेनल अक्ष (hypothalamus-pituitary-adrenal axis) को प्रभावित करने, कोर्टिसोल के स्तर को कम करने और सूजन को कम करने की प्रवृत्ति होती है। अनुमान है कि लिनालूल और अन्य टेरपीन इस क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

इतना ही नहीं, सिर्फ धनिया के पत्तों की खुशबू चिंता को कम करने और मनोदशा में सुधार करने के लिए पर्याप्त है। अध्ययन बताते हैं कि महिलाएं अत्यधिक चिंता करती हैं, जिस कारण वे स्पेक्ट्रम विकारों से ग्रस्त होती हैं। ऐसे में धनिया के पत्तों की खुशबू उनके दिमाग को शांत करने में कारगर हो सकती है। इस बात के कुछ प्रमाण भी हैं कि धनिया ध्यान केंद्रित करने और सीखने की क्षमता में सुधार कर सकता है इसलिए यह युवाओं के लिए अच्छा है। 

दिल के सेहत में लाभकारी 

देखा जाए, तो जो भी चीजें मन और दिमाग को शांत करती हैं, वे हृदय के स्वास्थ्य के लिए भी लाभप्रद होती हैं क्योंकि इससे हृदय की गति सामान्य रुप से चलती है। वहीं तनाव और सूजन हृदय स्वास्थ्य के बिगड़ने के प्राथमिक कारण हैं इसलिए धनिया के पत्ते हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हो सकते हैं। 

अध्ययनों से पता चला है कि धनिया वासोडिलेशन (धमनियों का फैलना) का कारण बन सकता है। इस प्रकार यह रक्तचाप को कम कर सकता है। इसके अतिरिक्त, इसमें एक हल्की मूत्रवर्धक क्रिया भी होती है, जो मूत्र बनने की प्रक्रिया में सुधार करती है। अध्ययन से पता चला है कि धनिया का लिपिड प्रोफाइल पर भी लाभकारी प्रभाव पड़ता है। इस प्रकार यह एथेरोस्क्लेरोसिस के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

ये क्रियाएं धनिया के पत्ते और धनिया पाउडर दोनों की विशेषताएं हैं। हालांकि पत्तियां तनाव को कम करने और countering vascular spasms का मुकाबला करने में बेहतर हो सकती हैं। इसके अलावा, धनिया के पत्ते किडनी पर लाभकारी प्रभाव डाल सकते हैं। 

आंतों की सेहत में सुधार

परंपरिक तौर पर लोगों द्वारा जड़ी-बूटियों का सेवन किया जाता रहा है क्योंकि वे भूख को बढ़ाती हैं और पाचन एंजाइमों की गतिविधि को बढ़ाती हैं। हालांकि अध्ययन बताते हैं कि धनिया के पत्ते पाचन में सुधार और आंत के स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। यह एनाबॉलिक प्रक्रियाओं को भी बढ़ावा देता है। धनिया में मौजूद आवश्यक तेल माइक्रोबायोटा के लिए अच्छे होते हैं। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से धनिया का सेवन करते हैं, उनमें आंत के हानिकारक बैक्टीरिया की संख्या कम होती है। 

धनिया गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण को रोकने में भी मदद कर सकता है। चूंकि धनिया लाभकारी आंत बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देता है इसलिए स्वास्थ्य में इसकी बहुत व्यापक भूमिका होती है।

धनिया में होते हैं रोगाणुरोधी गुण 

दिलचस्प बात यह है कि नए अध्ययन से पता चला है कि खाद्य पदार्थों में धनिया के पत्तों को डालने से उन्हें संरक्षित करने और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण के जोखिमों को कम करने में भी मदद मिलती है। अनुमान है कि धनिया के पत्तों में आवश्यक तेल बड़ी संख्या में ग्राम-पॉजिटिव और ग्राम-नेगेटिव  रोगजनकों (gram-positive and gram-negative pathogens) के विकास को दबा सकते हैं। इसका मतलब है कि धनिया खाद्य विषाक्तता के जोखिमों को कम करने में भी मदद कर सकता है। 

त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद

धनिया के पत्ते केवल भोजन के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए नहीं हैं, बल्कि इसका रस त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। यह त्वचा संक्रमण और मुंहासों में फायदेमंद हो सकता है। अध्ययन से पता चला है कि धनिया सूर्य की परा-बैंगनी किरणों से भी त्वचा को सुरक्षा प्रदान करता है और उम्र के प्रभावों को कम करता है। धनिया त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को भी बढ़ावा दे सकता है। इस प्रकार यह झुर्रियों की प्रक्रिया को धीरे कर सकता है।

निष्कर्ष

धनिया के पत्तों को अक्सर भारत में विभिन्न खाद्य पदार्थों में मिलाया जाता है। जैसे- धनिया के पत्ते भोजन को संरक्षित करने, खुशबू में सुधार करने, मनोदशा के विकास में, मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बनाए रखने और आंत के स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त होते हैं। इन्हे खाने को सजाने के लिए भी प्रयोग में लाया जाता है।

धनिया में कई एंटीऑक्सीडेंट, फ्लेवोनोइड्स, टेरपेन्स और विटामिन होते हैं इसलिए धनिया की पत्तियों का नियमित सेवन संक्रमण और मेटाबॉलिज्म संबंधी विकारों को रोकने में मदद कर सकता है। 

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