गाउट (Gout) एक तरह का गठिया है जो तब होता है जब शरीर में यूरिक एसिड बहुत ज़्यादा हो जाता है। यह काफी दर्दनाक हो सकता है, जिसकी वजह से जोड़ों में सूजन, लालपन और तेज़ दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसी वजह से डॉक्टर ऐसे लोगों को खाने-पीने का खास ध्यान रखने की सलाह देते हैं। जिन चीज़ों में प्यूरिन होता है (जो शरीर में जाकर यूरिक एसिड में बदलता है), उन्हें सबसे पहले छोड़ने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर लाल मांस और झींगा मछली जैसी चीज़ों से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन फलों को लेकर—विशेषकर आम को लेकर—थोड़ी उलझन रहती है।
आम मीठा, रसीला और गर्मियों में बहुत पसंद किया जाने वाला फल है। लेकिन क्या यह गाउट से पीड़ित लोगों के लिए अच्छा है अथवा नहीं? क्या इसके कुछ दुष्प्रभाव हैं?
आइए, आम, यूरिक एसिड और गाउड से पीड़ित लोगों के लिए इससे संबंधित वैज्ञानिक तथ्य समझते हैं।
क्या आम में प्यूरिन होता है जो गाउट को खराब कर सकता है?
नहीं, बिल्कुल नहीं। आम में बहुत कम प्यूरिन होता है। ज़्यादातर फलों में, उदाहरण के लिए, आम, मांस और पशु स्रोत खाद्य पदार्थ (foods of animal origin) की तुलना में प्यूरिन बहुत कम होता है। चूंकि प्यूरिन शरीर में जाकर यूरिक एसिड में बदल जाता है इसलिए कम प्यूरिन वाले खाद्य पदार्थ, जैसे फल, गाउट (gout) रोगियों के लिए आमतौर पर सुरक्षित माने जाते हैं।
मांस और कुछ समुद्री खाद्य पदार्थों (sea foods) में प्यूरिन बहुत ज्यादा होता है, लेकिन फलों में नहीं। कई शोध से पता चलता है कि फल और सब्ज़ियां शरीर में यूरिक एसिड को कम करने में मदद कर सकते हैं और गाउट के खतरे को भी कम कर सकते हैं। अत: अगर आपको आम पसंद हैं, तो चिंता करने की ज़रूरत नहीं — आम से गाउट की समस्या नहीं होती है।
क्या आम में मौजूद प्राकृतिक चीनी यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकती है?
अब बात थोड़ी पेचीदा हो जाती है। हालांकि, आम में प्यूरिन नहीं होता है, लेकिन इनमें प्राकृतिक चीनी होती है, खासकर फ्रक्टोज़। कुछ शोध से पता चलता है कि ज़्यादा फ्रक्टोज़ लेने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है।
फ्रक्टोज़ लिवर में पचता है और इस प्रक्रिया में यूरिक एसिड बन सकता है। लेकिन यहाँ ज़रूरी शब्द है “बहुत ज़्यादा।” अर्थात् जब हम बहुत ज़्यादा मीठे ड्रिंक्स या प्रोसेस्ड फूड खाते हैं, तब ये असर दिखता है — न कि फलों में मौजूद प्राकृतिक चीनी से।
एक अध्ययन से पता चलता है कि ज़्यादा मीठे ड्रिंक्स पीने से गाउट का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन जब फल सामान्य मात्रा में खाए जाते हैं, तब गाउट का कोई बड़ा खतरा नहीं होता है। इसके विपरीत विटामिन C वाले फल फायदेमंद भी हो सकते हैं।
अत: हाँ, आम में प्राकृतिक चीनी होती है, लेकिन अगर आप इन्हें संतुलित मात्रा में खाते हैं, तो ये नुकसानदायक नहीं होते हैं।
क्या आम गाउट से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक हैं?
हैरानी की बात है, हाँ। आम में ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो गाउट से पीड़ित लोगों को इन्फ्लेमेशन कम करने और समग्र स्वास्थ्य में मदद कर सकते हैं:
- विटामिन C: आम में अधिक मात्रा में विटामिन C होता है और कई शोध में दावा किया गया है कि विटामिन C यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करता है। Archives of Internal Medicine में प्रकाशित meta-analysis से पता चलता है कि अधिक विटामिन C का सेवन गाउट के खतरे को कम कर सकता है।
- फाइबर: आम में फाइबर होता है जो पाचन और वजन नियंत्रित करने में मदद करता है। चूंकि, अधिक वजन और चयापचय से संबंधित समस्याएं गाउट के खतरे को बढ़ा सकती हैं, इसलिए सामान्य वजन बनाए रखना आवश्यक है।
- एंटीऑक्सीडेंट्स: आम में एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे मंगिफेरिन होते हैं, जिनमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। हालांकि, मनुष्यों पर अधिक शोध की आवश्यकता है, लेकिन ये तत्व कुछ सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।
अत: हालांकि, आम पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है लेकिन यह गाउट से पीड़ित लोगों के लिए नुकसानदायक भी नहीं है।
अगर आपको गाउट है, तो कितने आम खाना सुरक्षित है?
मध्यमता सबसे महत्वपूर्ण है। अगर आप हफ्ते में कुछ बार एक छोटा या मध्यम आकार का आम (करीब 150-200 ग्राम) खाते हैं, तो इससे कोई नुकसान नहीं पहुंचता है बल्कि यह लाभकारी हो सकता है। लेकिन अगर आप ज्यादा आम खाते हैं या इसे अन्य मीठे खाने के साथ मिलाकर खाते हैं, तो यह नुकसानदायक हो सकता है।
अगर आप फल का जूस पीते हैं या सूखे आम के स्नैक्स ज्यादा खाते हैं, तो ध्यान रखें कि इनमें ताजे आम से अधिक चीनी होती है और यह यूरिक एसिड को भी बढ़ा सकते हैं। अत: ताजे और पूरे आम खाना सबसे अच्छा है।
यहां एक सरल दिशा-निर्देश दिया गया है:
- एक बार में 1/2 से 1 मध्यम आकार का आम खाएं।
- अतिरिक्त चीनी (Added Sugar) या मीठे सिरप का प्रयोग न करें।
- इसे प्रोटीन या हेल्दी फैट (जैसे कि मेवे) के साथ खाएं ताकि चीनी का अवशोषण धीमा हो सके।
अगर आप इसे लेकर सुनिश्चित नहीं हैं, तो अपने डॉक्टर या डाइटिशियन से परामर्श लें। हर किसी का गाउट सहनशीलता स्तर अलग हो सकता है।
क्या गाउट से पीड़ित लोगों को आम से बनी चीज़ें नहीं खानी चाहिए?
हाँ, आम से बनी कुछ प्रोसेस्ड चीज़ें गाउट से पीड़ित लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। यहाँ कुछ चीज़ो की सूची दी गई है जिनसे बचना चाहिए:
- आम का जूस: इसमें फाइबर नहीं होता और इसमें अक्सर अतिरिक्त चीनी (Added Sugar) मिलाई जाती है। इसके अलावा एक ग्लास जूस में 2-3 आमों के बराबर चीनी हो सकती है, जिससे पेट नहीं भरता है।
- सूखा आम (Dried mango): इसमें अत्यधिक मात्रा में चीनी होती है जिसकी वजह से इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
- आम वाले मीठे जैसे कैंडी, आइसक्रीम या मिठाइयाँ: इनमें आम के स्वाद के साथ-साथ काफी चीनी और फैट भी होता है, जो गाउट को बढ़ा सकता है।
पूरा और ताजा फल हमेशा प्रोसेस्ड चीज़ों से बेहतर होता है। अगर कोई चीज़ डिब्बे, बोतल या पैकेट में है और उस पर “tropical mango delight” जैसा कुछ लिखा है, तो उसे खाने से पहले उसका लेबल जरूर पढ़ें।
निष्कर्ष
अगर आपको आम पसंद हैं, तो सिर्फ गाउट होने की वजह से इन्हें पूरी तरह छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। आम में प्यूरीन बहुत कम होता है, ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और अगर सीमित मात्रा में खाए जाएं तो लाभकारी हो सकते हैं। असल बात है कि आपका पूरा खानपान कैसा है, आप कितनी मात्रा में खाते हैं, कितनी बार खाते हैं और साथ में क्या खा रहे हैं — जैसे शराब, अधिक प्यूरीन वाले मांस, मीठे पेय और आपकी जीवनशैली।
अत: जब आम का मौसम आए, तो 1-2 हिस्सा मजे से खाइए। बस ये मत सोचिए कि “ये तो बस फल है” और ज़रूरत से ज़्यादा न खाएं। इसके साथ ही अपने खान-पान पर भी ध्यान दें।
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