यूरिक एसिड शरीर में एक छोटा सा तत्व है, लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तब इससे स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, गाउट, जोड़ों में दर्द और किडनी समस्याएं। जब शरीर अतिरिक्त यूरिक एसिड को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता है, तब यह शरीर में जमा होने लगता है। इसकी वजह से इन्फ्लेमेशन व दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसी कारण अधिकांश लोग इसे प्राकृतिक तरीकों से नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं, जिसमें पेठा (ash gourd) भी शामिल है।
इस स्थिति में यह प्रश्न करना स्वभाविक है कि क्या पेठा यूरिक एसिड को सामान्य करने में सहायक है अथवा नहीं? आइए इस लेख में जानते हैं कि शोध से क्या पता चलता है, पेठा महत्वपूर्ण क्यों है और क्या यह वास्तव में यूरिक एसिड को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।
क्या पेठा यूरिक एसिड के उच्च स्तर को कम करने में मदद करता है?
पेठा (ash gourd) यूरिक एसिड को सीधे तौर पर कम नहीं करता है, लेकिन यह परोक्ष रूप से मदद कर सकता है। यह एक ऐसी सब्ज़ी है जिसमें बहुत कम प्यूरिन (purine) होता है और यह पानी से भरपूर भी होती है। प्यूरिन एक तरह का रसायन है जो कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। जब शरीर उसे पचाता है, तब यूरिक एसिड बनता है। लाल मांस, अंग मास (organ meats) और सीफूड जैसे खाद्य पदार्थों में प्यूरिन अधिक होता है, जिससे यूरिक एसिड अधिक बनता है।
पेठा लगभग 96% पानी और बहुत कम प्रोटीन से बना होता है, इसलिए यह शरीर में ज्यादा यूरिक एसिड बनने नहीं देता है। इसकी मूत्रवर्धक (diuretic) प्रकृति के कारण यह शरीर से यूरिक एसिड को पेशाब के माध्यम से निकालने में मदद कर सकता है। हालांकि, पेठा और यूरिक एसिड पर अधिक शोध नहीं हुए हैं, लेकिन फिर भी इसके लाभकारी गुण इसे उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प बनाते हैं जो अपनी डाइट पर ध्यान देना चाहते हैं।
पेठे में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सिडेंट गुण भी होते हैं। ये सीधे तौर पर यूरिक एसिड को कम नहीं करते हैं, लेकिन ये किडनी के कार्य को बेहतर और इन्फ्लेमेशन कम करने में मदद कर सकते हैं — ये दोनों ही हाई यूरिक एसिड या गाउट जैसी समस्याओं को कम करने में फायदेमंद होते हैं।
पेठे (ash gourd) में ऐसे कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
पेठे में सिर्फ पानी और फाइबर ही नहीं होते हैं, बल्कि इसमें कुछ आवश्यक पोषक तत्व भी होते हैं:
- पानी – शरीर को हाइड्रेट रखता है, जिससे यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
- पोटैशियम – किडनी को ठीक से काम करने में मदद करता है, जिससे यूरिक एसिड के लिए बाहर निकालना आसान होता है।
- विटामिन C – कुछ शोध से पता चलता है कि यह समय के साथ यूरिक एसिड को कम कर सकता है।
- कम कैलोरी, फैट और प्यूरिन – जिससे ये उन लोगों के लिए अच्छा है जिन्हें चयापचय संबंधी समस्याएं हैं या जो यूरिक एसिड को कंट्रोल करना चाहते हैं।
इसके अलावा, पेठे में फ्लावोनॉइड्स और सैपोनिन्स जैसे प्राकृतिक तत्व भी होते हैं, जो इन्फ्लेमेशन को कम करने में मदद कर सकते हैं — ये उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं जिन्हें हाई यूरिक एसिड की वजह से जोड़ों में दर्द होता है।
क्या रोज़ाना पेठा (ash gourd) खाने से यूरिक एसिड संबंधी समस्याएं ठीक हो सकती है?
ऐसा सोचना आसान है कि कोई एक खास चीज़ खाकर सारी समस्याएं ठीक हो जाएं, लेकिन सच्चाई थोड़ी अलग है।
पेठा (ash gourd) कम प्यूरिन वाली डाइट का हिस्सा बन सकता है जो यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद करता है, लेकिन ये एकमात्र इलाज नहीं है। अभी तक ऐसे कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं हैं कि सिर्फ पेठा खाने से गाउट की समस्या को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
हां, अगर आप इसे रोज़ाना खाते हैं और साथ में सही डाइट तथा जीवनशैली अपनाते हैं, तो यह गाउट के दौरे की तीव्रता या बार-बार होने की संभावना को कम करने में मदद कर सकता है।
आयुर्वेद और सिद्ध जैसे पारंपरिक इलाजों में पेठा का इस्तेमाल शरीर को ठंडा करने और विषैले पदार्थ बाहर निकालने के लिए किया जाता रहा है। इसकी पानी से भरपूर और क्षारीय (alkaline) प्रकृति शरीर में ऐसा माहौल बना सकती है जिससे यूरिक एसिड के अधिक बनने की संभावना कम हो सकती है।
क्या पेठे का जूस पीना इसकी सब्ज़ी खाने से ज्यादा फायदेमंद है?
आपने अक्सर यह सुना होगा कि पेठे का जूस खाली पेट पीने से शरीर को डिटॉक्स करने या यूरिक एसिड कंट्रोल करने में मदद मिलती है। हालांकि, इस तथ्य की पुष्टि करने के लिए कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं हैं कि इससे यूरिक एसिड सीधे तौर पर कम होता है, लेकिन इसे पीने के कुछ स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:
- शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट करता है
- हल्के मूत्रवर्धक (diuretic) की तरह काम कर सकता है
- इसमें विटामिन और खनिज पदार्थ (minerals) अधिक मात्रा में होते हैं
लेकिन इसे हमेशा ताज़ा और सीमित मात्रा में पीना चाहिए। पेठा जूस जल्दी खराब हो जाता है और अगर इसे साफ-सुथरा तरीके से न बनाया जाए, तो इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। इसमें अतिरिक्त चीनी (added sugar) या मीठे फल मिलाना सही नहीं है, विशेषकर अगर आप चपाचपय स्वास्थ्य या इंसुलिन स्तर का ध्यान रख रहे हैं, क्योंकि ये यूरिक एसिड को प्रभावित कर सकते हैं।
पेठे को सब्ज़ी के रूप में हल्का पकाकर, जैसे सूप, स्टू या करी में, खाना एक अच्छा और सुरक्षित तरीका है।
निष्कर्ष
पेठा कोई चमत्कारी खाद्य पदार्थ नहीं है, लेकिन ये एक सेहतमंद विकल्प है। यह उन लोगों के लिए लाभकारी हो सकता है, जो यूरिक एसिड को कंट्रोल करना चाहते हैं। इसमें प्यूरिन कम होता है, पानी अधिक होता है तथा यह किडनी के लिए भी लाभकारी है— इसलिए इसे यूरिक एसिड को कंट्रोल करने वाली डाइट में शामिल किया जा सकता है।
याद रखें, सिर्फ एक चीज़ से यूरिक एसिड कंट्रोल नहीं होता है। ये जीवनशैली पर निर्भर करता है — आप क्या खाते हैं, कितना पानी पीते हैं, कितना चलते हैं और क्या आपका शरीर कितनी अच्छी तरह से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाल पाता है।
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