माता-पिता के लिए अपने बच्चों के लिए सही पेय पदार्थ चुनना अक्सर मुश्किल होता है, विशेषकर जब बच्चा ज़्यादा वजन वाला हो। ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक्स एक अच्छा विकल्प लग सकते हैं — ये मीठे होते हैं लेकिन इनमें ना तो शक्कर होती है और ना ही कैलोरी। ये लाभदायक लग सकता है? लेकिन यह सही नहीं है। इस लेख में हमने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की है।
ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक्स क्या हैं और ये कैसे काम करते हैं?
ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक्स ऐसे पेय पदार्थ होते हैं जो मीठे लगते हैं लेकिन इनमें बहुत कम या बिल्कुल भी शक्कर नहीं होती है। शक्कर की जगह इनमें कुछ खास मिठास देने वाले पदार्थ डाले जाते हैं, जैसे कि एस्पार्टेम, सुक्रालोज़ या स्टीविया। ये चीज़ें शक्कर से कई गुना ज्यादा मीठी होती हैं, इसलिए इनका सेवन कम मात्रा में ही करना चाहिए।
जो बच्चे ज़्यादा वज़न वाले हैं, उनके लिए ये ड्रिंक्स एक अच्छा विकल्प लग सकते हैं। थोड़े समय में ये ड्रिंक्स शक्कर और कैलोरी कम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन लंबे समय में स्वास्थ्य पर इनका असर स्पष्ट नहीं है।
कुछ शोध से पता चलता है कि अगर बच्चे मीठे शुगर वाले ड्रिंक्स की जगह ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक्स पिएं, तो उनकी कैलोरी कम हो सकती है और वजन भी कम बढ़ता है। लेकिन कुछ अन्य शोध से पता चलता हैं कि ये मीठे ड्रिंक्स शरीर को भ्रमित कर सकते हैं, जिससे बच्चे बाद में ज़्यादा खाना खा सकते हैं क्योंकि उनका शरीर भूख के संकेत को समझ नहीं पाता है।
क्या ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक्स ज़्यादा वजन वाले बच्चों की वजन कम करने में मदद करते हैं?
कई माता-पिता सोचते हैं कि अगर वे अपने बच्चों को आम मीठे कोल्ड ड्रिंक्स की जगह शुगर-फ्री ड्रिंक देना शुरू करें, तो उनका वजन कम हो सकता है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है। मीठी ड्रिंक्स की जगह ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक देने से शक्कर और कैलोरी ज़रूर कम होती हैं, लेकिन इससे अपने आप वजन कम नहीं होता है।
किसी बच्चे का वजन सिर्फ एक ड्रिंक की वजह से ही नहीं बढ़ता है बल्कि इसमें उसकी जीवनशैली के कारक भी शामिल होते हैं—जैसे खानपान, रोज़ाना व्यायाम, नींद और उसका मानसिक स्वास्थ्य भी। उदाहरण के लिए, अगर बच्चा ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक तो पीता है लेकिन साथ में ढेर सारा जंक फूड जैसे चिप्स, मिठाइयाँ और फ्राइड खाना खाता है, तो ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता है।
कुछ शोध से पता चलता है कि जो बच्चे अक्सर शुगर-फ्री ड्रिंक पीते हैं, उन्हें और मीठा खाने की इच्छा हो सकती है। इससे वे ज़्यादा स्नैक्स खाते हैं, जिससे कैलोरी फिर से बढ़ जाती है। फिर भी, अगर इन ड्रिंक्स का प्रयोग समझदारी से किया जाए और बच्चे का खानपान संतुलित हो, तो ये धीरे-धीरे शक्कर कम करने में मदद कर सकते हैं।
क्या ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक बच्चों के लिए लंबे समय तक सुरक्षित हैं?
माता-पिता अक्सर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक्स में प्रयोग होने वाले कुछ स्वीटनर—जैसे एस्पार्टेम, सुक्रालोज़, और एसेसुल्फेम पोटैशियम—दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा मंजूर हैं, जैसे कि U.S. Food and Drug Administration (FDA) और the European Food Safety Authority (EFSA)। इसका अर्थ है कि इन्हें कम मात्रा में पीना सुरक्षित माना जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में सावधानी बरतने की सलाह दी है। 2023 में WHO की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि विशेषकर बच्चों के लिए, लंबे समय तक शुगर-फ्री स्वीटनर का प्रयोग वजन कम करने के लिए ठीक नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह अब तक स्प्ष्ट नहीं है कि ये स्वीटनर शरीर की चर्बी कम करने में मदद करते हैं या नहीं।
इसका अर्थ यह नहीं है कि कभी-कभी डाइट सोडा पीना गलत है। लेकिन हर दिन ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक पीना बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। साथ ही, जब बच्चे बहुत मीठे पेय पदार्थों के आदी हो जाते हैं—चाहे उनमें शक्कर हो या ना हो—तब उन्हें सामान्य ड्रिंक्स पसंद नहीं आती है।
ज़्यादा वजन वाले बच्चों के लिए सेहतमंद पेय पदार्थ क्या हैं?
यह सोचना आवश्यक है कि बच्चे लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए क्या पीना चाहिए। पानी सबसे अच्छा विकल्प है—यह बच्चों को हाइड्रेट करता है, इसमें कोई शक्कर नहीं होती और बच्चों को कम मीठा स्वाद पसंद करने की आदत डालता है। दूध भी अच्छे से कम मात्रा में पीना चाहिए क्योंकि इसमें कैल्शियम और प्रोटीन जैसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं। माता-पिता ताज़े फल के स्वाद वाला पानी या बिना शक्कर वाला फलों का रस पानी में मिलाकर भी दे सकते हैं, इससे पेय पदार्थ स्वादिष्ट बनता है।
माता-पिता स्कूल के लिए बच्चों के साथ घर पर बने हेल्दी ड्रिंक भी भेज सकते हैं, जैसे नींबू या खीरे वाला पानी या बिना कैफीन वाली हल्की हर्बल चाय। ये पेय पदार्थ शक्कर कम करते हैं और बच्चों को प्राकृतिक स्वाद पसंद करना सिखाते हैं।
शुगर वाले या ज़ीरो-कैलोरी सोडा की जगह ये विकल्प देने से बच्चे अच्छी आदतें बना सकते हैं जो जीवन भर काम आती है। जब बच्चे पानी और कम मीठे पेय पसंद करने लगेंगे, तब बड़े होकर वे सोडा, चाहे सामान्य हो या डाइट, कम पीते हैं।
क्या ज़्यादा वजन वाले बच्चों को ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक पीनी चाहिए?
इसका संक्षिप्त उत्तर है: कभी-कभी हां, लेकिन रोज़ नहीं। ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक मीठे सोडा की जगह कभी-कभी एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं, जैसे पार्टी या खास मौके पर। ये शक्कर कम करने में मदद करते हैं क्योंकि बच्चों को दिन में 25 ग्राम (लगभग 6 चम्मच) से ज्यादा शक्कर नहीं लेनी चाहिए।
लेकिन रोज़ाना के लिए पानी, दूध और प्राकृतिक कम शक्कर वाले पेय पदार्थ सबसे अच्छे हैं। ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक हर रोज़ नहीं पीनी चाहिए। माता-पिता को बच्चों को स्वस्थ आदतें बनानी चाहिए ताकि वे शक्कर कम लें और कम मीठा स्वाद वाली ड्रिंक्स पसंद करना सीखते हैं।
निष्कर्ष
बचपन में मोटापा एक जटिल समस्या है। माता-पिता अपने बच्चों के लिए सही फैसले लेना चाहते हैं, लेकिन यह हमेशा आसान नहीं होता है। ज़ीरो-कैलोरी ड्रिंक्स एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है लेकिन ये कोई जादुई उपाय नहीं हैं। ये थोड़े समय के लिए शक्कर कम कर सकते हैं, लेकिन बच्चों को फिर भी संतुलित भोजन और अच्छी आदतों की आवश्यकता होती है।
सबसे बेहतर यह है कि बच्चों को पानी पीने या शुगर-फ्री ड्रिंक कम पीने की आदत डालनी चाहिए। यह उनके समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है।
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