हेयर रिमूवल क्रीम व त्वचा पर इसका असर

सब सुन्दर दिखना चाहते हैं खासतौर पर महिलाएं और इस होड़ में वे अपने शरीर पर किसी भी प्रकार के उत्पादों का इस्तेमाल कर लेती है। अनचाहे बालों से निजात पाने वाली क्रीम बाजार में भरी हुई हैं पर क्या ये हमारे शरीर के लिए सही हैं? आइये जानते हैं कुछ बाते व तथ्य...

आजकल बाजार में महिलाओं को गोरा बनाने, पतला बनाने से लेकर त्वचा को मखमल-सा बनाने वाले सारे उत्पाद मौजूद हैं। महिलाएं भी बाजारवाद की भेंट चढ़ जाती हैं और इनका इस्तेमाल बिना किसी परामर्श के करने लगती हैं। लेकिन ऐसा करना गंभीर परिणाम भी दे सकता है। 

दिव्यम शेट्टी बताती हैं कि एक प्रसिद्ध हेयर रिमूवल लगाने के बाद उनकी त्वचा का रंग काला पड़ गया और काले-काले धब्बे भी आ गए। वहींं प्रमिला श्रीनिवास बताती हैं कि जहाँ इन क्रीम्स को लगाना एक पल को बहुत आधुनिक महसूस कराता था वहीँ कुछ समय बाद काले धब्बे और त्वचा का कालापन हटाने के लिए दूसरी कोई क्रीम उपयोग करनी पड़ती है। अनामिका बताती हैं कि पहली बार क्रीम का इस्तेमाल करने पर पूरी त्वचा पर लाल-लाल चकत्ते आ गए और उनमें बहुत खुजली भी होती थी। इन क्रीम्स को लगाना बंद करने के पूरे तीन साल बाद जाकर त्वचा वापस सामान्य हुई। 

लक्षणों की करें पहचान

कंसलटेंट डरमेटोलोजिस्ट एवं कॉस्मेटोलोजिस्ट डॉ. अरुणा प्रसाद बताती हैं कि कोई भी हेयर रिमूवल क्रीम सुरक्षित है या नहीं यह उसे इस्तेमाल करने वाले की त्वचा पर निर्भर करता है क्योंकि कुछ लोगों को किसी तरह की एलर्जी या खुजली नहीं होती है। वहीं कुछ लोगों में एलर्जी या खुजली की समस्या देखी जाती है लेकिन किसी भी हेयर रिमूवल को इस्तेमाल करने से पहले एक बार टेस्ट करना जरुरी होता है। 

यह भी हो सकता है कि टेस्ट के दौरान किसी तरह के लक्षण ना दिखें लेकिन इस्तेमाल करने के दौरान लक्षण दिख सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस्तेमाल करने के दौरान हेयर रिमूवल क्रीम की मात्रा और लंबे समय तक त्वचा के साथ संपर्क आने पर लक्षण दिखाई दे सकते हैं, इसलिए बेहतर है कि यदि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं, उसका इस्तेमाल रोक दिया जाए। 

निश्चित करें क्रीम की जगह

डॉ. शेफाली ट्रासी कहती हैं, “सबसे पहले आपको ये निश्चित करना होगा कि आप शरीर के किस भाग में हेयर रिमूवल क्रीम लगा रहे हैं क्योंकि देखा जाए तो शरीर के बाहरी हिस्सों पर हेयर रिमूवल क्रीम लगाना भले ही सही हो सकता है लेकिन शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है क्योंकि इस तरह की क्रीम प्यूबिक हेयर रिमूव करने के लिए सही नहीं होती है। इसके इस्तेमाल से स्किन एलर्जी, कालापन और पिगमेंटेशन की समस्या हो सकती है। हालांकि लोग इस तरह की क्रीम पसंद करते हैं क्योंकि ये हेयर रिमूव करने के लिए आसान और दर्द रहित तरीका होता है मगक हेयर रिमूवल क्रीम को प्यूबिक हिस्से में लगाने से बचना चाहिए। 

अगर हेयर रिमूवल क्रीम लगाना ही है, तो सबसे पहले उस हिस्से को साफ कर लें और छोटा सा एक पैच टेस्ट कर लें। साथ ही इस तरह के क्रीम खरीदने से पहले इसके सुगंध की पहचान जरुर कर लें क्योंकि हो सकता है कि आपको किसी निश्चित सुगंध से एलर्जी हो। अगर आप किसी एलर्जी से पीड़ित हैं, तो इसे इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह जांच ले। साथ ही संभव हो तो त्वचा विशेषज्ञ से एक बार सलाह ज़रूर लेनी चाहिए। 

होता है केमिकल का इस्तेमाल

हेयर रिमूवल क्रीम्स में मुख्यतः थियोग्लाइकोलिक एसिड (Thioglycolic acid) होता है। यह थियोग्लाइकोलिक एसिड पोटेशियम और कैल्शियम थियोग्लाइकोलेट्स जैसे विभिन्न लवणों के रूप में और शुद्ध थियोग्लाइकोलिक एसिड के रूप में भी मौजूद होता है, जो केराटिन को तोड़ने का काम करता है ताकि बाल आसानी से निकल सकें। 

एक रिसर्च के अनुसार थियोग्लाइकोलिक एसिड का उपयोग आमतौर पर कोस्मेटिक के तरह होता है। इसके त्वचा, आंख, पाचन तंत्र और श्वसन तंत्र के संपर्क में आने पर गंभीर जलन और रसायनिक रिएक्शन होने का खतरा होता है। रिसर्च द्वारा जारी एक उदाहरण के अनुसार आंखों में थियोग्लाइकोलिक एसिड की छिंटे पड़ जाने पर आंखों को बहुत नुकसान हो सकता है।

शरीर पर क्यों जरुरी हैं बाल 

शरीर पर बालों का होना भी जरुरी है क्योंकि ये एक परत का काम करते हैं, जो हमें सूरज की किरणों से बचाता है। हेयर फोलिकल्स में स्टेम सेल्स मौजूद होते हैं, जो घावों या किसी प्रकार के चोट को जल्द भरने में मदद करते हैं। Eyebrows के बाल आंखों को पसीना, बैक्टेरियल संक्रमण से बचाने का काम करते हैं। पैरों में मौजूद बाल भी बहुत तरह से लाभदायक होते हैं क्योंकि हेयर फोलिकल्स में रक्त प्रवाह अच्छा होता है, जो पैरों में ऑक्सीजन आदि पहुंचाने में भी मदद करता है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पैरों या निचले पैर पर बालों का प्राकृतिक रूप से झड़ना peripheral artery disease का लक्षण हो सकता है।

टैबू को तोड़ती महिलाएं

The last taboo: women, body hair and feminism में Karin Lesnik-Oberstein ने बड़े ही बेहतर तरीके से लिखा है कि किस तरह महिलाओं के शरीर पर बाल होने पर लोग उसे बिल्कुल भी सामान्य नहीं समझते। क्यों महिलाओं के शरीर पर उगे बालों को शर्म और हेय की दृष्टि से देखा जाता है। इसके अलावा Miley Cyrus ने भी अपने इंस्टाग्राम पर बांहों के नीचे (अंडर र्आम्स) के बालों को दिखाते हुए एक फोटो पोस्ट कर यह जताने की कोशिश की थी कि अंडर र्आम्स के बाल भी सामान्य होते हैं। 

यहाँ यह तर्क भी दिया जाता है कि जब पुरुषों के पैरों, हाथों आदि जगहों पर उग आए बाल सामान्य माने जाते हैं, तब एक महिला के शरीर के बाल क्यों सामान्य श्रेणी में नहीं आते? हालाँकि, शारीरिक स्वच्छता कि दृष्टि से बाल हटाना कोई गलत बात नहीं है लेकिन सिर्फ भेड़ चाल का हिस्सा बनने के लिए ऐसा करना शरीर के लिए गलत है।

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